पत्नी की लाश के साथ गुजार दिए चार दिन
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मूल रूप से इलाहाबाद शहर का निवासी राजाराम सिंह करीब दो दशक से मेजा चौराहे पर सिरसा रोड स्थित दो कमरों के मकान में पत्नी अंजू देवी (46) के साथ किराए पर रहता है। उसकी कोई संतान नहीं है। वह बताशा बनाकर दुकानदारों को बेचता और इसके जरिए ही गुजारा करता रहा। इधर चार दिन से पड़ोसियों को उसकी पत्नी अंजू नहीं दिख रही थी। पूछने पर राजाराम टाल जाता। वह अपने कारोबार में ही व्यस्त रहता। मंगलवार शाम पड़ोसी दुकानदार प्रमोद सोनकर को जब तेज बदबू का अहसास हुआ तो उसने राजाराम से पूछा। वह टाल गया तो प्रमोद जबरन उसके घर में घुसा। पिछले कमरे में अंजू का शव देख वह स्तब्ध रह गया। शव में सड़न शुरू होने से तेज दुर्गंध फैल रही थी। राजाराम से इस बारे में पूछा गया तो उसने बेफिक्री से कहा कि बीमार थी।
मर गई तो क्या हुआ? काम में इतना फंसा रहा कि ध्यान ही नहीं दे पाया क्रियाकर्म करने के लिए। कुछ देर में खबर पाकर मेजा रोड चौकी प्रभारी प्रिंस दीक्षित और सिरसा चौकी प्रभारी कुलदीप तिवारी पहुंच गए। पुलिसवाले भी हैरान थे कि चार रोज से राजाराम पत्नी के शव के पास सोता रहा। उसी कमरे में खाना बनाकर खाया और काम में इतना तल्लीन रहा कि पत्नी की मौत से उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ा। पता चला कि अंजू देवी को दो महीने से बीमारी थी। उसे कोई फोड़ा भी हो गया था मगर राजाराम ने इलाज पर भी जरा भी ध्यान नहीं दिया था।