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फौजी के साथ नौ लाख की ऑनलाइन ठगी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:43 AM IST
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ऑनलाइन ठगी करने वालों ने एक फौजी को अपना निशाना बनाकर लगभग नौ लाख रुपये ठग लिए। फौजी को बताया गया कि उनकी तीन करोड़ 35 लाख की लाटरी निकली है। एयरपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी देने के नाम पर फौजी से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लिए। बाद में जब वह मोबाइल बंद हो गया तब फौजी को अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी की गई है। एसपी क्राइम के आदेश पर बुधवार को शिवकुटी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
ओल्ड कैंट तेलियरगंज के रहने वाले मणि प्रसाद पंडा सेना में कार्यरत हैं। चार अगस्त को उन्हें एक मेल आई। इसमें किसी यूटी कंपनी की ओर से उनके नाम तीन करोड़ 35 लाख की लाटरी निकलने का जिक्र था। मणि प्रसाद ने इसे मजाक समझा, लेकिन कुछ देर बाद किसी विदेशी का उनके मोबाइल पर फोन भी आ गया। बताया कि उनके मोबाइल नंबर को लाखों नंबर में से कंप्यूटर ने रैंडमली चुना है। मणि प्रसाद को यकीन हो गया। बताया गया कि एक व्यक्ति को पैसों के साथ भेजा जा रहा है। कुछ दिन बाद उनके मोबाइल पर फिर उसी विदेशी व्यक्ति का फोन आया कि वह पैसे लेकर इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर आ गया है। पैसे डालर में हैं। इस पर करीब आठ लाख 89 लाख नौ सौ रुपये कस्टम ड्यूटी लगी है। उसने एक खाता नंबर भी बताया और कहा कि इसी पर पैसे ट्रांसफर कर दें। इतनी बड़ी रकम देने से पहले मणि प्रसाद घबरा गए लेकिन लालच की वजह से उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथारिटी के किसी शख्स से बात करा दें। उस व्यक्ति ने एक महिला से बात कराई। महिला ने कस्टम ड्यूटी और तीन करोड़ 35 लाख होने की बात की पुष्टि की। इसके बाद उन्होंने पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद वह पैसों का इंतजार करने लगे। कुछ घंटों बाद जब कोई फोन नहीं आया तो उन्होंने खुद भी कॉल की। मोबाइल बंद था। वह लगातार फोन करने लगे। बैंक में भी पता किया। उस खाते के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल रही थी। समय बीतता गया। मणि प्रसाद को यकीन हो गया कि वह ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की लेकिन उनकी सुनी नहीं गई। इसके बाद बुधवार को वह एसपी क्राइम बृजेश मिश्रा से मिले। उनके आदेश पर शिवकुटी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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ओल्ड कैंट तेलियरगंज के रहने वाले मणि प्रसाद पंडा सेना में कार्यरत हैं। चार अगस्त को उन्हें एक मेल आई। इसमें किसी यूटी कंपनी की ओर से उनके नाम तीन करोड़ 35 लाख की लाटरी निकलने का जिक्र था। मणि प्रसाद ने इसे मजाक समझा, लेकिन कुछ देर बाद किसी विदेशी का उनके मोबाइल पर फोन भी आ गया। बताया कि उनके मोबाइल नंबर को लाखों नंबर में से कंप्यूटर ने रैंडमली चुना है। मणि प्रसाद को यकीन हो गया। बताया गया कि एक व्यक्ति को पैसों के साथ भेजा जा रहा है। कुछ दिन बाद उनके मोबाइल पर फिर उसी विदेशी व्यक्ति का फोन आया कि वह पैसे लेकर इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर आ गया है। पैसे डालर में हैं। इस पर करीब आठ लाख 89 लाख नौ सौ रुपये कस्टम ड्यूटी लगी है। उसने एक खाता नंबर भी बताया और कहा कि इसी पर पैसे ट्रांसफर कर दें। इतनी बड़ी रकम देने से पहले मणि प्रसाद घबरा गए लेकिन लालच की वजह से उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथारिटी के किसी शख्स से बात करा दें। उस व्यक्ति ने एक महिला से बात कराई। महिला ने कस्टम ड्यूटी और तीन करोड़ 35 लाख होने की बात की पुष्टि की। इसके बाद उन्होंने पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
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इसके बाद वह पैसों का इंतजार करने लगे। कुछ घंटों बाद जब कोई फोन नहीं आया तो उन्होंने खुद भी कॉल की। मोबाइल बंद था। वह लगातार फोन करने लगे। बैंक में भी पता किया। उस खाते के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल रही थी। समय बीतता गया। मणि प्रसाद को यकीन हो गया कि वह ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की लेकिन उनकी सुनी नहीं गई। इसके बाद बुधवार को वह एसपी क्राइम बृजेश मिश्रा से मिले। उनके आदेश पर शिवकुटी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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