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जिंदगी से उदास इंजीनियर ने की खुदकुशी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2014 12:25 AM IST
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इलाहाबाद। जिंदगी से उदास बीटेक इंजीनियर ने फांसी लगाकर किराए के कमरे में खुदकुशी कर ली। रविवार शाम को छोटा भाई कोचिंग पढ़कर किराए के कमरे पर लौटा तो अंदर से कुंडी बंद थी। खिड़की से अंदर का नजारा देख वह चीख पड़ा। शोर सुनकर अन्य छात्र और मोहल्ले के लोग पहुंचे। दरवाजा तोड़कर फांसी पर लटक रहे इंजीनियर के शव को नीचे उतारा गया। बेली चौकी प्रभारी ने कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें इंजीनियर ने जिंदगी से उदास होने के चलते आत्महत्या करने की बात लिखी थी।
वाराणसी के लोहता निवासी रामराज पटेल महाराष्ट्र में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके तीन बेटों में मझला विमलेश कुमार पटेल (26)और छोटा कमलेश बेली कॉलोनी में गोपाल शुक्ला के घर में किराए पर रहकर पढ़ाई करते थे। विमलेश ने इसी साल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जेके इंस्टीट्यूट से बीटेक पास किया था। जबकि कमलेश एसएससी की तैयारी कर रहा था। विमलेश ने रेलवे लोको पायलट की परीक्षा दी थी। जिसे उसने क्वालीफाई भी कर लिया था। बस इंटरव्यू होना बाकी था। जिसकी वह तैयारी कर रहा था। पढ़ने में होशियार विमलेश को यकीन था कि लोको पायलट की नौकरी उसे मिल जाएगी। रविवार दोपहर कमलेश कोचिंग करने चला गया।
घर में विमलेश अकेले था। विमलेश कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर एल्युमीनियम के तार का फंदा बनाकर फांसी पर लटक गया। शाम को जब कमलेश कोचिंग पढ़कर लौटा तो कुंडी अंदर से बंद थी। तब विमलेश के सुसाइड की बात खुली। भाई का शव देखकर कमलेश हैरान था कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। अचानक विमलेश ने ऐसा कदम क्यों उठाया किसी के गले नहीं उतर रहा है। सूचना पर पहुंचे बेली चौकी प्रभारी संतोष अवस्थी ने पड़ताल के दौरान कमरे से डायरी में रखा सुसाइड नोट बरामद किया। जिसमें उसने जिंदगी से उदास होकर स्वेच्छा से आत्महत्या करने की बात लिखी थी। उसने अपने इस कदम के लिए मां-बाप से माफी भी मांगी।
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एसआई संतोष अवस्थी के मुताबिक विमलेश को किसी परेशानी से जूझ रहा था। जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया है। ऐसे हाल में जब सरकारी नौकरी मिलने वाली हो आत्महत्या की बात हजम नहीं हो रही है। फिलहाल उसके मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया है। आशंका है कि प्रेम संबंधों में असफल होने पर उसने ऐसा कदम उठाया होगा।
वाराणसी के लोहता निवासी रामराज पटेल महाराष्ट्र में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके तीन बेटों में मझला विमलेश कुमार पटेल (26)और छोटा कमलेश बेली कॉलोनी में गोपाल शुक्ला के घर में किराए पर रहकर पढ़ाई करते थे। विमलेश ने इसी साल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जेके इंस्टीट्यूट से बीटेक पास किया था। जबकि कमलेश एसएससी की तैयारी कर रहा था। विमलेश ने रेलवे लोको पायलट की परीक्षा दी थी। जिसे उसने क्वालीफाई भी कर लिया था। बस इंटरव्यू होना बाकी था। जिसकी वह तैयारी कर रहा था। पढ़ने में होशियार विमलेश को यकीन था कि लोको पायलट की नौकरी उसे मिल जाएगी। रविवार दोपहर कमलेश कोचिंग करने चला गया।
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घर में विमलेश अकेले था। विमलेश कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर एल्युमीनियम के तार का फंदा बनाकर फांसी पर लटक गया। शाम को जब कमलेश कोचिंग पढ़कर लौटा तो कुंडी अंदर से बंद थी। तब विमलेश के सुसाइड की बात खुली। भाई का शव देखकर कमलेश हैरान था कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। अचानक विमलेश ने ऐसा कदम क्यों उठाया किसी के गले नहीं उतर रहा है। सूचना पर पहुंचे बेली चौकी प्रभारी संतोष अवस्थी ने पड़ताल के दौरान कमरे से डायरी में रखा सुसाइड नोट बरामद किया। जिसमें उसने जिंदगी से उदास होकर स्वेच्छा से आत्महत्या करने की बात लिखी थी। उसने अपने इस कदम के लिए मां-बाप से माफी भी मांगी।
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एसआई संतोष अवस्थी के मुताबिक विमलेश को किसी परेशानी से जूझ रहा था। जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया है। ऐसे हाल में जब सरकारी नौकरी मिलने वाली हो आत्महत्या की बात हजम नहीं हो रही है। फिलहाल उसके मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया है। आशंका है कि प्रेम संबंधों में असफल होने पर उसने ऐसा कदम उठाया होगा।