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घर में अकेली बुजुर्ग महिला को लहूलुहान कर लूट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:38 PM IST
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शहर के जानसेनगंज में मंगलवार रात घर में अकेली बुजुर्ग महिला को लहूलुहान कर बदमाशों लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहे दो नौकरों के कमरे की कुंडी को बाहर से बंद कर दिया गया था। सुबह दुकान खोलने पहुंचे तीसरे नौकर ने नीचे चैनल का ताला खुला देखा तो लूट का पता चला। बुजुर्ग महिला किचेन में खून से लथपथ तड़पती हुईं मिलीं। कमरे में सामान बिखरा पड़ा था और आलमारी के दरवाजे भी खुले थे लेकिन कुछ नगदी और जेवर भी वहां पड़े मिले। सूचना कोतवाली पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम पहुंची। पुलिस तीनों नौकरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं रामबाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
जानसेनगंज की आशा चौरसिया (60) की घर में ही हलवाई की दुकान है। उनके पति ओम प्रकाश चौरसिया की दस साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। आशा की पांच बेटियां और एक बेटा प्रवेश है। उनकी दो बेटियां अमेरिका, एक मध्यप्रदेश में रहती है, जबकि एक बेटी की शादी रानीमंडी में हुई है। प्रवेश दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। उसके साथ उसकी छोटी बहन भी रहकर पढ़ाई करती है। आशा के साथ दुकान पर उनका भांजा विशाल चौरसिया भी बैठता था। विशाल मुट्ठीगंज का है। बुधवार सुबह आशा की दुकान पर काम करने वाला अतरसुइया का रोहित पहुंचा तो उसने देखा कि नीचे चैनल का दरवाजा खुला है। उसने आशा को आवाज दी और घंटी बजाई लेकिन दरवाजा नहीं खुला। तब उसने विशाल को फोन किया।
विशाल आया और उसने आशा के मकान से कुछ दूर पर रहने वाले उनके भतीजे अजय चौरसिया को बुलाया। तब सब लोग चैनल खोलकर ऊपर गए। अंदर कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। कुछ नगदी और जेवर भी पड़े थे। आशा देवी वहां नहीं थीं। आलमारी का दरवाजा भी खुला था। किचेन में आशा देवी खून से लथपथ तड़प रही थीं। उनके सिर और हाथ में गहरे जख्म थे। आशा के हाथ की दो अंगुलियां टूटी हुईं हैं। जिस ढंग से उनके हाथ में घाव हैं, उससे आशंका है कि वह हमलावरों से वह भिड़ गईं थीं। सूचना पर कोतवाली पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम पहुंची। दूसरी मंजिल पर रहने वाले नौकरों के कमरे की कुंडी खोली गई तो वे बाहर निकले।
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खोजी कुत्ता कमरे से बाहर सड़क पर आया और उसके बाद भटक गया। वहीं पुलिस को छानबीन में पता चला कि कमरे में कुछ नगदी और जेवर पड़े थे। ऐसे में पुलिस को शक है कि लूट के इरादे से आशा देवी के घर में बदमाश घुसे थे। पुलिस लूट और अन्य दूसरे पहलुओं पर जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि आशा ने एक दुकान किराए पर दी थी। उनक ा किराएदार मोबाइल की दुकान चलाता है। आशा का उससे बीस दिन पहले विवाद भी हुआ था। पुलिस नौकर रोहित और दूसरी मंजिल पर रहने वाले नौकर कौड़िहार के सुग्गा और सुजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
वहीं सीओ प्रथम रूपेश सिंह ने बताया कि लूट के इरादे से आशा देवी को लहूलुहान करने की बात प्रारंभिक जांच में स्पष्ट नहीं है, चूंकि कमरे में नगदी और कुछ अन्य कीमती सामान पड़ा था। लुटेरे होते तो उसे भी ले जाते।
लूट और अन्य दूसरे बिंदुओं पर जांच की जा रही है। नौकरों की गतिविधि संदिग्ध है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आशा देवी के घर कितने की लूट हुई है, यह बात उनके होश में आने के बाद ही पता चलेगी। उनके होश में आने पर ही मामले की सच्चाई पता चलेगी।
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जानसेनगंज की आशा चौरसिया (60) की घर में ही हलवाई की दुकान है। उनके पति ओम प्रकाश चौरसिया की दस साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। आशा की पांच बेटियां और एक बेटा प्रवेश है। उनकी दो बेटियां अमेरिका, एक मध्यप्रदेश में रहती है, जबकि एक बेटी की शादी रानीमंडी में हुई है। प्रवेश दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। उसके साथ उसकी छोटी बहन भी रहकर पढ़ाई करती है। आशा के साथ दुकान पर उनका भांजा विशाल चौरसिया भी बैठता था। विशाल मुट्ठीगंज का है। बुधवार सुबह आशा की दुकान पर काम करने वाला अतरसुइया का रोहित पहुंचा तो उसने देखा कि नीचे चैनल का दरवाजा खुला है। उसने आशा को आवाज दी और घंटी बजाई लेकिन दरवाजा नहीं खुला। तब उसने विशाल को फोन किया।
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विशाल आया और उसने आशा के मकान से कुछ दूर पर रहने वाले उनके भतीजे अजय चौरसिया को बुलाया। तब सब लोग चैनल खोलकर ऊपर गए। अंदर कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। कुछ नगदी और जेवर भी पड़े थे। आशा देवी वहां नहीं थीं। आलमारी का दरवाजा भी खुला था। किचेन में आशा देवी खून से लथपथ तड़प रही थीं। उनके सिर और हाथ में गहरे जख्म थे। आशा के हाथ की दो अंगुलियां टूटी हुईं हैं। जिस ढंग से उनके हाथ में घाव हैं, उससे आशंका है कि वह हमलावरों से वह भिड़ गईं थीं। सूचना पर कोतवाली पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम पहुंची। दूसरी मंजिल पर रहने वाले नौकरों के कमरे की कुंडी खोली गई तो वे बाहर निकले।
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खोजी कुत्ता कमरे से बाहर सड़क पर आया और उसके बाद भटक गया। वहीं पुलिस को छानबीन में पता चला कि कमरे में कुछ नगदी और जेवर पड़े थे। ऐसे में पुलिस को शक है कि लूट के इरादे से आशा देवी के घर में बदमाश घुसे थे। पुलिस लूट और अन्य दूसरे पहलुओं पर जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि आशा ने एक दुकान किराए पर दी थी। उनक ा किराएदार मोबाइल की दुकान चलाता है। आशा का उससे बीस दिन पहले विवाद भी हुआ था। पुलिस नौकर रोहित और दूसरी मंजिल पर रहने वाले नौकर कौड़िहार के सुग्गा और सुजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
वहीं सीओ प्रथम रूपेश सिंह ने बताया कि लूट के इरादे से आशा देवी को लहूलुहान करने की बात प्रारंभिक जांच में स्पष्ट नहीं है, चूंकि कमरे में नगदी और कुछ अन्य कीमती सामान पड़ा था। लुटेरे होते तो उसे भी ले जाते।
लूट और अन्य दूसरे बिंदुओं पर जांच की जा रही है। नौकरों की गतिविधि संदिग्ध है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आशा देवी के घर कितने की लूट हुई है, यह बात उनके होश में आने के बाद ही पता चलेगी। उनके होश में आने पर ही मामले की सच्चाई पता चलेगी।