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दिव्यांग के बच्चे को बंधक बनाकर पीटा

Wed, 27 Apr 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 27 Apr 2016 12:28 AM IST
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Beaten child hostage divyanga
एमएनएनआईटी श‌िक्षक ने बच्चे को बंधक बनाया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
एमएनएनआईटी के एक शिक्षक पर एक दिव्यांग के मासूम बच्चे को बंधक बनाकर नौकर क ी तरह रखने और गलती पर पीटने का आरोप लगा है। बंधक बना मासूम मंगलवार शाम चुपके से घर से भागकर कॉलोनी के लोगों के पास पहुंच गया। लोग रोते- बिलखते बच्चे को लेकर शिवकुटी थाने पहुंच गए। बच्चे के साथ भीड़ देखकर शिवकुटी पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस शिक्षक के घर पहुंची तो वह गायब था। शिवकुटी पुलिस का कहना है कि बच्चा शिक्षक के  रिश्तेदार का बेटा है। बच्चे के माता-पिता से बात की गई। वे तहरीर देने को राजी नहीं हुए। 
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एमएनएनआईटी के एक शिक्षक परिवार समेत कैंपस के हॉस्टल में रहते हैं। बाराबंकी के रहने वाले शिक्षक के एक बच्चा है। जिसकी देख भाल के लिए गांव के ही दिव्यांग रिश्तेदार के दस वर्षीय बेटे को लेकर आए थे। बच्चे के पिता को भरोसा दिलाया था कि वे उसे ले जा रहे हैं। उसे अपने साथ रखेंगे और स्कूल में दाखिला करा देंगे। लेकिन उसका एडमीशन नहीं कराया। बच्चे का आरोप है कि शिक्षक दंपति गांव से लाने के बाद से उसके साथ नौकर जैसा बर्ताव करते थे। उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती और खाना-पानी बंद कर दिया जाता था। बच्चे का आरोप है कि प्रताड़ना से आजिज आकर सोमवार को वह दुकान पर जहर लेने गया था। लेकिन दुकानदार ने शिक्षक को बुलाकर बता दिया। शिक्षक बच्चे को लेकर घर गया और उसे मारपीट कर बालकनी में बंद कर दिया। आरोप है कि उसे पानी तक नहीं दिया गया।

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शिक्षक की प्रताड़ना से आजिज बच्चा मंगलवार शाम को शिक्षक के चंगुल से छूटकर कॉलोनी के बाहर रोते हुए घूम रहा था। कॉलोनी के लोगों ने बच्चे को रोते देखा तो पूछताछ करने लगे। बच्चे की जुबान से शिक्षक की करतूत सुनकर लोगों को गुस्सा आ गया। मोहल्ले के लोग बच्चे को लेकर शिवकुटी थाने पहुंचे। पूछताछ के बाद पुलिस शिक्षक के घर पहुंची तो वह गायब था। पुलिस ने बच्चे के घरवालों से मोबाइल पर बात की। बच्चे के विकलांग पिता ने कहा कि वे रिपोर्ट नहीं लिखाएंगे। शिक्षक उनके रिश्तेदार हैं। एसओ शिवकुटी विजय प्रताप ने बताया कि शिक्षक को थाने पर बुलाया गया। शिक्षक का कहना था कि शरारत और पढ़ाई न करने पर  बच्चे को डांटे थे। इससे नाराज होकर उसने ऐसा किया। शिक्षक का कहना है कि वह बच्चे को उसके घर पहुंचा देंगे। 

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