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एसटीएफ रही नाकाम, सीबीआई करे जांच
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 21 Jan 2017 01:32 AM IST
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आठ दिन बाद भी डॉ. एके बंसल हत्याकांड में कोई सुराग तक नहीं मिलने से डॉक्टरों और कारोबारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि एसटीएफ और क्राइम ब्रांच शूटरों को पकड़ने में फेल हो गई है इसलिए इस केस की तफ्तीश सीबीआई के हवाले कर दी जानी चाहिए। डॉक्टरों और कारोबारियों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। एसटीएफ बदमाशों का पता नहीं लगा सकी तो सुबूत नष्ट होने पर सीबीआई भी कुछ नहीं कर सकेगी।
घटना के बाद शहर भर के डॉक्टरों और कारोबारियों ने कई दिन तक विरोध प्रदर्शन किया। सभी निजी हॉस्पिटल, मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी बंद कर दी गई थी। अधिकारियों ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी तो डॉक्टर राजी हो गए लेकिन हुआ कुछ नहीं। एसटीएफ ने अपने स्तर से भरसक कोशिश कर डाली लेकिन नतीजा अब तक शून्य पर अटका है। गुरूवार को आईजी जोन से मिलने के बाद डॉक्टरों और कारोबारियों ने कहा कि रविवार तक इंतजार करेंगे फिर नए सिरे से आंदोलन होगा।
मगर डॉक्टरों को आशंका है कि आठ दिन में नाकाम रही एसटीएफ कातिलों का पता नहीं लगा सकेगी। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.आलोक मिश्रा और सचिव डॉ.त्रिभुवन सिंह कहते हैं कि जल्द खुलासा हो इसके लिए जरूरी है कि जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। डॉ.बीबी अग्रवाल, डॉ.अशोक अग्रवाल, डॉ.अशोक त्रिपाठी और कारोेबारी नेता प्रमिल केसरवानी कहते हैं कि अगर दो-तीन दिन में खुलासा नहीं होता तो इस केस की सीबीआई जांच करानी चाहिए।
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सिर पर मफलर या गमछे की पगड़ी बांधने वाले अपराधियों की तलाश में जुटी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने पूर्वांचल के तमाम जिलों सहित अब सोनभद्र और चुनार में भी छापेमारी की है। वहां के तीन अपराधियों का हुलिया लंबा कद और पगड़ी बांधने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें दबोचने की कोशिश की गई। एक अपराधी पकड़ में आया जिससे पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ का कहना है कि लंबे कद और पगड़ी के आधार पर शूटर तलाशे जा रहे हैं।
एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमों ने पिछले चौबीस घंटे के भीतर राजा पांडेय गिरोह के तीन अपराधियों को उठाया है। उनसे तीन अलग टीम को पूछताछ में लगाया गया है। पूर्व विधायक, कई माफिया और अपराधियों को खंगालने के बाद एसटीएफ और क्राइम ब्रांच का शक वापस राजा पांडेय गिरोह पर आ जाता है। सच तो यह है कि पहले दिन या कह सकते हैं कि घटना के घंटे भर बाद ही पुलिस, क्राइम ब्रांच तथा एसटीएफ के सामने जो पहला संदिग्ध नाम सामने आया वो राजा पांडेय का ही था।
करछना में वीरपुर गांव के राजा पांडेय को गोलियां मारी गई थीं जिसका इलाज जीवन ज्योति हॉस्पिटस में भी हुआ था। तभी उसने इलाज और बिल के पैसों के गुस्से में डॉक्टर को धमकी दी थी कि उन्हें जिंदा नहीं छोडे़गा। राजा को पांच दिन पहले पीजीआई रेफर कर दिया गया था। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच उसके करीबी शूटर नीरज वाल्मीकि तथा कल्लू तिवारी समेत पांच बदमाशों की तलाश में लगातार छापे मार रही है। नैनी सेंट्रल जेल में भी उसके गैंग के बारे में जानकारी ली गई है। दबिश के दौरान पकड़े गए दो अपराधियों ने कुछ बताया या नहीं, इस बारे में एसटीएफ के अधिकारी फिलहाल गोपनीयता बरत रहे हैं।
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घटना के बाद शहर भर के डॉक्टरों और कारोबारियों ने कई दिन तक विरोध प्रदर्शन किया। सभी निजी हॉस्पिटल, मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी बंद कर दी गई थी। अधिकारियों ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी तो डॉक्टर राजी हो गए लेकिन हुआ कुछ नहीं। एसटीएफ ने अपने स्तर से भरसक कोशिश कर डाली लेकिन नतीजा अब तक शून्य पर अटका है। गुरूवार को आईजी जोन से मिलने के बाद डॉक्टरों और कारोबारियों ने कहा कि रविवार तक इंतजार करेंगे फिर नए सिरे से आंदोलन होगा।
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मगर डॉक्टरों को आशंका है कि आठ दिन में नाकाम रही एसटीएफ कातिलों का पता नहीं लगा सकेगी। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.आलोक मिश्रा और सचिव डॉ.त्रिभुवन सिंह कहते हैं कि जल्द खुलासा हो इसके लिए जरूरी है कि जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। डॉ.बीबी अग्रवाल, डॉ.अशोक अग्रवाल, डॉ.अशोक त्रिपाठी और कारोेबारी नेता प्रमिल केसरवानी कहते हैं कि अगर दो-तीन दिन में खुलासा नहीं होता तो इस केस की सीबीआई जांच करानी चाहिए।
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सिर पर मफलर या गमछे की पगड़ी बांधने वाले अपराधियों की तलाश में जुटी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने पूर्वांचल के तमाम जिलों सहित अब सोनभद्र और चुनार में भी छापेमारी की है। वहां के तीन अपराधियों का हुलिया लंबा कद और पगड़ी बांधने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें दबोचने की कोशिश की गई। एक अपराधी पकड़ में आया जिससे पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ का कहना है कि लंबे कद और पगड़ी के आधार पर शूटर तलाशे जा रहे हैं।
एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमों ने पिछले चौबीस घंटे के भीतर राजा पांडेय गिरोह के तीन अपराधियों को उठाया है। उनसे तीन अलग टीम को पूछताछ में लगाया गया है। पूर्व विधायक, कई माफिया और अपराधियों को खंगालने के बाद एसटीएफ और क्राइम ब्रांच का शक वापस राजा पांडेय गिरोह पर आ जाता है। सच तो यह है कि पहले दिन या कह सकते हैं कि घटना के घंटे भर बाद ही पुलिस, क्राइम ब्रांच तथा एसटीएफ के सामने जो पहला संदिग्ध नाम सामने आया वो राजा पांडेय का ही था।
करछना में वीरपुर गांव के राजा पांडेय को गोलियां मारी गई थीं जिसका इलाज जीवन ज्योति हॉस्पिटस में भी हुआ था। तभी उसने इलाज और बिल के पैसों के गुस्से में डॉक्टर को धमकी दी थी कि उन्हें जिंदा नहीं छोडे़गा। राजा को पांच दिन पहले पीजीआई रेफर कर दिया गया था। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच उसके करीबी शूटर नीरज वाल्मीकि तथा कल्लू तिवारी समेत पांच बदमाशों की तलाश में लगातार छापे मार रही है। नैनी सेंट्रल जेल में भी उसके गैंग के बारे में जानकारी ली गई है। दबिश के दौरान पकड़े गए दो अपराधियों ने कुछ बताया या नहीं, इस बारे में एसटीएफ के अधिकारी फिलहाल गोपनीयता बरत रहे हैं।