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लघु उद्योग निगम को 37 लाख का चूना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 26 Jan 2017 01:44 AM IST
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उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के खाते से फर्जी चेक लगाकर शातिरों ने लगभग 37 लाख रुपये निकाल लिए। खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी पर विभाग में खलबली मच गई। अफसरों ने मामले की जांच की तो पता चला कि जिस नंबर के चेकों से बैंक ने भुगतान किया है, उस नंबर के दोनों चेक विभाग की चेकबुक में मौजूद हैं, वहां से काटे नहीं गए। प्रबंधक केएन गुप्ता ने धोखाधड़ी की शिकायत कर्नलगंज थाने में की। पुलिस मुकदमा लिखकर पड़ताल कर रही है।
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड का दफ्तर ममफोर्डगंज में है। विभाग का खाता पंजाब नेशनल बैंक की कर्नलगंज शाखा में है। 16 जनवरी को चेक के माध्यम से 16 लाख 95 हजार रुपये मदरसा अली हसम के खाते में ट्रांसफर हुए। तीन दिन बाद फिर लघु उद्योग निगम के खाते से ही 20 लाख रुपये का ट्रांसफर बजरंग के नाम पर हुआ। इसका पता चलने पर अफसरों ने बैंक से जानकारी ली तो बताया गया कि चेक के माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई है।
चेकबुक की पड़ताल पर पता चला कि दोनों चेक बुक में मौजूद हैं। जिस तरीके से शातिरों ने इस काम को अंजाम दिया है, उससे विभाग के लोग शक के घेरे में हैं। मामले की जांच करे रहे एसआई शरद गुप्ता के मुताबिक आशंका है कि चेक को स्कैन कर फर्जी चेक तैयार किए गए और फिर काम को अंजाम दिया गया। फिलहाल, केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड का दफ्तर ममफोर्डगंज में है। विभाग का खाता पंजाब नेशनल बैंक की कर्नलगंज शाखा में है। 16 जनवरी को चेक के माध्यम से 16 लाख 95 हजार रुपये मदरसा अली हसम के खाते में ट्रांसफर हुए। तीन दिन बाद फिर लघु उद्योग निगम के खाते से ही 20 लाख रुपये का ट्रांसफर बजरंग के नाम पर हुआ। इसका पता चलने पर अफसरों ने बैंक से जानकारी ली तो बताया गया कि चेक के माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई है।
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चेकबुक की पड़ताल पर पता चला कि दोनों चेक बुक में मौजूद हैं। जिस तरीके से शातिरों ने इस काम को अंजाम दिया है, उससे विभाग के लोग शक के घेरे में हैं। मामले की जांच करे रहे एसआई शरद गुप्ता के मुताबिक आशंका है कि चेक को स्कैन कर फर्जी चेक तैयार किए गए और फिर काम को अंजाम दिया गया। फिलहाल, केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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