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एफएसएल टीम ने की डॉ.बंसल पर हमले में जांच
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 16 Sep 2015 01:20 AM IST
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इलाहाबाद। जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.एके बंसल पर हमले की घटना में जार्जटाउन थाने की पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए बिल्डर संजीव अग्रवाल के निर्माणाधीन विनायक सिद्धेश्वरी अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की है। हालांकि फुटेज से पुलिस को खास सुराग नहीं मिले।
इसी बीच मंगलवार को लखनऊ से फोरेंसिक लैब की टीम ने आकर डॉ. बंसल के निवास के सामने घटनास्थल पर जांच की। गाड़ी पर हमले का रूपांतरण कर यह जानने की कोशिश की गई कि हमला किधर से कैसे हुआ। डॉ.बंसल से वे कपड़े भी मांगे गए हैं जो उन्होंने घटना के वक्त पहने थे। उसकी भी फोरेंसिक लैब में जांच की जाएगी। पुलिस की कोशिश है कि जांच में तेजी लाकर घटना का जल्द राजफाश किया जाए।
डॉ.एके बंसल पर चार सितंबर की रात हुए हमले के 11 रोज बाद भी जार्जटाउन थाने की पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस घटना में बिल्डर संजीव अग्रवाल समेत चार लोगों पर हमला कराने का शक जताया गया है। घटना की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक तारकेश्वर राय ने बताया कि उन्होंने मुकदमे के वादी डॉ.बंसल का बयान दर्ज कर लिया है मगर बिल्डर समेत चार संदिग्ध से अभी बात नहीं की गई क्योंकि अभी उनके खिलाफ ठोस सुबूत नहीं मिले हैं। डॉ.बंसल की इनोवा गाड़ी पर गोली-बम से हमला जार्जटाऊन में अमरनाथ झा मार्ग स्थित उनके निवास के सामने हुआ था।
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वह हॉस्पिटल से घर लौटे तभी गेट से पहले उनकी गाड़ी पर फायरिंग और बमबाजी की गई थी। डॉ.बंसल और उनके साथ मौजूद डॉ.राघवेंद्र साफ बच गए थे। गाड़ी का कांच टूट गया था। गाड़ी पर गोली लगने का निशान मिला था जिसे काटकर एफएसएल भेज दिया गया।
सोमवार रात विवेचक तारकेश्वर राय ने पुलिस टीम के साथ जाकर डॉ.बंसल के निवास से सटे बिल्डर संजीव अग्रवाल के निर्माणाधीन विनायक सिद्धेश्वरी अपार्टमेंट के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल की। मगर इस फुटेज में हमले से जुड़ा कोई दृश्य नहीं दिखा है। डॉ.बंसल और बिल्डर संजीव के बीच टकराव तथा खुन्नस की वजह यही अपार्टमेंट की जमीन है। डॉ.बंसल ने इस जमीन पर अपना दावा जताया था मगर बिल्डर ने उसे खरीदकर ग्यारह मंजिला अपार्टमेंट बना दिया। इसी जमीन की वजह से बिल्डर और डॉक्टर के बीच टकराव शुरू हो गया।
मंगलवार को लखनऊ से एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के उप निदेशक केके शर्मा ने वरिष्ठ वैज्ञानिक संजय खरे, मुकेशचंद्र शर्मा, एके श्रीवास्तव, फोटो विशेषज्ञ अरुण कुमार शुक्ला के साथ इलाहाबाद आकर घटनास्थल पर देर तक पड़ताल की। डॉ.बंसल और उनके साथ गाड़ी में रहे डॉ.राघवेंद्र से घटना के बारे में बात की गई।
