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ताबड़तोड़ फायरिंग, बमबाजी से थर्राया दारागंज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:29 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दशाश्वमेध घाट गणेश मंदिर के पास बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे दस साल पुरानी रंजिश में ताबड़तोड़ गोलियां चलने और बमबाजी से दारागंज दहल गया। करीब 10 राउंड गोलियां चलीं। बर्रु हत्याकांड में गवाह उसके बेटे गगन निषाद पर अचानक बाइक सवार बदमाशों ने हमला कर दिया। फायरिंग के साथ ही सात-आठ बम फेेंके गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। धमाकों की आवाज के साथ ही दुकानों के शटर गिरने लगे। इस घटना में गगन (45) के साथ-साथ पास ही मौजूद महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के पौत्र अखिलेश (50) और सब्जी विक्रेता महिला अनारा देवी (43) घायल हो गए। इनको एसआरएन अस्पताल लाया गया। यहां से परिजन गगन को प्राइवेट अस्पताल ले गए।
संगम पर बालू खनन और स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली को लेकर अनिरुद्ध निषाद उर्फ बर्रु और बच्चा महरा के बीच 2007 से रंजिश चली आ रही है। बर्रु पहले अरैल में रहता था। बाद में रंजिश के चलते उसका परिवार दारागंज में आकर रहने लगा। 2007 से 2009 के बीच कई बार दोनों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमले किए। 2009 में अरैल में बर्रू तथा उसके बेटे छगन निषाद की गोली मारकर हत्या कर हो गई थी। इस हत्या में बच्चा महरा और उसके दो बेटों पिंटू तथा अरविंद को नामजद किया गया था। इस हत्याकांड में बर्रु का बेटा गगन निषाद गवाह है। तीनों आरोपी इस समय नैनी जेल में हैं। अक्तूबर के महीने में अनिरुद्ध और छगन हत्याकांड को लेकर गगन की गवाही होनी है। पिछले दो-तीन महीने से गगन को धमकी दी जा रही थी कि वह गवाही न दे। तब से ही दोनों गुटों के बीच फिर से टकराव की आशंका जताई जा रही थी।
दारागंज स्थित सब्जी मंडी में बुधवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे होंगे। सब्जी विक्रेता अनारा देवी की दुकान पर गगन पहुंचा और सब्जी खरीदने लगा। इसी दौरान पीछे से एक बाइक पर सवार तीन युवक पहुंचे। उन्होंने गगन को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बम चलाए। इसके बाद गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गगन ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जवाबी फायर किए। तब तक हमलावर भाग निकले। इस घटना में गगन, अखिलेश त्रिपाठी और सब्जी विक्रेता महिला अनारा देवी घायल हो गए।
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सीओ दारागंज का कहना है कि गवाही में ढिलाई करने से साफ इंकार करने के बाद से ही विरोधी गुट गगन की हत्या का मौका तलाश रहा था। हमलावरों को सब्जी में मंडी में मौका मिल गया। इस वारदात में जेल में बंद तीनों आरोपियों का नाम सामने आया है। बच्चा महरा के दोनों बेटों पिंटू और अरविंद को नामजद किया गया है। बाकी कई अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा लिखा गया है।
इधर, घटना की खबर मिलते ही एसएसपी आनंद कुलकर्णी, एसपी सिटी तथा अन्य अधिकारी एसआरएन अस्पताल पहुंचे और घायलों के बारे में जानकारी ली। देर रात एडीजीपी एसएन सावत भी पहुंचे। आईसीयू में अखिलेश का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। बीपी सामान्य होने पर ही पीठ में धंसी गोली निकालने के लिए आपरेशन किया जा सकेगा।
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संगम पर बालू खनन और स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली को लेकर अनिरुद्ध निषाद उर्फ बर्रु और बच्चा महरा के बीच 2007 से रंजिश चली आ रही है। बर्रु पहले अरैल में रहता था। बाद में रंजिश के चलते उसका परिवार दारागंज में आकर रहने लगा। 2007 से 2009 के बीच कई बार दोनों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमले किए। 2009 में अरैल में बर्रू तथा उसके बेटे छगन निषाद की गोली मारकर हत्या कर हो गई थी। इस हत्या में बच्चा महरा और उसके दो बेटों पिंटू तथा अरविंद को नामजद किया गया था। इस हत्याकांड में बर्रु का बेटा गगन निषाद गवाह है। तीनों आरोपी इस समय नैनी जेल में हैं। अक्तूबर के महीने में अनिरुद्ध और छगन हत्याकांड को लेकर गगन की गवाही होनी है। पिछले दो-तीन महीने से गगन को धमकी दी जा रही थी कि वह गवाही न दे। तब से ही दोनों गुटों के बीच फिर से टकराव की आशंका जताई जा रही थी।
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दारागंज स्थित सब्जी मंडी में बुधवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे होंगे। सब्जी विक्रेता अनारा देवी की दुकान पर गगन पहुंचा और सब्जी खरीदने लगा। इसी दौरान पीछे से एक बाइक पर सवार तीन युवक पहुंचे। उन्होंने गगन को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बम चलाए। इसके बाद गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गगन ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जवाबी फायर किए। तब तक हमलावर भाग निकले। इस घटना में गगन, अखिलेश त्रिपाठी और सब्जी विक्रेता महिला अनारा देवी घायल हो गए।
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सीओ दारागंज का कहना है कि गवाही में ढिलाई करने से साफ इंकार करने के बाद से ही विरोधी गुट गगन की हत्या का मौका तलाश रहा था। हमलावरों को सब्जी में मंडी में मौका मिल गया। इस वारदात में जेल में बंद तीनों आरोपियों का नाम सामने आया है। बच्चा महरा के दोनों बेटों पिंटू और अरविंद को नामजद किया गया है। बाकी कई अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा लिखा गया है।
इधर, घटना की खबर मिलते ही एसएसपी आनंद कुलकर्णी, एसपी सिटी तथा अन्य अधिकारी एसआरएन अस्पताल पहुंचे और घायलों के बारे में जानकारी ली। देर रात एडीजीपी एसएन सावत भी पहुंचे। आईसीयू में अखिलेश का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। बीपी सामान्य होने पर ही पीठ में धंसी गोली निकालने के लिए आपरेशन किया जा सकेगा।