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दिलीप की हत्या से छात्रों के चेहरे तने, आक्रोश का उबाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (एडीसी) के एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र दिलीप कुमार सरोज की कटरा स्थित कालिका रेस्टोरेंट में हुई निर्मम हत्या से छात्रों में उबाल है। सोमवार को विश्वविद्यालय खुलते ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय और सभी संघटक महाविद्यालयों में जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया। जगह-जगह प्रदर्शन हुए। पुतले फूंके गए और छात्रों ने शहर के कई हिस्सों में कैंडल मार्च निकाला। सीएमपी डिग्री कॉलेज में कक्षाएं बंद करा दी गईं। छात्रों ने सभी हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते एडीसी में मंगलवार को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सोमवार सुबह एडीसी के कीडगंज परिसर में शोक सभा की गई और इसके बाद अवकाश घोषित कर दिया गया। बवाल की आशंका को देखते हुए वहां सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगा दी गईं थीं। एडीसी के साथ विश्वविद्यालय परिसर और अन्य संघटक कॉलेजों के बाहर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। सीएमपी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषभ यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया और इसके बाद कक्षाओं का संचालन बंद करा दिया गया। इस दौरान छात्र नेता प्रखर यादव, निवेश यादव, आदित्य सिंह, सौम्या, शिवानी शुक्ला, शिवम दत्त त्रिपाठी, राहुल पटेल आदि मौजूद रहे। वहीं, एडीसी छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक तिवारी के नेतृत्व में शाम को कीडगंज चौराहा से कॉलेज परिसर तक कैंडल मार्च निकालकर सभी हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। इससे पूर्व सुबह एडीसी में छात्र नेता प्रफुल्ल देव शुक्ला के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। छात्रों ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में डीन प्रो. आरके चौबे के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में दो मिनट का मौन रखकर छात्रों ने शोक व्यक्त किया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष अवनीश यादव के नेतृत्व में सोमवार शाम ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज से विश्वविद्यालय के विधि संकाय तक हजारों छात्रों ने कैंडल मार्च निकाल कर छात्र की हत्या पर अपना विरोध दर्ज कराया। कैंडल मार्च के रूट पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती थी। छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए बवाल की आशंका बनी हुई थी। हालांकि कैंडल मार्च शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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बड़ी संख्या में छात्रों ने डीएम और एसएसी दफ्तर का घेराव किया। छात्रों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं अन्य वर्ग के लोग भी उनके आंदोलन में शामिल हुए। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए दोनों दफ्तरों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। छात्रों ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन देकर कहा कि 24 घंटे के भीतर सभी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो छात्र उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर तत्काल फांसी दिए जाने और मृतक छात्र दिलीप के परिजनों को 50 लाख मुआवजा एवं परिसर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। छात्रों ने यह मांग भी की कि एससी-एसटी आयोग की ओर से भी छात्र के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। घेराव करने वालों में इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी, पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, विवेकानंद पाठक, अंकुश यादव, सुनील मौर्य, अजीत यादव विधायक, सत्यम, अनुराग आदि मौजूद रहे।
नाराज सभी छात्र संगठनों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी के बैनर तले छात्र नेता मयंक मिश्र, अविनाश सिंह, अंशुल विद्यार्थी, सूरज तिवारी, नवीन मिश्र, अनुपम त्रिपाठी, अनुभव उपाध्याय आदि ने कटरा स्थित शक्ति भवन परिषद कार्यालय में बैठक कर इस पूरी घटना के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि छात्र की जघन्य हत्या का यह कृत्य 45 मिनट तक जारी रहा और पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस के लिए यह शर्मनाक स्थित है। उधर, घटना के विरोध में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई सीवाईएसएस के बनैर तले सिविल लाइंस सुभाष चौराहे पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। इसमें अंजनी मिश्र, दिनेश सिंह, यशवीर प्रताप सिंह, दिनेश सिंह आदि शामिल रहे। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले छात्र शिवम, सुधीर, शेखर, अनूप, अनिल आदि ने छात्र की हत्या के विरोध में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। वहीं, प्रगतिशील स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के बैनर तले छारत्र अंकित, नीरज कुमार, अनिल प्रजापति, आलोक यादव आदि ने डीएम दफ्तर का घेराव किया। वहीं, दिशा छात्र संगठन के अमित, धर्मराज, प्रिया, महाप्रसाद आदि ने डीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर अपराधियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।