उन्हें गाड़ी में बैठाकर पूछा गया कि हमला कैसे हुआ, किधर से हुआ, उन्होंने क्या देखा और फिर क्या किया? इनोवा के अंदर और बाहर से जांच के लिए नमूने उठाए गए। उप निदेशक केके शर्मा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि कपड़ों की रासायनिक जांच होगी। मंगलवार को मौके पर की गई पड़ताल में बारे में लखनऊ स्थित एफएसएल में विश्लेषण किया जाएगा।
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इसी बीच मंगलवार को लखनऊ से फोरेंसिक लैब की टीम ने आकर डॉ. बंसल के निवास के सामने घटनास्थल पर जांच की। गाड़ी पर हमले का रूपांतरण कर यह जानने की कोशिश की गई कि हमला किधर से कैसे हुआ। डॉ.बंसल से वे कपड़े भी मांगे गए हैं जो उन्होंने घटना के वक्त पहने थे। उसकी भी फोरेंसिक लैब में जांच की जाएगी। पुलिस की कोशिश है कि जांच में तेजी लाकर घटना का जल्द राजफाश किया जाए।
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डॉ.एके बंसल पर चार सितंबर की रात हुए हमले के 11 रोज बाद भी जार्जटाउन थाने की पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस घटना में बिल्डर संजीव अग्रवाल समेत चार लोगों पर हमला कराने का शक जताया गया है। घटना की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक तारकेश्वर राय ने बताया कि उन्होंने मुकदमे के वादी डॉ.बंसल का बयान दर्ज कर लिया है मगर बिल्डर समेत चार संदिग्ध से अभी बात नहीं की गई क्योंकि अभी उनके खिलाफ ठोस सुबूत नहीं मिले हैं। डॉ.बंसल की इनोवा गाड़ी पर गोली-बम से हमला जार्जटाऊन में अमरनाथ झा मार्ग स्थित उनके निवास के सामने हुआ था।
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वह हॉस्पिटल से घर लौटे तभी गेट से पहले उनकी गाड़ी पर फायरिंग और बमबाजी की गई थी। डॉ.बंसल और उनके साथ मौजूद डॉ.राघवेंद्र साफ बच गए थे। गाड़ी का कांच टूट गया था। गाड़ी पर गोली लगने का निशान मिला था जिसे काटकर एफएसएल भेज दिया गया।
सोमवार रात विवेचक तारकेश्वर राय ने पुलिस टीम के साथ जाकर डॉ.बंसल के निवास से सटे बिल्डर संजीव अग्रवाल के निर्माणाधीन विनायक सिद्धेश्वरी अपार्टमेंट के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल की। मगर इस फुटेज में हमले से जुड़ा कोई दृश्य नहीं दिखा है। डॉ.बंसल और बिल्डर संजीव के बीच टकराव तथा खुन्नस की वजह यही अपार्टमेंट की जमीन है। डॉ.बंसल ने इस जमीन पर अपना दावा जताया था मगर बिल्डर ने उसे खरीदकर ग्यारह मंजिला अपार्टमेंट बना दिया। इसी जमीन की वजह से बिल्डर और डॉक्टर के बीच टकराव शुरू हो गया।
मंगलवार को लखनऊ से एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के उप निदेशक केके शर्मा ने वरिष्ठ वैज्ञानिक संजय खरे, मुकेशचंद्र शर्मा, एके श्रीवास्तव, फोटो विशेषज्ञ अरुण कुमार शुक्ला के साथ इलाहाबाद आकर घटनास्थल पर देर तक पड़ताल की। डॉ.बंसल और उनके साथ गाड़ी में रहे डॉ.राघवेंद्र से घटना के बारे में बात की गई।
उन्हें गाड़ी में बैठाकर पूछा गया कि हमला कैसे हुआ, किधर से हुआ, उन्होंने क्या देखा और फिर क्या किया? इनोवा के अंदर और बाहर से जांच के लिए नमूने उठाए गए। उप निदेशक केके शर्मा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि कपड़ों की रासायनिक जांच होगी। मंगलवार को मौके पर की गई पड़ताल में बारे में लखनऊ स्थित एफएसएल में विश्लेषण किया जाएगा।