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जंघई में बेसब्र हुए लोग, बैंक पर पथराव, तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 15 Dec 2016 12:44 AM IST
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पिछले चार दिनों से कैश के लिए तरस रहे लोगों को बुधवार को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन वह भी सिर्फ शहरी इलाकों में। इसके उलट ग्रामीण इलाकों में नगदी के लिए मारामारी पहले से भी ज्यादा बढ़ गई है। अब तो हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। जंघई बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर परेशान हाल लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बैंक पर ताला जड़ दिया। बीच में पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह उनहें शांत कराया लेकिन शाम को भी लोगों की परेशानी दूर नहीं हुई तो नाराज लोगों ने पथराव कर दिया। बैंक की खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। लोगों का कहना था कि बैंक कर्मचारी सिर्फ व्यापारियों की ही सुन रहे हैं और उन्हें दिन भर लाइन में लगने के बाद भी कैश नहीं मिलता। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को किसी तरह स्थिति संभाली।
बताते हैं कि बुधवार सुबह रोज की तरह बीओबी की शाखा पर ग्राहकों की लाइन लगी थी। शाखा पर जमा भीड़ में अधिकतर गरीब तबके के लोग थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। करीब ग्यारह बजे महिलाओं ने बैंक के गेट पर ताला जड़ दिया। महिलाएं वहीं गेट पर बैठ गईं। इससे कई बैंककर्मी बाहर ही रह गए। उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया। आरोप लगाया कि बैंक में गड़बड़ी की जा रही है, सभी को पैसा नहीं मिल रहा है।
बैंक कर्मी कुछ खास लोगों को दस से बीस हजार रुपये तक दे रहे हैं और कमजोर वर्ग के लोगों को दो हजार भी नहीं दे रहे। बैंक में तालाबंदी की सूचना पर पहुंची पुलिस को भी महिलाओं ने घेर लिया। पुलिस के समझाने पर गेट खुला फिर बैंक कर्मचारी अंदर जा सके। लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी कुछ बड़े लोगों पर मेहरबान हैं। गरीब लोग धक्के खा रहे हैं। दोपहर में तो मामला किसी तरह शांत हो गया लेकिन हालात फिर भी नहीं सुधरे। दिन भर लाइन में लगे लोगों को शाम को भी कैश नहीं मिला तो उनका धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद लोगों ने बैंक में पथराव शुरू कर दिया। देर तक हंगामा होता रहा।
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बताते हैं कि बुधवार सुबह रोज की तरह बीओबी की शाखा पर ग्राहकों की लाइन लगी थी। शाखा पर जमा भीड़ में अधिकतर गरीब तबके के लोग थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। करीब ग्यारह बजे महिलाओं ने बैंक के गेट पर ताला जड़ दिया। महिलाएं वहीं गेट पर बैठ गईं। इससे कई बैंककर्मी बाहर ही रह गए। उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया। आरोप लगाया कि बैंक में गड़बड़ी की जा रही है, सभी को पैसा नहीं मिल रहा है।
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बैंक कर्मी कुछ खास लोगों को दस से बीस हजार रुपये तक दे रहे हैं और कमजोर वर्ग के लोगों को दो हजार भी नहीं दे रहे। बैंक में तालाबंदी की सूचना पर पहुंची पुलिस को भी महिलाओं ने घेर लिया। पुलिस के समझाने पर गेट खुला फिर बैंक कर्मचारी अंदर जा सके। लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी कुछ बड़े लोगों पर मेहरबान हैं। गरीब लोग धक्के खा रहे हैं। दोपहर में तो मामला किसी तरह शांत हो गया लेकिन हालात फिर भी नहीं सुधरे। दिन भर लाइन में लगे लोगों को शाम को भी कैश नहीं मिला तो उनका धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद लोगों ने बैंक में पथराव शुरू कर दिया। देर तक हंगामा होता रहा।
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