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सोमवार सुबह एडीसी के कीडगंज परिसर में शोक सभा की गई और इसके बाद अवकाश घोषित कर दिया गया। बवाल की आशंका को देखते हुए वहां सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगा दी गईं थीं। एडीसी के साथ विश्वविद्यालय परिसर और अन्य संघटक कॉलेजों के बाहर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। सीएमपी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषभ यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया और इसके बाद कक्षाओं का संचालन बंद करा दिया गया। इस दौरान छात्र नेता प्रखर यादव, निवेश यादव, आदित्य सिंह, सौम्या, शिवानी शुक्ला, शिवम दत्त त्रिपाठी, राहुल पटेल आदि मौजूद रहे। वहीं, एडीसी छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक तिवारी के नेतृत्व में शाम को कीडगंज चौराहा से कॉलेज परिसर तक कैंडल मार्च निकालकर सभी हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। इससे पूर्व सुबह एडीसी में छात्र नेता प्रफुल्ल देव शुक्ला के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। छात्रों ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में डीन प्रो. आरके चौबे के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में दो मिनट का मौन रखकर छात्रों ने शोक व्यक्त किया।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष अवनीश यादव के नेतृत्व में सोमवार शाम ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज से विश्वविद्यालय के विधि संकाय तक हजारों छात्रों ने कैंडल मार्च निकाल कर छात्र की हत्या पर अपना विरोध दर्ज कराया। कैंडल मार्च के रूट पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती थी। छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए बवाल की आशंका बनी हुई थी। हालांकि कैंडल मार्च शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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बड़ी संख्या में छात्रों ने डीएम और एसएसी दफ्तर का घेराव किया। छात्रों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं अन्य वर्ग के लोग भी उनके आंदोलन में शामिल हुए। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए दोनों दफ्तरों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। छात्रों ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन देकर कहा कि 24 घंटे के भीतर सभी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो छात्र उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर तत्काल फांसी दिए जाने और मृतक छात्र दिलीप के परिजनों को 50 लाख मुआवजा एवं परिसर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। छात्रों ने यह मांग भी की कि एससी-एसटी आयोग की ओर से भी छात्र के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। घेराव करने वालों में इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी, पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, विवेकानंद पाठक, अंकुश यादव, सुनील मौर्य, अजीत यादव विधायक, सत्यम, अनुराग आदि मौजूद रहे।
नाराज सभी छात्र संगठनों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी के बैनर तले छात्र नेता मयंक मिश्र, अविनाश सिंह, अंशुल विद्यार्थी, सूरज तिवारी, नवीन मिश्र, अनुपम त्रिपाठी, अनुभव उपाध्याय आदि ने कटरा स्थित शक्ति भवन परिषद कार्यालय में बैठक कर इस पूरी घटना के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि छात्र की जघन्य हत्या का यह कृत्य 45 मिनट तक जारी रहा और पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस के लिए यह शर्मनाक स्थित है। उधर, घटना के विरोध में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई सीवाईएसएस के बनैर तले सिविल लाइंस सुभाष चौराहे पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। इसमें अंजनी मिश्र, दिनेश सिंह, यशवीर प्रताप सिंह, दिनेश सिंह आदि शामिल रहे। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले छात्र शिवम, सुधीर, शेखर, अनूप, अनिल आदि ने छात्र की हत्या के विरोध में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। वहीं, प्रगतिशील स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के बैनर तले छारत्र अंकित, नीरज कुमार, अनिल प्रजापति, आलोक यादव आदि ने डीएम दफ्तर का घेराव किया। वहीं, दिशा छात्र संगठन के अमित, धर्मराज, प्रिया, महाप्रसाद आदि ने डीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर अपराधियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।