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ई: हुक्का की बिक्री पर प्रतिबंध

Sat, 09 Sep 2017 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 09 Sep 2017 01:32 AM IST
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E: ban on sale of hookah
hookah bar
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने शहर में ई हुक्का की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। कि सी भी दुकान, रेस्टोरेंट या माल में ई हुक्का बिकते मिला तो उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि ई हुक्का की बिक्री बच्चों और युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करना मानी जाएगी। क्योंकि  ई हुक्का का नशा बच्चों में घातक बीमारी फैलाने के साथ-साथ उनके अंदर गलत आदतें डालती है। शुक्रवार को अमर उजाला में ई हुक्का की बच्चों में लत पड़ने की खबर छपने के बाद एसएसपी की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
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एसएसपी का कहना है कि बच्चों में ई-हुक्का की लत की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पिछले एक महीने से स्कूली छात्र छात्राओं में ई- हुक्का की लत बढ़ रही है। जिसके कारण उनके दिमाग पर असर पड़ रहा है। ऐसे में ई हुक्का की बिक्री पर रोक बच्चों में सुधार के लिए जरूरी हो गया है। पुलिस भी इसको लेकर गंभीर है। इसीलिए एडिशनल एसपी विनीत जायसवाल के साथ-साथ सीओ सिविल लाइंस और सीओ कर्नलगंज को ई हुक्का पर रोक लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पुलिस की ओर से कराई गई जांच में पाया गया है कि अधिकांश स्कूल कालेज सिविल लाइंस, कर्नलगंज तथा सीओ चतुर्थ के क्षेत्र में हैं।

ये तीनों पुलिस अधिकारी आईटी के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। इसीलिए उन्हें ई हुक्का और हुक्का बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। नैनी, करछना सहित शहर के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने इलाकों में ई हुक्का की बिक्री न होने दें। छात्रों से जानकारी की जाए कि ई हुक्का कहां बिक रहा है और उनकी बिक्री करने वाले कौन कौन है। उनका पता लगाने के लिए लिए सादा कपड़ों में पुलिस कर्मियों को लगाने के साथ-साथ एलआईयू को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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एसएसपी ने बच्चों के परिजनों को सलाह दी है कि वह बच्चों पर नजर रखें। ई हुक्का जैसे नशे के शौक से बच्चों को बचाने के लिए हर सप्ताह उनके सामान चेक करें। कहीं उनके पास मोटी स्केच या पेन नुमा कोई विशेष चीज तो नहीं है। क्योंकि ई: हुक्का इन्ही की शक्ल में मार्केट में उपलब्ध हैं। स्कूलों के प्रिंसिपल को भी निर्देश दिए हैं कि वह कालेज परिसर में छात्र छात्राओं पर नजर रखें। स्कूल बसों के ड्राइवर और क्लीनरों पर भी नजर रखी जाए। क्योंकि थोड़े से लालच में बच्चों की इन गलत आदतों से मददगार न बन जाएं।
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