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प्रतिशोध में किए थे चार कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 17 Jul 2017 02:11 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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प्रदेश भर में चर्चित रहे नवाबगंज के सहावपुर जूड़ापुर गांव में 23 अप्रैल की रात दंपति और दो बेटियों की बेरहमी से हत्या की नए सिरे से छानबीन के बाद पुलिस ने बीए के एक छात्र को उसके तीन साथियों समेत पकड लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी छात्र ने चार कत्ल की साजिश रची थी। दंपति की एक बेटी से पहले उसका प्रेम संबंध था। मगर युवती की किसी और युवक से दोस्ती हो गई तो बौखलाए छात्र ने बदला लेने के लिए खौफनाक घटना कर डाली। हत्या से पहले युवती की बहन के साथ गैंगरेप किया गया था। छात्र के घर से चाकू और कपड़े बरामद हुए हैं। रविवार रात तक युवकों से पूछताछ होती रही।
सहावपुर गांव में 23 अप्रैल की रात घर के भीतर मक्खनलाल गुप्ता, उनकी पत्नी मीना और 17 तथा 19 साल की दो बेटियों का कत्ल कर दिया गया था। घटना वाली रात एक बेटी बबिता शिमला में थी जबकि बेटा रंजीत प्रतापगढ़ गया था। रंजीत ने अपने पड़ोस में रहने वाले पांच लोगों के खिलाफ कत्ल का केस लिखाया था। आरोप लगाया कि होली के दौरान झगड़े के बाद उन लोगों ने धमकी दी थी। पुलिस ने नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया लेकिन उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला। पुलिस भी मान रही थी कि कातिल कोई और है। मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एसटीएफ को जांच सौंप दी थी।
एसटीएफ ने फोरेसिंक टीम के साथ कई बार घटनास्थल का मुआयना किया। कॉल डिटेल चेक किए। कई लोगों से पूछताछ की। शनिवार रात नवाबगंज पुलिस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर हत्याकांड में चार युवकों को पकड़ लिया। ये सभी बीए और इंटर के छात्र हैं। पकडे़ गए युवकों में लखनपुर करन गांव निवासी गुलाब मौर्या का पुत्र नीरजा मौर्या, प्रदीप पटेल, मोहित पाल और तुलसीपुर गांव सोरांव का सत्येंद्र पटेल है। बीए का छात्र नीरज ही इस घटना का सूत्रधार है। पुलिस ने नीरज के घर में तलाशी लेकर दो चाकू तथा कपड़े जब्त किए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यही चाकू कत्ल में इस्तेमाल हुए थे। खून सने कपडे़ नीरज ने धो दिए थे।
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अफसर इस बारे में अभी ज्यादा नहीं बता रहे हैं लेकिन पुलिस सूत्रों से पता चला कि नीरज ने प्रतिशोध में यह वारदात की। दरअसल, दंपति की बड़ी बेटी से उसका प्रेम संबंध था। वह भी बीए की छात्रा थी। वे दोनों पचदेवरा स्थित सूरजदीन भगवानदीन इंटरमीटिए कॉलेज में कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाने जाते थे। उसने छात्रा पर काफी पैसे भी खर्च किए। मगर घटना से कुछ समय पहले छात्रा नीरज से मिलने और बात करने से कतराने लगी। नीरज को पता चला कि उसने किसी और युवक के दोस्ती कर ली है। गुस्से में उसने छात्रा को धमकाया और अपने सात हजार रुपये भी वापस मांगे। इस पर छात्रा ने उसे अपशब्द कह दिए। गुस्से में भन्नाए नीरज ने छात्रा को परिवार समेत मारने की ठान ली। उसने दोस्तों मोहित, प्रदीप और सत्येंद्र की मदद से 23 अप्रैल की रात छात्रा से दरवाजा खुलवाने के बाद वारदात कर डाली। पहले उसके माता-पिता को मार डाला। फिर छोटी बहन से सामूहिक बलात्कार के बाद उन दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद वे अपने घर चले गए।
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सहावपुर गांव में 23 अप्रैल की रात घर के भीतर मक्खनलाल गुप्ता, उनकी पत्नी मीना और 17 तथा 19 साल की दो बेटियों का कत्ल कर दिया गया था। घटना वाली रात एक बेटी बबिता शिमला में थी जबकि बेटा रंजीत प्रतापगढ़ गया था। रंजीत ने अपने पड़ोस में रहने वाले पांच लोगों के खिलाफ कत्ल का केस लिखाया था। आरोप लगाया कि होली के दौरान झगड़े के बाद उन लोगों ने धमकी दी थी। पुलिस ने नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया लेकिन उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला। पुलिस भी मान रही थी कि कातिल कोई और है। मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए एसटीएफ को जांच सौंप दी थी।
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एसटीएफ ने फोरेसिंक टीम के साथ कई बार घटनास्थल का मुआयना किया। कॉल डिटेल चेक किए। कई लोगों से पूछताछ की। शनिवार रात नवाबगंज पुलिस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर हत्याकांड में चार युवकों को पकड़ लिया। ये सभी बीए और इंटर के छात्र हैं। पकडे़ गए युवकों में लखनपुर करन गांव निवासी गुलाब मौर्या का पुत्र नीरजा मौर्या, प्रदीप पटेल, मोहित पाल और तुलसीपुर गांव सोरांव का सत्येंद्र पटेल है। बीए का छात्र नीरज ही इस घटना का सूत्रधार है। पुलिस ने नीरज के घर में तलाशी लेकर दो चाकू तथा कपड़े जब्त किए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यही चाकू कत्ल में इस्तेमाल हुए थे। खून सने कपडे़ नीरज ने धो दिए थे।
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अफसर इस बारे में अभी ज्यादा नहीं बता रहे हैं लेकिन पुलिस सूत्रों से पता चला कि नीरज ने प्रतिशोध में यह वारदात की। दरअसल, दंपति की बड़ी बेटी से उसका प्रेम संबंध था। वह भी बीए की छात्रा थी। वे दोनों पचदेवरा स्थित सूरजदीन भगवानदीन इंटरमीटिए कॉलेज में कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाने जाते थे। उसने छात्रा पर काफी पैसे भी खर्च किए। मगर घटना से कुछ समय पहले छात्रा नीरज से मिलने और बात करने से कतराने लगी। नीरज को पता चला कि उसने किसी और युवक के दोस्ती कर ली है। गुस्से में उसने छात्रा को धमकाया और अपने सात हजार रुपये भी वापस मांगे। इस पर छात्रा ने उसे अपशब्द कह दिए। गुस्से में भन्नाए नीरज ने छात्रा को परिवार समेत मारने की ठान ली। उसने दोस्तों मोहित, प्रदीप और सत्येंद्र की मदद से 23 अप्रैल की रात छात्रा से दरवाजा खुलवाने के बाद वारदात कर डाली। पहले उसके माता-पिता को मार डाला। फिर छोटी बहन से सामूहिक बलात्कार के बाद उन दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद वे अपने घर चले गए।