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दारागंज में फार्मासिस्ट पर जानलेवा हमला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:24 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दारागंज में बक्शी त्रिमुहानी के पास शनिवार सुबह एक फार्मासिस्ट को पड़ोसी युवक से मजाक करना महंगा पड़ गया। युवक ने जलेबी छानने वाले छन्ने से एक के बाद कई वार फार्मासिस्ट पर कर दिए। वह लहूलुहान होकर गिर पड़े, तब युवक वहां से भाग गया। फार्मासिस्ट को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
बक्शी कला के रहने वाले प्रह्लाद सिंह (40) चाका ब्लाक में फार्मासिस्ट हैं। शनिवार की सुबह प्रतिदिन की तरह वह बाइक से घूमने निकले और बक्शी त्रिमुहानी के पास जलेबी की दुकान पर रुक गए। वहीं बक्शी कला का रहने वाले विवेक मिश्रा उर्फ कर्फ्यू खड़ा था। प्रह्लाद उससे मजाक करने लगे। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि विवेक कई दिन से प्रह्लाद से खार खाए बैठा था, क्योंकि वह रोज सुबह उससे मजाक करते थे। शनिवार सुबह मजाक करने पर विवेक आपे से बाहर हो गया और उसने जलेबी छानने वाला छन्ना उठाकर प्रह्लाद के सिर पर वार कर दिया। सिर की चोट से प्रह्लाद गिर पड़े तो विवेक ने एक के बाद एक कई वार कर दिए, जिससे वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गए।
वार से बचने के लिए जब उन्होंने हाथ-पैर आगे किए तो उनकी उंगलियां कट गईं। विवेक ने उन्हें तब छोड़ा जब वह मरणासन्न हो गए। इसके बाद वह वहां से भाग निकला। कोई भी प्रह्लाद को बचाने के लिए आगे नहीं आया। घटना के बाद उनके घरवालों और पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इंस्पेक्टर दारागंज ने बताया कि विवेक उर्फ कर्फ्यू के परिवार वालों का कहना है कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। उसका उपचार कराया जा रहा है। उसे लोग रोज चिढ़ाते थे, जिसके कारण वह परेशान रहता था। विवेक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। घटना के बाद से वह फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। विवेक के पिता सहकारी बैंक से रिटायर हैं और प्रतापगढ़ में रहते हैं। एक टीम वहां भी भेजी गई है।
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बक्शी कला के रहने वाले प्रह्लाद सिंह (40) चाका ब्लाक में फार्मासिस्ट हैं। शनिवार की सुबह प्रतिदिन की तरह वह बाइक से घूमने निकले और बक्शी त्रिमुहानी के पास जलेबी की दुकान पर रुक गए। वहीं बक्शी कला का रहने वाले विवेक मिश्रा उर्फ कर्फ्यू खड़ा था। प्रह्लाद उससे मजाक करने लगे। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि विवेक कई दिन से प्रह्लाद से खार खाए बैठा था, क्योंकि वह रोज सुबह उससे मजाक करते थे। शनिवार सुबह मजाक करने पर विवेक आपे से बाहर हो गया और उसने जलेबी छानने वाला छन्ना उठाकर प्रह्लाद के सिर पर वार कर दिया। सिर की चोट से प्रह्लाद गिर पड़े तो विवेक ने एक के बाद एक कई वार कर दिए, जिससे वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गए।
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वार से बचने के लिए जब उन्होंने हाथ-पैर आगे किए तो उनकी उंगलियां कट गईं। विवेक ने उन्हें तब छोड़ा जब वह मरणासन्न हो गए। इसके बाद वह वहां से भाग निकला। कोई भी प्रह्लाद को बचाने के लिए आगे नहीं आया। घटना के बाद उनके घरवालों और पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इंस्पेक्टर दारागंज ने बताया कि विवेक उर्फ कर्फ्यू के परिवार वालों का कहना है कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। उसका उपचार कराया जा रहा है। उसे लोग रोज चिढ़ाते थे, जिसके कारण वह परेशान रहता था। विवेक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। घटना के बाद से वह फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। विवेक के पिता सहकारी बैंक से रिटायर हैं और प्रतापगढ़ में रहते हैं। एक टीम वहां भी भेजी गई है।
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