{"_id":"59dfcd5e4f1c1ba7678b593b","slug":"father-opposes-the-wrong-movements-water-death-water-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत हरकतों का विरोध करने पर पिता ने बेटे पर डाला खौलता पानी, मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गलत हरकतों का विरोध करने पर पिता ने बेटे पर डाला खौलता पानी, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 13 Oct 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
fg
- फोटो : Getty Images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नलगंज मुहल्ले में एक पुरोहित ने खौलता पानी डालकर अपने जवान बेटे को मार डाला। मंगलवार आधी रात सोते में हुए हमले में झुलसे दिनकर द्विवेदी को एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। उसने मौत से पहले पुलिस को दिए बयान में बताया कि आपत्तिजनक हरकतों का विरोध करने की वजह से पिता ने उस पर हमला किया। कुछ घंटे पहले झगड़े में उसने पिता को थप्पड़ मार दिया था। आरोपी पिता को जेल भेज दिया गया है।
कर्नलगंज मुहल्ले में रहने वाला प्रभाकर द्विवेदी पुरोहित है। वह शादी समेत दूसरे मांगलिक कार्यक्रमों में पूजा कराने जाता था। परिवार में पत्नी सुशीला और दो बेटे हैं। बेटों में छोटा अंकित भी पुरोहित है जबकि बड़ा पुत्र 26 वर्षीय दिनकर उर्फ गोलू इंटर तक पढ़ाई के बाद प्राइवेट फर्म में नौकरी करने लगा था। बेटों की पिता से नहीं बनती थी। खासतौर से बड़े बेटे दिनकर का पिता प्रभाकर से अक्सर झगड़ा हो जाता था। मगर किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि प्रभाकर अपने बेटे की जान का दुश्मन बन जाएगा। मंगलवार आधी रात लगभग 12.30 बजे दिनकर अपने कमरे में सो रहा था तभी प्रभाकर ने भगोने में खौलता पानी लाकर उस पर डाल दिया। दिनकर चीखा तो छोटा भाई अंकित और मां सुशीला की नींद खुली। वे दोनों कमरे में आए तो बुरी तरह झुलसा दिनकर तड़प और चीख रहा था। प्रभाकर भगोना फेंककर बाहर चला गया था। छोटा भाई अंकित झुलसे दिनकर को पहले निजी हॉस्पिटल ले गया। वहां डॉक्टरों ने जवाब दिया तो दिनकर को एसआरएन अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। वहां बुधवार रात करीब पौने तीन बजे उसने दम तोड़ दिया। कर्नलगंज पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
घटना के जांच अधिकारी सियाकांत चौरसिया ने बताया कि उन्होंने बुधवार को दिनकर का मृत्यु पूर्व बयान लिया था। बयान की वीडियो रिकार्डिंग भी की थी। दिनकर ने कहा था कि उसके पिता प्रभाकर की हरकतें सही नहीं थीं। मुहल्ले की महिलाएं और लड़कियां शिकायत करती रही हैं कि वह अश्लील इशारे करता है। इसी वजह से कई बार मुहल्ले वालों से उसके पिता का झगड़ा भी हो चुका था। वह भी पिता की इन हरकतों का विरोध करता था। ऐसे में उन दोनों के बीच भी झड़प होती रहती थी। दिनकर ने यह भी बयान दिया कि पढ़ने के लिए दूसरे जिलों से आकर उसके मकान में किराए पर रहने वाली लड़कियों से भी उसका पिता प्रभाकर बदसलूकी करता।
विज्ञापन
