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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Cucumis between the police - villagers Conflict , firing and hurling stones

कचरी में पुलिस-ग्रामीणों के बीच संघर्ष, फायरिंग और पथराव

Thu, 10 Sep 2015 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 10 Sep 2015 01:55 AM IST
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इलाहाबाद। करछना के कचरी में बुधवार को भीषण बवाल हो गया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर हुए संघर्ष में पथराव और चापड़ चले। प्रशासन से नाराज ग्रामीणों ने आगजनी की। बम भी चले। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भी बवाल बढ़ता गया। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस ने कई राउंड गोलियां चलाईं। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है।
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उपद्रव में आरएएफ के एक उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मी इसमें घायल हो गए। चार ग्रामीणों को भी एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें कुछ की हालत नाजुक बनी है। बवाल बढ़ने की आशंका के मद्देनजर डीएम, एसएसपी की मौजूदगी में गांव के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर आसपास के जिलों से भी फोर्स बुला ली गई। बाद में पुलिस ने गांव में सर्च अभियान चलाया और पुनर्वास किसान कल्याण समिति के संयोजक राजबहादुर पटेल के कई परिजनों समेत 25 ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया। कचरी के ग्रामीण मेजा में एनटीपीसी पावर प्लांट के लिए पांच परिवारों को विस्थापित किए जाने से नाराज थे।
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 मेजा के कोहड़ार में एनटीपीसी के निर्माणाधीन पावर प्लांट के लिए पांच परिवारों का पुनर्वास होना था। करछना पावर प्लांट निर्माण के विरोध में कचरी में हुए पूर्व के बवाल से सबक लेते हुए प्रशासन ने वहां भी भारी फोर्स तैनात कर दी थी। प्रशासन को सूचना मिली थी कि कचरी के कुछ ग्रामीण हावड़ा-नई दिल्ली रूट जाम कर सकते हैं। इसलिए विशेष निगरानी बरती जा रही थी। कोहड़ार में तो विस्थापन की प्रक्रिया शांतिपूर्वक निपट गई लेकिन कचरी में शाम होते-होते हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।
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विस्थापन के विरोध में पुनर्वास कल्याण समिति के एक सदस्य ने अपनी ही झोपड़ी में आग लगा दी। दमकल गाड़ियाें के साथ पुलिसकर्मी आग बुझाने पहुंचे तो गांववालों ने पथराव के साथ ही चापड़ से भी हमला बोल दिया। थोड़ी ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और इसके बाद कई राउंड गोलियां चलाईं। वहीं पुलिस का कहना है कि उपद्रव कर रहे लोगों ने बमबाजी की। बवाल में आरएएफ के उपनिरीक्षक रमाशंकर सिंह, पुलिसकर्मी आरएन तिवारी समेत तीन घायल हो गए। वहीं चार ग्रामीणों कप्तान पटेल, कल्याण सिंह, जगत बहादुर और कप्तान के नाबालिग बेटे समेत चार ग्रामीण भी घायल हुए हैं। सभी को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी है।


दूसरी ओर ग्रामीणों के हमले के बाद डीएम, एसएसपी की अगुवाई में पुलिसकर्मियाें ने गांव में घुसकर सर्च अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने पूर्व में कचरी आंदोलन के मुखिया रहे राजबहादुर पटेल की पत्नी रीता देवी, बेटे दिलीप, बेटी ज्योति और सात महिलाओं समेत 25 से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों के उग्र आंदोलन की आशंकाओं के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी केएस इमैनुएल ने गांव में डेरा डाल दिया है।
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