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अशरफ अदालत में हाजिर हो...
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 27 Jul 2017 02:18 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अशरफ उर्फ खालिद अजीम अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट अष्ठम की अदालत में हाजिर हो.....। सर्व साधारण को सूचना देने के साथ अशरफ उर्फ खालिद अजीम की संपत्ति को कुर्क करने के लिए चकिया इलाके के आधा दर्जन स्थानों पर ढोल नगाड़े बजवाकर यह मुनादी कराई गई। अदालत के आदेश से कराई गई मुनादी में यह घोषणा की गई कि अशरफ उर्फ खालिद अजीम पुत्र हाजी फीरोज अहमद निवासी 95 चकिया थाना खुल्दाबाद थाना धूमनगंज थाने में 147,148,149,307,506, 120 बी आईपीसी और आर्म्स एक्ट में नामजद है। इस मुकदमे में अशरफ को समन, जमानती वारंट और गैर जमानती वारंट तामील कराने के लिए भेजे गए। मगर अशरफ इन आदेशों को तामील नहीं कर रहा है और जानबूझकर अपने को छिपा रहा है।
मुनादी में घोषणा की गई है कि अशरफ सक्षम न्यायालय में आरोपों का जवाब देने के लिए उपस्थित हो। यह मुनादी धूमनगंज और खुल्दाबाद पुलिस ने छह जगहों पर कराई। पूरी मुनादी में डेढ़ घंटा लगे। जिसकी शुरुआत सुबह साढ़े ग्यारह बजे अशरफ के घर पर कुर्की वारंट को चस्पा करने के साथ की गई। वहीं पर ढोल नगाड़े और लाउडस्पीकर के साथ अदालत के इस आदेश को पढ़कर सुनाया गया। इस दौरान अतीक अहमद के भाई अशरफ का मेन गेट खुला हुआ था। जिसकी गवाही वहां के दो नौकर और आसपास के दो और लोगों से कराई गई। इसी के बाद चकिया इलाके के पांच अन्य स्थानों पर इसी अंदाज में मुनादी हुई, इस दौरान सीओ सिविल लाइंस भी मौजूद रहे ।
थाना धूमनगंज के झलवा में 20 मार्च 2016 को जय श्री उर्फ सूरज कली तथा उसके बेटे नरेंद्र कुशवाहा पर जानलेवा हमला हुआ था। फायरिंग की गई, जिसमें नरेंद्र कुशवाहा को गोली लगी थी। रिपोर्ट नरेंद्र की मां सूरज कली की ओर से थाने में दर्ज कराई गई। जिसमें माफिया अतीक अहमद और कपिल देव सहित कई को नामजद कराया गया। उनके अलावा शिफ्ट डिजाइर कार में बैठे अशरफ सहित पांच और लोगों का एफआईआर में हवाला दिया गया था। कपिल देव के खिलाफ पहले ही कार्रवाई हो गई है। माफिया अतीक के जेल में होने की वजह से उनके खिलाफ भी कल इस घटना से जुड़ा वारंट तामील करा दिया गया है।
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पूर्व विधायक अशरफ के फरार होने के कारण उनको वारंट तामील नहीं हो सका था। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट अष्ठम की अदालत से दो दिन पहले धारा 82 के तहत कुर्की आदेश जारी हुआ था। जिसे तामील कराने की जिम्मेदारी थाना धूमनगंज पुलिस को सौंपी गई थी।
अदालत के आदेश पर पुलिस बुधवार दोपहर अशरफ के घर पहुंची। अशरफ और अतीक दोनों भाइयों का घर एक ही परिसर में है। इसी वजह से पहले दोनों परिवार की महिलाओं तथा वहां काम करने वाले नौकरों से अशरफ के बारे में पूछताछ की गई। किसी ने अशरफ के बारे में जानकारी नहीं दी। ऐसे में सीओ और एसओ ने उनके घर के मुख्य गेट पर अदालत का कुर्की आदेश चस्पा कर दिया। आसपास के इलाकों में उनके मकान और घर के सामान की कुर्की का प्रचार ढोल नागाड़े और लाउडस्पीकर के जरिए कराया।
ट्िपिल आईटी के पास छह अगस्त 2016 को झलवा निवासी अरशद की लाइसेंसी रायफल तोड़ने के आरोपी पूर्व विधायक अशरफ के खिलाफ एसीजेएम अष्ठम की अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। यह आदेश भी उनके घर पर चस्पा किया गया। पिछले साल आठ अगस्त को सुशीूल यादव की दुकान के पास झलवा के रहने वाले अरशद का कई लोगों से झगड़ा हो गया। इस झगड़े में अरशद की लाइसेंसी रायफल तोड़ दी गई थी। जिसमें अशरफ सहित छह लोगों को नामजद किया गया था। इस घटना में थाना धूमनगंज पुलिस ने जुल्फकार उर्फ तोता, इकराम, लवकुश आरिफ सहित पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अशरफ नहीं मिले तो उनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी करा लिया गया। इस आरोप में भी जारी हुआ वारंट उसके घर पर चप्सा कर दिया गया।
