और वह डांसर से बन गया शूटर
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डांसर से शूटर बने इस 24 साल के अपराधी का नाम है राजेश उर्फ माइकल। वह कर्नलगंज में लाला की सरैया मुहल्ले का रहने वाला है। उसे तीन रोज पहले दो अन्य शूटरों के साथ क्राइम ब्रांच ने बेटे के कत्ल के गवाह जबर सिंह यादव की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह अपने स्कूल के दिनों में डांसर था। माइकल जैक्सन की तरह डांस की वजह से लोग उसे माइकल कहने लगे थे। अब राजेश उर्फ माइकल नाम पुलिस रेकार्ड में पेशेवर अपराधी की लिस्ट में जुड़ गया है। क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय के मुताबिक, नशे, ढेरों गर्लफ्रेंड और बुरी सोहबत के चलते माइकल डांस छोड़ अपराध की दुनिया में घुस गया।
पहले उसने चोरी-छिनैती की। गाड़ियां भी चुराकर बेची। जेल गया तो वहां पेशेवर बदमाशों से मिलकर दिमाग में हर वक्त एक झटके में मोटा पैसा कमाने की बात घूमने लगी। एक दर्जन से ज्यादा गर्लफ्रेंड, महंगे शौक, दोस्तों के साथ शाहखर्ची ने अब उसे हार्डकोर क्रिमिनल बना लिया है। बमुश्किल पांच फुट तीन इंच के दुबले-पतले माइकल ने जेल में बंद हत्या के आरोपी मंजीत से दो लाख रुपये की सुपारी लेकर जिस दुस्साहसिक ढंग से जबर सिंह को घर के भीतर गोलियों से छलनी किया और ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागा, इससे उसने पुलिस को सकते में डाल दिया। एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि गिरोह को गैंगस्टर एक्ट में भी पाबंद किया जाएगा।
राजेश उर्फ माइकल कोई पहला नाम नहीं है जो राह भटककर अपराध की दुनिया में दाखिल हो गया। पिछले पांच साल के दौरान लूट-छिनैती और सुपारी लेकर कत्ल में पकड़े गए अपराधियों में पांच युवक ऐसे थे, जिन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद जल्द पैसे कमाने और अंडरवर्ल्ड के के ग्लैमर में फंसकर गुनाह के राह पर बढ़ गए। इंटरमीडिएट, बीए, बीकॉम, बीएससी के दर्जनों छात्र आपराधिक वारदातों में पकडे़ जा चुके हैं। यहां तक कि बड़े कारोबारियों, इंजीनियर, डॉक्टर के भी बेटे शाहखर्ची और गर्लफ्रेंड के चक्कर में अपराध करने पर पकडे़ गए।