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आठ साल की बालिका की गैंगरेप के बाद हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 08 Feb 2015 11:46 PM IST
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शहर से सटे झूंसी इलाके में शनिवार रात एक घटना ने शहरियों को झकझोर दिया है। चाचा के लिए सुर्ती लेने दुकान की ओर गई आठ साल की बालिका को खेत में गैंगरेप के बाद मौत के घाट उतार दिया गया। परिवार के लोग रातभर खोजबीन करते रहे। रविवार सुबह पहले बालिका की चप्पल और फिर खेत में उसकी लहूलुहान लाश मिली। पुलिस का अनुमान है कि दुकान से घर लौटते वक्त दो-तीन युवकों ने उसे दबोचा और खेत में खींचकर बलात्कार के बाद उसे जान से मार दिया था। डीएम और एसएसपी ने भी मौके पर जाकर पड़ताल की। पुलिस ने दुकानदार समेत पांच युवकों को हिरासत में लिया है। डॉग स्कवॉयड और फील्ड यूनिट को भी बुलाकर जांच की गई। पुलिस ने दावा किया कि कातिल पकडे़ गए हैं।
आठ साल की इस बच्ची छाया (नाम काल्पनिक) की मां का कुछ अरसा पहले निधन हो गया था। वह चार बहनों में तीसरे नंबर पर थी। सबसे बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। पिता भी मानसिक रूप से कुछ कमजोर है इसलिए छाया और उसकी बहनों की देखभाल चाचा का परिवार करता रहा है। शनिवार रात करीब साढे़ सात बजे चाचा ने छाया को घर से कुछ दूर स्थित दुकान से सुर्ती की पुड़िया लाने के लिए भेजा। वह काफी देर बाद भी नहीं लौटी तो चाचा ने छाया की बहन को उसे खोजने भेजा। मगर छाया नहीं मिली। फिर परिवार के लोगों ने उसे पूरे गांव में तलाशा लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह खोजबीन के दौरान घर और दुकान के करीब ही खेत के बाहर छाया की चप्पल मिलने पर लोग सशंकित हो गए।
कई लोग खेत में घ्ाुसे तो छाया की लाश देख स्तब्ध रह गए। आसपास खून के धब्बे थे। हाथ के पास ही सुर्ती की पुड़िया पड़ी थी। कपडे़ अस्त व्यस्त थे। यह देख छाया की बहन और परिवार के लोग रोने-कलपने लगे। कुछ देर में खबर पाकर झूंसी थाने की पुलिस आ गई। फिर दस बजे तक डीएम भवनाथ सिंह और एसएसपी दीपक कुमार भी एसपी सिटी राजेश यादव के साथ पहुंचे। फील्ड यूनिट प्रभारी प्रेम भारतीय को भी खोजी कुत्ते के साथ बुलाया गया। कुत्ता शव के पास से गंध के पीछे छाया के घर और फिर वहां से बस्ती की तरफ चला गया। पुलिस ने किराना दुकानदार ननकू यादव, उसके बेटे बाबा यादव, पड़ोस के भन्ने यादव समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया जिनसे थाने में पूछताछ की जा रही। पोस्टमार्टम के बाद लोगों ने छाया का शव झूंसी थाने के सामने जीटी रोड पर रख चक्काजाम की कोशिश की तो पहले से सतर्क पुलिस ने मनाकर उन्हें हटाया।
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आठ साल की इस बच्ची छाया (नाम काल्पनिक) की मां का कुछ अरसा पहले निधन हो गया था। वह चार बहनों में तीसरे नंबर पर थी। सबसे बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। पिता भी मानसिक रूप से कुछ कमजोर है इसलिए छाया और उसकी बहनों की देखभाल चाचा का परिवार करता रहा है। शनिवार रात करीब साढे़ सात बजे चाचा ने छाया को घर से कुछ दूर स्थित दुकान से सुर्ती की पुड़िया लाने के लिए भेजा। वह काफी देर बाद भी नहीं लौटी तो चाचा ने छाया की बहन को उसे खोजने भेजा। मगर छाया नहीं मिली। फिर परिवार के लोगों ने उसे पूरे गांव में तलाशा लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह खोजबीन के दौरान घर और दुकान के करीब ही खेत के बाहर छाया की चप्पल मिलने पर लोग सशंकित हो गए।
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कई लोग खेत में घ्ाुसे तो छाया की लाश देख स्तब्ध रह गए। आसपास खून के धब्बे थे। हाथ के पास ही सुर्ती की पुड़िया पड़ी थी। कपडे़ अस्त व्यस्त थे। यह देख छाया की बहन और परिवार के लोग रोने-कलपने लगे। कुछ देर में खबर पाकर झूंसी थाने की पुलिस आ गई। फिर दस बजे तक डीएम भवनाथ सिंह और एसएसपी दीपक कुमार भी एसपी सिटी राजेश यादव के साथ पहुंचे। फील्ड यूनिट प्रभारी प्रेम भारतीय को भी खोजी कुत्ते के साथ बुलाया गया। कुत्ता शव के पास से गंध के पीछे छाया के घर और फिर वहां से बस्ती की तरफ चला गया। पुलिस ने किराना दुकानदार ननकू यादव, उसके बेटे बाबा यादव, पड़ोस के भन्ने यादव समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया जिनसे थाने में पूछताछ की जा रही। पोस्टमार्टम के बाद लोगों ने छाया का शव झूंसी थाने के सामने जीटी रोड पर रख चक्काजाम की कोशिश की तो पहले से सतर्क पुलिस ने मनाकर उन्हें हटाया।
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