‘यह कार्रवाई धारा 82 के तहत की गई है। अशरफ के अदालत में हाजिर न होने की स्थिति में एक महीने के भीतर धारा 83 के तहत घर का सामान कुर्क करने की कार्रवाई प्रस्तावित की जानी है।’-श्रीश चंद्र, सीओ सिविल लाइंस
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मुनादी में घोषणा की गई है कि अशरफ सक्षम न्यायालय में आरोपों का जवाब देने के लिए उपस्थित हो। यह मुनादी धूमनगंज और खुल्दाबाद पुलिस ने छह जगहों पर कराई। पूरी मुनादी में डेढ़ घंटा लगे। जिसकी शुरुआत सुबह साढ़े ग्यारह बजे अशरफ के घर पर कुर्की वारंट को चस्पा करने के साथ की गई। वहीं पर ढोल नगाड़े और लाउडस्पीकर के साथ अदालत के इस आदेश को पढ़कर सुनाया गया। इस दौरान अतीक अहमद के भाई अशरफ का मेन गेट खुला हुआ था। जिसकी गवाही वहां के दो नौकर और आसपास के दो और लोगों से कराई गई। इसी के बाद चकिया इलाके के पांच अन्य स्थानों पर इसी अंदाज में मुनादी हुई, इस दौरान सीओ सिविल लाइंस भी मौजूद रहे ।
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थाना धूमनगंज के झलवा में 20 मार्च 2016 को जय श्री उर्फ सूरज कली तथा उसके बेटे नरेंद्र कुशवाहा पर जानलेवा हमला हुआ था। फायरिंग की गई, जिसमें नरेंद्र कुशवाहा को गोली लगी थी। रिपोर्ट नरेंद्र की मां सूरज कली की ओर से थाने में दर्ज कराई गई। जिसमें माफिया अतीक अहमद और कपिल देव सहित कई को नामजद कराया गया। उनके अलावा शिफ्ट डिजाइर कार में बैठे अशरफ सहित पांच और लोगों का एफआईआर में हवाला दिया गया था। कपिल देव के खिलाफ पहले ही कार्रवाई हो गई है। माफिया अतीक के जेल में होने की वजह से उनके खिलाफ भी कल इस घटना से जुड़ा वारंट तामील करा दिया गया है।
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पूर्व विधायक अशरफ के फरार होने के कारण उनको वारंट तामील नहीं हो सका था। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट अष्ठम की अदालत से दो दिन पहले धारा 82 के तहत कुर्की आदेश जारी हुआ था। जिसे तामील कराने की जिम्मेदारी थाना धूमनगंज पुलिस को सौंपी गई थी।
अदालत के आदेश पर पुलिस बुधवार दोपहर अशरफ के घर पहुंची। अशरफ और अतीक दोनों भाइयों का घर एक ही परिसर में है। इसी वजह से पहले दोनों परिवार की महिलाओं तथा वहां काम करने वाले नौकरों से अशरफ के बारे में पूछताछ की गई। किसी ने अशरफ के बारे में जानकारी नहीं दी। ऐसे में सीओ और एसओ ने उनके घर के मुख्य गेट पर अदालत का कुर्की आदेश चस्पा कर दिया। आसपास के इलाकों में उनके मकान और घर के सामान की कुर्की का प्रचार ढोल नागाड़े और लाउडस्पीकर के जरिए कराया।
ट्िपिल आईटी के पास छह अगस्त 2016 को झलवा निवासी अरशद की लाइसेंसी रायफल तोड़ने के आरोपी पूर्व विधायक अशरफ के खिलाफ एसीजेएम अष्ठम की अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। यह आदेश भी उनके घर पर चस्पा किया गया। पिछले साल आठ अगस्त को सुशीूल यादव की दुकान के पास झलवा के रहने वाले अरशद का कई लोगों से झगड़ा हो गया। इस झगड़े में अरशद की लाइसेंसी रायफल तोड़ दी गई थी। जिसमें अशरफ सहित छह लोगों को नामजद किया गया था। इस घटना में थाना धूमनगंज पुलिस ने जुल्फकार उर्फ तोता, इकराम, लवकुश आरिफ सहित पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अशरफ नहीं मिले तो उनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी करा लिया गया। इस आरोप में भी जारी हुआ वारंट उसके घर पर चप्सा कर दिया गया।
‘यह कार्रवाई धारा 82 के तहत की गई है। अशरफ के अदालत में हाजिर न होने की स्थिति में एक महीने के भीतर धारा 83 के तहत घर का सामान कुर्क करने की कार्रवाई प्रस्तावित की जानी है।’-श्रीश चंद्र, सीओ सिविल लाइंस