अक्सर रात में दरवाजा खटखटाकर खुलवाता और लड़कियों से चाय बनाने को कह देता। इस वजह से लड़कियां कुछ दिनों में ही कमरा खाली कर देतीं। ऐसे में परिवार को आर्थिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है। मंगलवार रात हमले से कुछ घंटे पहले दिनकर ने इसी झगड़े के चलते पिता को थप्पड़ मार दिया था। इस पर बौखलाए प्रभाकर ने रात में बेटे पर खौलता पानी डालकर उसकी जान ले ली। दिनकर पर हमले के बाद कर्नलगंज थाने में उसके भाई अंकित की तहरीर पर पिता प्रभाकर के खिलाफ केस लिखा गया था। दिनकर की मौत के बाद मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ दी गई। प्रभाकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने माना कि दिनकर ने उसे तमाचा मारा था इसलिए वह बौखला गया। कोर्ट के आदेश पर प्रभाकर को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
कर्नलगंज मुहल्ले में रहने वाला प्रभाकर द्विवेदी पुरोहित है। वह शादी समेत दूसरे मांगलिक कार्यक्रमों में पूजा कराने जाता था। परिवार में पत्नी सुशीला और दो बेटे हैं। बेटों में छोटा अंकित भी पुरोहित है जबकि बड़ा पुत्र 26 वर्षीय दिनकर उर्फ गोलू इंटर तक पढ़ाई के बाद प्राइवेट फर्म में नौकरी करने लगा था। बेटों की पिता से नहीं बनती थी। खासतौर से बड़े बेटे दिनकर का पिता प्रभाकर से अक्सर झगड़ा हो जाता था। मगर किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि प्रभाकर अपने बेटे की जान का दुश्मन बन जाएगा। मंगलवार आधी रात लगभग 12.30 बजे दिनकर अपने कमरे में सो रहा था तभी प्रभाकर ने भगोने में खौलता पानी लाकर उस पर डाल दिया। दिनकर चीखा तो छोटा भाई अंकित और मां सुशीला की नींद खुली। वे दोनों कमरे में आए तो बुरी तरह झुलसा दिनकर तड़प और चीख रहा था। प्रभाकर भगोना फेंककर बाहर चला गया था। छोटा भाई अंकित झुलसे दिनकर को पहले निजी हॉस्पिटल ले गया। वहां डॉक्टरों ने जवाब दिया तो दिनकर को एसआरएन अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। वहां बुधवार रात करीब पौने तीन बजे उसने दम तोड़ दिया। कर्नलगंज पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
विज्ञापन
घटना के जांच अधिकारी सियाकांत चौरसिया ने बताया कि उन्होंने बुधवार को दिनकर का मृत्यु पूर्व बयान लिया था। बयान की वीडियो रिकार्डिंग भी की थी। दिनकर ने कहा था कि उसके पिता प्रभाकर की हरकतें सही नहीं थीं। मुहल्ले की महिलाएं और लड़कियां शिकायत करती रही हैं कि वह अश्लील इशारे करता है। इसी वजह से कई बार मुहल्ले वालों से उसके पिता का झगड़ा भी हो चुका था। वह भी पिता की इन हरकतों का विरोध करता था। ऐसे में उन दोनों के बीच भी झड़प होती रहती थी। दिनकर ने यह भी बयान दिया कि पढ़ने के लिए दूसरे जिलों से आकर उसके मकान में किराए पर रहने वाली लड़कियों से भी उसका पिता प्रभाकर बदसलूकी करता।
विज्ञापन
अक्सर रात में दरवाजा खटखटाकर खुलवाता और लड़कियों से चाय बनाने को कह देता। इस वजह से लड़कियां कुछ दिनों में ही कमरा खाली कर देतीं। ऐसे में परिवार को आर्थिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है। मंगलवार रात हमले से कुछ घंटे पहले दिनकर ने इसी झगड़े के चलते पिता को थप्पड़ मार दिया था। इस पर बौखलाए प्रभाकर ने रात में बेटे पर खौलता पानी डालकर उसकी जान ले ली। दिनकर पर हमले के बाद कर्नलगंज थाने में उसके भाई अंकित की तहरीर पर पिता प्रभाकर के खिलाफ केस लिखा गया था। दिनकर की मौत के बाद मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ दी गई। प्रभाकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने माना कि दिनकर ने उसे तमाचा मारा था इसलिए वह बौखला गया। कोर्ट के आदेश पर प्रभाकर को जेल भेज दिया गया।