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सिविल लाइंस लूटकांड में तीन लुटेरे गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Jan 2016 12:10 AM IST
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सिविल लाइंस इलाके में करीब तीन महीने पहले सरेराह गाड़ी रोककर फर्म के कैशियर से सवा सात लाख रुपये लूट की घटना का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच और पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूट में प्रयुक्त बाइक और नगदी बरामद की गई है। पुलिस को उनके दो साथियों की तलाश है। वे फरार हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी रकम फरार दो लुटेरों के पास है। पकड़े गए दो युवक फर्म में नौकरी करते थे। वहां पैसे गबन करने पर निकाला गया तो उन्होंने बदमाशों के साथ लूट की साजिश रचकर यह वारदात करा दी थी।
सिविल लाइंस में हीरा हलवाई चौराहा के पास बसंत विहार कॉलोनी में वाराणसी के पुनीत अग्रवाल की एजेंसी का कास्मेटिक्स समेत तमाम दूसरे उत्पादों का गोदाम और कार्यालय है। 14 अक्तूबर को दोपहर करीब बारह बजे फर्म के कार्यालय से कैशियर सुमित टंडन और मैनेजर सात लाख बीस हजार रुपये लेकर डिलेवरी वैन से बैंक के लिए रवाना हुए थे। गाड़ी बमुश्किल दो सौ मीटर आगे कॉलोनी के गेट तक पहुंची तभी बाइक सवार बदमाशों ने तमंचा सटाकर कैशियर से सात लाख 20 हजार रुपये लूट लिए थे। क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय ने तभी शक जताया था कि फर्म के उन कर्मचारियों का इस घटना में हाथ हो सकता है जिन्हें किसी वजह से निकाला गया।
और यह संदेह सही निकला। क्राइम ब्रांच और सिविल लाइंस पुलिस ने सोमवार दोपहर नवाब युसूफ रोड पर घेरकर पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों को दबोचा तो लूट का खुलासा हो गया। बरामद बाइक लूट में इस्तेमाल हुई थी। पकड़े गए लोगों मे्ं चिल्ला गांव गोविंदपुर के आशीष पासी उर्फ मनी और नितिन रावत पहले इस फर्म में काम कर चुके थे। तीसरा गिरफ्तार शुभम पासी लूट में शामिल था। इन तीनों के पास 70 हजार रुपये, तमंचा और बम बरामद हुए। एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि दो बदमाश करेली इलाके का राशिद और गोविंदपुर का हिमांशु मिश्रा फरार हैं।
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30 हजार रुये के गबन पर नौकरी से निकाले जाने के बाद बौखलए मनी और नितिन ने एक रोज शराब की दुकान में नशे में हिमांशु और शुभम से कहा था कि उसके फर्म से रोज लाखों रुपये बैंक भेजे जाते हैं। बस लूट की योजना बन गई। शुभम, राशिद और हिमांशु ने पल्सर बाइक पर जाकर रकम लूटी और फिर पैसों का बंटवारा किया।
पुलिस का दावा है कि लूटकांड के बाद 27 नवंबर की रात करीब पौने ग्यारह बजे सिविल लाइंस में डोसा प्लाजा चौराहा पर कार रोककर राजपूत ज्वेलर के मालिक को रोककर अपहरण की कोशिश और नगदी तथा गहनों की लूट में भी इसी गिरोह का हाथ था।
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सिविल लाइंस में हीरा हलवाई चौराहा के पास बसंत विहार कॉलोनी में वाराणसी के पुनीत अग्रवाल की एजेंसी का कास्मेटिक्स समेत तमाम दूसरे उत्पादों का गोदाम और कार्यालय है। 14 अक्तूबर को दोपहर करीब बारह बजे फर्म के कार्यालय से कैशियर सुमित टंडन और मैनेजर सात लाख बीस हजार रुपये लेकर डिलेवरी वैन से बैंक के लिए रवाना हुए थे। गाड़ी बमुश्किल दो सौ मीटर आगे कॉलोनी के गेट तक पहुंची तभी बाइक सवार बदमाशों ने तमंचा सटाकर कैशियर से सात लाख 20 हजार रुपये लूट लिए थे। क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय ने तभी शक जताया था कि फर्म के उन कर्मचारियों का इस घटना में हाथ हो सकता है जिन्हें किसी वजह से निकाला गया।
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और यह संदेह सही निकला। क्राइम ब्रांच और सिविल लाइंस पुलिस ने सोमवार दोपहर नवाब युसूफ रोड पर घेरकर पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों को दबोचा तो लूट का खुलासा हो गया। बरामद बाइक लूट में इस्तेमाल हुई थी। पकड़े गए लोगों मे्ं चिल्ला गांव गोविंदपुर के आशीष पासी उर्फ मनी और नितिन रावत पहले इस फर्म में काम कर चुके थे। तीसरा गिरफ्तार शुभम पासी लूट में शामिल था। इन तीनों के पास 70 हजार रुपये, तमंचा और बम बरामद हुए। एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि दो बदमाश करेली इलाके का राशिद और गोविंदपुर का हिमांशु मिश्रा फरार हैं।
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30 हजार रुये के गबन पर नौकरी से निकाले जाने के बाद बौखलए मनी और नितिन ने एक रोज शराब की दुकान में नशे में हिमांशु और शुभम से कहा था कि उसके फर्म से रोज लाखों रुपये बैंक भेजे जाते हैं। बस लूट की योजना बन गई। शुभम, राशिद और हिमांशु ने पल्सर बाइक पर जाकर रकम लूटी और फिर पैसों का बंटवारा किया।
पुलिस का दावा है कि लूटकांड के बाद 27 नवंबर की रात करीब पौने ग्यारह बजे सिविल लाइंस में डोसा प्लाजा चौराहा पर कार रोककर राजपूत ज्वेलर के मालिक को रोककर अपहरण की कोशिश और नगदी तथा गहनों की लूट में भी इसी गिरोह का हाथ था।