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आखिर हत्थे चढ़े फैसल के कातिल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 01 May 2016 01:46 AM IST
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क्राइम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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फैसल हत्याकांड का आखिरकार सात महीने बाद क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने वारदात अंजाम देने में शामिल चार अपराधियों को शुक्रवार रात सीएवी इंटर कॉलेज के निकट मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास चार अवैध असलहे और घटना में इस्तेमाल बाइक भी मिली है। बदमाशों ने कुबूला कि फैसल का कत्ल संकरी गली में बाइक से धक्का लगने पर हुए झगड़े में कर दिया गया था।
मोहत्सिमगंज में रहने वाले मोइनुद्दीन का पुत्र फैसल (22) पिछले साल 23 अक्तूबर की रात करीब सवा आठ बजे अपने दो मित्रों के साथ घर से निकला था तभी संकरी गली में कहासुनी के बाद बाइक सवार बदमाश उसे गोली मारकर भाग गए थे। सीने में गोली लगने से फैसल की मौत हो गई थी। दोस्तों ने बताया था कि दो बाइक पर चार बदमाश थे। उनमें एक बाइक सफेद रंग की अपाचे थी। कातिलों का कोई और सुराग नहीं मिल रहा था इसलिए क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने सफेद रंग की अपाचे बाइक के जरिए धरपकड़ करती रही। दिन पर दिन गुजरते गए लेकिन पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पा रही थी। फैसल के माता-पिता के साथ बड़ा भाई सिराजउद्दीन लगातार पुलिस अफसरों से मिलकर बदमाशों की गिरफ्तारी की फरियाद करते रहे। एसपी सिटी के अधीन एक स्पेशल टीम भी बनी मगर कोई नतीजा नहीं निकल रहा था। आखिरकार क्राइम ब्रांच ने कातिलों को खोज निकाला।
एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय कोतवाली पुलिस के साथ सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के पास मौजूद थे तभी मुखबिर से जानकारी मिली कि फैसल हत्याकांड अंजाम देने वाले बदमाश किसी घटना की फिराक में सीएवी इंटर कॉलेज के निकट खड़े हैं। क्राइम ब्रांच ने कोतवाली पुलिस के साथ घेराबंदी की तो बदमाश फायरिंग करने लगे। पुलिस टीम ने किसी तरह चार बदमाशों को दबोच लिया। उनके पास चार तमंचे और एक हीरो पैशन मोटरसाइकिल मिली। इन बदमाशों में मुंडेरा बाजार का राहुल भारतीय, फाफामऊ में प्रसिद्ध का पूरा निवासी नन्हे पासी, गंगानगर राजापुर का अनूप कुमार और हिम्मतगंज खुल्दाबाद का प्रमोद सोनकर उर्फ बुड्ढा शामिल है। पूछताछ में बदमाशों ने कुबूला कि वे 23 अक्तूबर की शाम नैनी में सरगम के पास सूअर चुराने की नीयत से गए थे। इसमें सफलता नहीं मिली तो वे लौटने लगे। रास्ते में उन सभी ने नैनी शंकरढाल पर एक दुकान से बीयर-शराब लेकर पी, फिर शहर रवाना हो गए।
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नन्हे अपाचे बाइक पर प्रमोद के साथ था जबकि पैशन पर राहुल और अनूप थे। उस रात भरत मिलाप और दशहरा की रोशनी की वजह से जानसेनगंज इलाके में ट्रैफिक प्रतिबंधित था। ऐसे में ये बदमाश दोनों बाइक पर मोहित्समगंज की गली में घुस गए। तभी नन्हे की अपाचे से फैसल को धक्का लगने पर उनके बीच झड़प हो गई। नशे में धुत नन्हे ने तमंचा निकालकर फैसल के सीने पर गोली मार दी। भीड़ लगी तो वे फायरिंग करते भाग निकले। अनूप और राहुल ने गोलियां चलाने के साथ ही लोगों को थप्पड़ भी मारे थे। एसएसपी ने बताया कि अपाचे बाइक अमित सोनकर नामक युवक की है, जिसे नन्हे मांगकर लाता था। अपाचे बरामद नहीं हो सकी है। गिरफ्तार बदमाशों में राहुल और नन्हे पासी हार्डकोर क्रिमिनल हैं। उनके खिलाफ कई मुकदमे हैं।
फैसल के कत्ल से उसके अब्बू मोइनुद्दीन और अम्मी रूबीना बेगम को गहरा सदमा पहुंचा है। घटना के बाद से माता-पिता और भाई कातिलों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस अफसरों से मिलकर गुहार लगाते रहे। तब से मां रूबीना एक रात भी चैन से नहीं सो सकीं। शनिवार को क्राइम ब्रांच ने बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद फैसल के परिजनों को भी पुलिस लाइन में बुलाया। कातिलों को देख वे बिलख पड़ीं। उनकी आंखों से गिरते आंसू उनकी वेदना को बयां कर रहे थे। रूबीना ने रूँधे गले से सिर्फ इतना कहा-क्या मिला तुम लोगों को मेरे बेटे की जान लेकर।
