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कर्मचारियों में भिड़ंत, चले लात-जूते
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 05 Nov 2015 01:36 AM IST
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इलाहाबाद(ब्यूरो)। नगर निगम का गऊघाट स्थित जोन दो कार्यालय बुधवार को दो कर्मचारियों के बीच युद्ध का मैदान बन गया। किसी बात को लेकर कर्मचारियों में पहले बहस और फिर जमकर मारपीट हुई। लात-जूते भी चले। मामला इतना बढ़ा कि वहां भीड़ जुट गई। कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। मौके पर मौजूद जोनल अधिकारी ने दोनों में समझौता कराया।
जोन कार्यालय में दिन करीब साढ़े तीन बजे दो चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारियों के बीच अचानक बहस होने लगी। आसपास बैठे कर्मचारी और वहां मौजूद लोग कुछ समझा पाते, इसके पहले नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए। जूते भी मारे गए। हंगामा होता देख सड़क पर राहगीर भी रुक गए। इस बीच मारपीट करते हुए दोनों कर्मचारी कमरे में घुस गए। साथी कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों को किसी तरह अलग किया। इस बीच जोनल अधिकारी शार्दुल्य सिंह भी मौके पर पहुंच गए। डांट-फटकार के बाद दोनों कर्मचारियों में समझौता कराया। इसकी वजह से कार्यालय में काफी देर तक अफरातफरी मची रही।
अल्लापुर स्थित रामलीला पार्क में कब्जा कर मवेशियों को बांधना और वहां गोबर आदि गंदगी फैलना पशुपालकों को महंगा पड़ गया। बुधवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी समेत अन्य अफसरों के साथ अचानक वहां पहुंचे नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने पशुपालकों को जमकर फटकार लगाई। चार पशुपालकों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही पार्क को तत्काल खाली करने का आदेश दिया। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.वाईके सिंह एवं जोनल अधिकारी को पार्क खाली करने तक पशुपालक पर रोज पांच हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने और जुर्माना न भरने पर एफआईआर का आदेश दिया।
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इसके पहले महापौर और अफसरों ने अल्लापुर हैजा अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। यहां निगम के जोनल कार्यालय के प्रवेश द्वार पर डंपिंग ग्राउंड हैं, जिसमें जोन दो, तीन और चार से कूड़ा लाकर डंप किया जाता है। इसके बाद गाड़ियों से कूड़ा बसवार स्थित प्लांट भेजा जाता है। कूड़े की वजह से यहां जबरदस्त दुर्गंध उठती है। दूर तक कूड़ा फैला होने के कारण जोनल कार्यालय जाने वालों को समस्या भी होती है।
निरीक्षण के दौरान पार्षद विनय कुमार मिश्र ने यहां पुराने वार्ड ऑफिस को ध्वस्त कर कूड़ा अड्डा पीछे करने और उसे चहारदीवारी से घेरने की मांग की। पार्षद ने कहा कि दीवार उठने के बाद कूड़ा गाड़ियां रेलवे लाइन के किनारे से होकर अंदर आएं। इस पर नगर आयुक्त ने नगर अभियंता कविलाश शर्मा को तत्काल काम कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान त्रिवेणी गेस्टहाउस के पास खोदी जा रही सड़क के बारे में पूछा गया तो पता चला कि यह काम बिना अनुमति के हो रहा है। महापौर और नगर आयुक्त ने काम बंद करा दिया।
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जोन कार्यालय में दिन करीब साढ़े तीन बजे दो चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारियों के बीच अचानक बहस होने लगी। आसपास बैठे कर्मचारी और वहां मौजूद लोग कुछ समझा पाते, इसके पहले नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए। जूते भी मारे गए। हंगामा होता देख सड़क पर राहगीर भी रुक गए। इस बीच मारपीट करते हुए दोनों कर्मचारी कमरे में घुस गए। साथी कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों को किसी तरह अलग किया। इस बीच जोनल अधिकारी शार्दुल्य सिंह भी मौके पर पहुंच गए। डांट-फटकार के बाद दोनों कर्मचारियों में समझौता कराया। इसकी वजह से कार्यालय में काफी देर तक अफरातफरी मची रही।
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अल्लापुर स्थित रामलीला पार्क में कब्जा कर मवेशियों को बांधना और वहां गोबर आदि गंदगी फैलना पशुपालकों को महंगा पड़ गया। बुधवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी समेत अन्य अफसरों के साथ अचानक वहां पहुंचे नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने पशुपालकों को जमकर फटकार लगाई। चार पशुपालकों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही पार्क को तत्काल खाली करने का आदेश दिया। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.वाईके सिंह एवं जोनल अधिकारी को पार्क खाली करने तक पशुपालक पर रोज पांच हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने और जुर्माना न भरने पर एफआईआर का आदेश दिया।
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इसके पहले महापौर और अफसरों ने अल्लापुर हैजा अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। यहां निगम के जोनल कार्यालय के प्रवेश द्वार पर डंपिंग ग्राउंड हैं, जिसमें जोन दो, तीन और चार से कूड़ा लाकर डंप किया जाता है। इसके बाद गाड़ियों से कूड़ा बसवार स्थित प्लांट भेजा जाता है। कूड़े की वजह से यहां जबरदस्त दुर्गंध उठती है। दूर तक कूड़ा फैला होने के कारण जोनल कार्यालय जाने वालों को समस्या भी होती है।
निरीक्षण के दौरान पार्षद विनय कुमार मिश्र ने यहां पुराने वार्ड ऑफिस को ध्वस्त कर कूड़ा अड्डा पीछे करने और उसे चहारदीवारी से घेरने की मांग की। पार्षद ने कहा कि दीवार उठने के बाद कूड़ा गाड़ियां रेलवे लाइन के किनारे से होकर अंदर आएं। इस पर नगर आयुक्त ने नगर अभियंता कविलाश शर्मा को तत्काल काम कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान त्रिवेणी गेस्टहाउस के पास खोदी जा रही सड़क के बारे में पूछा गया तो पता चला कि यह काम बिना अनुमति के हो रहा है। महापौर और नगर आयुक्त ने काम बंद करा दिया।