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बुजुर्ग महिला की मौत, कत्ल का हल्ला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 08 Nov 2015 01:46 AM IST
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हरखपुर (इलाहाबाद)। मऊआइमा इलाके के शहबाजपुर गांव में शुक्रवार रात घर के भीतर बुजुर्ग महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शनिवार सुबह उसे बिस्तर पर मृत देख परिजनों और गांव वालों ने कत्ल का शक जताते हुए सूचना दी तो पुलिस वहां पहुंची। इलाके में हल्ला मचा कि बुजुर्ग महिला को चांदी के कंगन लूटने के लिए गला घोंटकर मार दिया गया। दोनों हाथों से कंगन गायब होने की बात भी कही गई। मगर बाद में पुलिस के आने पर जाने क्या हुआ कि परिवार के लोग रिपोर्ट लिखाने से पीछे हट ग्रए औ शव का भी पोस्टमार्टम कराने की बजाय अंतिम संस्कार कर दिया।
शहबाजपुर गांव निवासी रामनाथ पटेल का बरसों पहले देहांत हो गया था। तब से उनकी पत्नी धनपति (75) अकेले जीवन गुजार रही थीं। उनकी दो बेटियों नोहरा देवी और कमला देवी का ब्याह हो चुका है। पड़ोस में रहने वाले भतीजे सुरेश पटेल के घर में वह भोजन करती थीं। शुक्रवार रात भी करीब नौ बजे खाने के बाद वह अपने कच्चे घर में सोने चली गई थीं। शनिवार सुबह जब वह धूप निकलने के बाद भी घर के बाहर नहीं आईं तो पड़ोसी उन्हें जगाने के लिए गया। मगर धनपति का जिस्म ठंडा था। उनकी सांस थम चुकी थी।
हल्ला मचा तो गांव भर के लोग वहां जुट गए। कुछ देर में मऊआइमा थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव का निरीक्षण किया। पहले कहा गया कि धनपति का गला उनके ही ब्लाउज से दबाया गया था। हाथों से चांदी के कंगन भी नदारद हैं। यूं इसे गहने लूटकर हत्या का मामला कहा गया। मगर दोपहर में जाने कैसे पूरा किस्सा ही पलट गया। परिजनों ने चुप्पी साध ली। एफआईआर नहीं दर्ज की गई और शव का पोस्टमार्टम कराने की बजाय अंतिम संस्कार कर दिया। ग्राम प्रधान रामपलट पटेल के अनुसार, परिजनों ने बाद में कहा कि यह स्वाभाविक मौत है, इसलिए पुलिस भी मौके पर जांच करने के बाद लौट गई।
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शहबाजपुर गांव निवासी रामनाथ पटेल का बरसों पहले देहांत हो गया था। तब से उनकी पत्नी धनपति (75) अकेले जीवन गुजार रही थीं। उनकी दो बेटियों नोहरा देवी और कमला देवी का ब्याह हो चुका है। पड़ोस में रहने वाले भतीजे सुरेश पटेल के घर में वह भोजन करती थीं। शुक्रवार रात भी करीब नौ बजे खाने के बाद वह अपने कच्चे घर में सोने चली गई थीं। शनिवार सुबह जब वह धूप निकलने के बाद भी घर के बाहर नहीं आईं तो पड़ोसी उन्हें जगाने के लिए गया। मगर धनपति का जिस्म ठंडा था। उनकी सांस थम चुकी थी।
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हल्ला मचा तो गांव भर के लोग वहां जुट गए। कुछ देर में मऊआइमा थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव का निरीक्षण किया। पहले कहा गया कि धनपति का गला उनके ही ब्लाउज से दबाया गया था। हाथों से चांदी के कंगन भी नदारद हैं। यूं इसे गहने लूटकर हत्या का मामला कहा गया। मगर दोपहर में जाने कैसे पूरा किस्सा ही पलट गया। परिजनों ने चुप्पी साध ली। एफआईआर नहीं दर्ज की गई और शव का पोस्टमार्टम कराने की बजाय अंतिम संस्कार कर दिया। ग्राम प्रधान रामपलट पटेल के अनुसार, परिजनों ने बाद में कहा कि यह स्वाभाविक मौत है, इसलिए पुलिस भी मौके पर जांच करने के बाद लौट गई।
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