फैसल हत्याकांड पुलिस के लिए चुनौती की तरह था। आईजी से लेकर एसपी सिटी तक रोज इस घटना की जांच में प्रगति के बारे में पूछते थे। यही वजह है कि फैसल के कातिलों की गिरफ्तारी करने वाली क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, एचसीपी अवधेंद्र तिवारी, जुलकर नैन, रविसेन सिंह, गुलाम साबिर, पवन सिंह, अभय सिंह, विजय श्रीवास्तव, धीरज राय, उदय सिंह, संतोष सिंह, ज्ञानेंद्र राय, पंकज गिरी, अवनीश कुमार को एसएसपी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और हौसला बढ़ाया।
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मोहत्सिमगंज में रहने वाले मोइनुद्दीन का पुत्र फैसल (22) पिछले साल 23 अक्तूबर की रात करीब सवा आठ बजे अपने दो मित्रों के साथ घर से निकला था तभी संकरी गली में कहासुनी के बाद बाइक सवार बदमाश उसे गोली मारकर भाग गए थे। सीने में गोली लगने से फैसल की मौत हो गई थी। दोस्तों ने बताया था कि दो बाइक पर चार बदमाश थे। उनमें एक बाइक सफेद रंग की अपाचे थी। कातिलों का कोई और सुराग नहीं मिल रहा था इसलिए क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने सफेद रंग की अपाचे बाइक के जरिए धरपकड़ करती रही। दिन पर दिन गुजरते गए लेकिन पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पा रही थी। फैसल के माता-पिता के साथ बड़ा भाई सिराजउद्दीन लगातार पुलिस अफसरों से मिलकर बदमाशों की गिरफ्तारी की फरियाद करते रहे। एसपी सिटी के अधीन एक स्पेशल टीम भी बनी मगर कोई नतीजा नहीं निकल रहा था। आखिरकार क्राइम ब्रांच ने कातिलों को खोज निकाला।
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एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय कोतवाली पुलिस के साथ सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के पास मौजूद थे तभी मुखबिर से जानकारी मिली कि फैसल हत्याकांड अंजाम देने वाले बदमाश किसी घटना की फिराक में सीएवी इंटर कॉलेज के निकट खड़े हैं। क्राइम ब्रांच ने कोतवाली पुलिस के साथ घेराबंदी की तो बदमाश फायरिंग करने लगे। पुलिस टीम ने किसी तरह चार बदमाशों को दबोच लिया। उनके पास चार तमंचे और एक हीरो पैशन मोटरसाइकिल मिली। इन बदमाशों में मुंडेरा बाजार का राहुल भारतीय, फाफामऊ में प्रसिद्ध का पूरा निवासी नन्हे पासी, गंगानगर राजापुर का अनूप कुमार और हिम्मतगंज खुल्दाबाद का प्रमोद सोनकर उर्फ बुड्ढा शामिल है। पूछताछ में बदमाशों ने कुबूला कि वे 23 अक्तूबर की शाम नैनी में सरगम के पास सूअर चुराने की नीयत से गए थे। इसमें सफलता नहीं मिली तो वे लौटने लगे। रास्ते में उन सभी ने नैनी शंकरढाल पर एक दुकान से बीयर-शराब लेकर पी, फिर शहर रवाना हो गए।
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नन्हे अपाचे बाइक पर प्रमोद के साथ था जबकि पैशन पर राहुल और अनूप थे। उस रात भरत मिलाप और दशहरा की रोशनी की वजह से जानसेनगंज इलाके में ट्रैफिक प्रतिबंधित था। ऐसे में ये बदमाश दोनों बाइक पर मोहित्समगंज की गली में घुस गए। तभी नन्हे की अपाचे से फैसल को धक्का लगने पर उनके बीच झड़प हो गई। नशे में धुत नन्हे ने तमंचा निकालकर फैसल के सीने पर गोली मार दी। भीड़ लगी तो वे फायरिंग करते भाग निकले। अनूप और राहुल ने गोलियां चलाने के साथ ही लोगों को थप्पड़ भी मारे थे। एसएसपी ने बताया कि अपाचे बाइक अमित सोनकर नामक युवक की है, जिसे नन्हे मांगकर लाता था। अपाचे बरामद नहीं हो सकी है। गिरफ्तार बदमाशों में राहुल और नन्हे पासी हार्डकोर क्रिमिनल हैं। उनके खिलाफ कई मुकदमे हैं।
फैसल के कत्ल से उसके अब्बू मोइनुद्दीन और अम्मी रूबीना बेगम को गहरा सदमा पहुंचा है। घटना के बाद से माता-पिता और भाई कातिलों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस अफसरों से मिलकर गुहार लगाते रहे। तब से मां रूबीना एक रात भी चैन से नहीं सो सकीं। शनिवार को क्राइम ब्रांच ने बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद फैसल के परिजनों को भी पुलिस लाइन में बुलाया। कातिलों को देख वे बिलख पड़ीं। उनकी आंखों से गिरते आंसू उनकी वेदना को बयां कर रहे थे। रूबीना ने रूँधे गले से सिर्फ इतना कहा-क्या मिला तुम लोगों को मेरे बेटे की जान लेकर।
फैसल हत्याकांड पुलिस के लिए चुनौती की तरह था। आईजी से लेकर एसपी सिटी तक रोज इस घटना की जांच में प्रगति के बारे में पूछते थे। यही वजह है कि फैसल के कातिलों की गिरफ्तारी करने वाली क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, एचसीपी अवधेंद्र तिवारी, जुलकर नैन, रविसेन सिंह, गुलाम साबिर, पवन सिंह, अभय सिंह, विजय श्रीवास्तव, धीरज राय, उदय सिंह, संतोष सिंह, ज्ञानेंद्र राय, पंकज गिरी, अवनीश कुमार को एसएसपी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और हौसला बढ़ाया।