दूधनाथ हत्याकांड का मुख्य आरोपी पकड़ा गया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद और एसपी गंगापार राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दूधनाथ ने बोलेरो खरीदी थी। जिसे जीतेंद्र ने जलनिगम में लगवाने के बहाने ले लिया। छह माह बाद भी उसने एक रुपया नहीं दिया। 26 मई को जीतेंद्र दूधनाथ के घर पहुंचा और बोलेरो और रकम देने के बहाने अपने साथ ले गया। उल्दा स्थित किराए के कमरे में ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव के कई टुकड़े कर जला कर शव को हाईवे पर फेंक दिया। 28 मई को नवाबगंज इलाके में शव मिला था।
शिनाख्त के बाद दूधनाथ की पत्नी जीतेंद्र पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। सोरांव पुलिस मुकदमा लिखकर जांच कर रही थी। चौकी प्रभारी फाफामऊ आलोक पांडेय ने रविवार को मुख्यआरोपी जीतेंद्र को हाजीगंज चौराहे के पास से दबोच लिया। पूछताछ में उसने कत्ल की बात कबूल ली। उसने बताया कि उसने विकास धुरिया निवासी सरायगोपाल और दीपक कोहली निवासी भदरी सोरांव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। उन दोनों को पुलिस तलाश रही है।
राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में साइकिल स्टैंड के पास एक कमरे के अंदर बाइस वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिला। उसके शरीर पर कहीं कोई जख्म भी नहीं था। पुलिस ने शिनाख्त का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। शव कई दिन पुराना था। इसके अलावा जार्जटाउन में टैगोर टाउन पावर हाउस के दिलीप (40) के पास मृत मिला। वह रिक्शा चलाता था।