फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Four were killed in the devastation of Gale Storm

आंधी की तबाही में गई चार की जान

Thu, 26 May 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 26 May 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
Four were killed in the devastation of Gale Storm
आंधी-तूफान से हुई तबाही - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
जिले में बुधवार भोर और दोपहर में आए तूफान ने जमकर तबाही मचाई। पेड़ की डाल गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। 
विज्ञापन


मऊआइमा के मुस्तफाबाद की आंसमा (75) पत्नी अब्दुल हमीद तूफान आने के बाद पेड़ के नीचे बंधी बकरियों को हटाने के लिए घर से बाहर निकली। वह बकरियां खोल रही थी तभी नीम के पेड़ की एक डाल उसके ऊपर गिर गई। वह उसके नीचे दब गई। शोरगुल मचा तो घरवाले और गांव के लोग पहुंचे। जब तक डाली हटाई जाती आसमां दम तोड़ चुकी थी। आसमां की मौत से कोहराम मच गया। गंगापार में हंडिया के आमेपुर गांव के अकबर अली ईंट-भट्ठा कारोबारी हैं। उनका बेटा मोहम्मद इरफान (14) घर के बाहर सो रहा था। भोर में आंधी आने के बाद घर के लोग अंदर जाने के लिए उठकर भागे। इरफान भी अंदर जा रहा था तभी आम के पेड़ की डाल इरफान पर गिरी और मौके पर ही मौत हो गई।

आठवीं के छात्र की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटा होने के  चलते वह सबका चहेता था। उसकी मौत ने घरवालों को गहरा आघात लगा है। वहीं यमुनापार इलाके में बुधवार दोपहर आए भीषण तूफान ने भारी तबाही हुई। बारा के मदरहा गांव में आधी के चलते रेलवे लाइन के बगल में लगे यूकेलिप्ट्स के पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए। जिसके चलते रेल यातायात बाधित हो गया। आरोप है कि रेलवे कर्मचारियों ने आसपास रहने वाले गरीब मजदूरों को लकड़ी लालच देकर काम पर लगा दिया। गांव का ही अमृतलाल प्रजापति (45) रेलवे लाइन पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाने लगा। वह पेड़ काट रहा था तभी बिजली के तार पर गिरी डाली से झटका खाकर अमृतलाल ट्रैक पर गिरा। सिर के बल गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन


अमृतलाल की मौत से पत्नी अनारकली और बच्चों का रोकर बुरा हाल है। वहीं रेलवे अफसरों का कहना था कि अमृतलाल को पेड़ हटाने के लिए नहीं बुलाया गया। लगभग दो घंटे तक मौके पर ग्रामीणों और रेलवे कर्मचारियों के बीच नोंकझोंक होती रही। ग्रामीणों की मांग थी कि रेलवे प्रशासन मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दे। वहीं लालापुर के घोघर गांव में दुबरी पाल की पत्नी चंद्रकली (45) घर के बाहर आम के पेड़ की छांव में बैठी थीं। तूफान आने के बाद वह घर के अंदर भागी लेकिन तब तक एक डाल टूटकर उसके ऊपर गिरी और मौके पर ही मौत हो गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed