फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Police dashed hopes of a big windfall this Diwali.

Hathras News: दिवाली पर मोटी कमाई की उम्मीदों पर पुलिस ने फेरा पानी

Thu, 08 Oct 2026 02:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Thu, 08 Oct 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
Police dashed hopes of a big windfall this Diwali.
दिवाली पर अवैध आतिशबाजी और देसी पटाखे बनाकर मोटी कमाई करने के इरादे से जमा किए जा रहे अवैध बारूद के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस व प्रशासनिक की कार्रवाई से अवैध पोटाश, गंधक और कलमी शोरा का कारोबार करने वाले रसूखदारों और मुनाफाखोरों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
विज्ञापन

कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य पटाखा कारोबारियों और अवैध रसायन का भंडारण करने वालों में खलबली मची हुई है। कोतवाली नगर पुलिस ने अहियापुर निवासी राम वार्ष्णेय के जलेसर रोड स्थित किराये के गोदाम व अहियापुर रोड स्थित मकान पर दबिश दी थी। मौके से 37 प्लास्टिक के कट्टों में 1750 किलो पोटाश और सात कट्टों में 350 किलो गंधक बरामद किया गया था।
विज्ञापन

बुधवार को पुलिस ने आरोपी राम वार्ष्णेय को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर, आरोपी मनोज के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान पोटाश के 441 कट्टे (कुल वजन 22 टन) तथा गंधक के 12 कट्टे (कुल वजन 600 किलोग्राम) बरामद किए गए। आरोपी मनोज को फरीदाबाद पुलिस अपने साथ ले गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन बड़े व्यापारी फरार, मुकदमे दर्ज
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने भी 177 कट्टे पोटाश और 45 कट्टे गंधक के बरामद किए हैं। यहां से कुल आठ टन अवैध विस्फोटक रसायन जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में रौनक वार्ष्णेय, लकी वार्ष्णेय और कपिल के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


देसी पटाखे बनाने में होता है गंधक-पोटाश का इस्तेमाल
गंधक व पोटाश का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर देसी पटाखे और तेज धमाके वाले आतिशबाजी सामान बनाने में किया जाता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण चल रहा है। किसी सुरक्षा मानकों और बिना लाइसेंस के घनी आबादी वाले इलाकों में इतने विशाल पैमाने पर विस्फोटक का भंडारण किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बन सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed