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शातिर ठग बृजेश गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 21 Jun 2016 01:30 AM IST
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नौकरी दिलाने के नाम पर नैनी में लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले शातिर ठग बृजेश को सोमवार रात नए पुल पर पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से करीब साढ़े आठ लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। पकड़े गए शातिर बृजेश कुमार यादव ने नैनी में चकभटाही के एक परिवार को विश्वास में लेकर उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर चौदह लाख रुपये ऐंठ लिए थे। इसके अलावा उसने शहर के दारागंज, अलोपीबाग, जार्जटाउन में भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
वह अपने परिवार के साथ कहीं भी किरायेदार बन कर रहता था और अपने को रेलवे का अफसर बता कर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रकम ऐंठ कर परिवार समेत गायब हो जाता था। कानपुर, लखनऊ, बनारस में उसकी लोकेशन बराबर पुलिस को मिलती रही लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था। उसके खिलाफ चकभटाही के सूर्यमणि ने नैनी कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था। भुक्तभोगी का कहना है कि उसने बेटे की नौकरी लगवाने के लिए बृजेश को जमीन बेचकर चौदह लाख रुपये दिए थे। बृजेश ने खुद को रेलवे विजलेंस का अफसर बताया था। उसका ठिकाना कानपुर मेें है लेकिन वह ज्यादातर बनारस में रहता रहा। उसे पकड़ने में नैनी कोतवाली प्रभारी राम सूरत सोनकर, एसआई धर्मेंद्र कुमार तथा सिपाही मनोज कुमार यादव की टीम जुटी रही। सिपाही मनोज ने अभियुक्त के मोबाइल को सर्विलांस में लगा रखा था जिससे उसकी लोकेशन बराबर मिलती रही। सोमवार को भी वह पुलिस को चकमा देकर भागने की फिराक में था लेकिन पुलिस ने धर दबोचा।
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वह अपने परिवार के साथ कहीं भी किरायेदार बन कर रहता था और अपने को रेलवे का अफसर बता कर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रकम ऐंठ कर परिवार समेत गायब हो जाता था। कानपुर, लखनऊ, बनारस में उसकी लोकेशन बराबर पुलिस को मिलती रही लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था। उसके खिलाफ चकभटाही के सूर्यमणि ने नैनी कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था। भुक्तभोगी का कहना है कि उसने बेटे की नौकरी लगवाने के लिए बृजेश को जमीन बेचकर चौदह लाख रुपये दिए थे। बृजेश ने खुद को रेलवे विजलेंस का अफसर बताया था। उसका ठिकाना कानपुर मेें है लेकिन वह ज्यादातर बनारस में रहता रहा। उसे पकड़ने में नैनी कोतवाली प्रभारी राम सूरत सोनकर, एसआई धर्मेंद्र कुमार तथा सिपाही मनोज कुमार यादव की टीम जुटी रही। सिपाही मनोज ने अभियुक्त के मोबाइल को सर्विलांस में लगा रखा था जिससे उसकी लोकेशन बराबर मिलती रही। सोमवार को भी वह पुलिस को चकमा देकर भागने की फिराक में था लेकिन पुलिस ने धर दबोचा।
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