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लॉज में दरोगा के बेटे की चाकू से गोदकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 23 Apr 2016 02:41 AM IST
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चाकू से गोदकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बीए के दो छात्रों पर शुक्रवार दोपहर नैनी में महेवा स्थित लॉज में घुसकर चार युवकों ने चाकुओं से घातक हमला कर दिया। हमले में शहबाज खान (22) की जान चली गई जबकि उसका साथी समीर भी गंभीर रूप से घायल है। मारा गया छात्र वाराणसी का रहने वाला था। उसके पिता एलआईयू में सब इंस्पेक्टरहैं। हमलावर महेवा गांव के ही रहने वाले हैं। छात्र के कत्ल के पीछे पैसों का विवाद सामने आया है। खबर पाकर मृतक और घायल छात्र के परिवार के लोग आ गए। पुलिस ने छापेमारी की पर एक भी हमलावर पकड़ में नहीं आया।
वाराणसी में रोहनिया इलाके के गंगापुर में रहने वाले एलआईयू (लोकल इंटेलीजेंस यूनिट) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद सलीम की तैनाती चंदौली जनपद में है। उनके तीन पुत्रों में शहबाज खान (22) दूसरे नंबर पर था। वह दो साल से बडे़ भाई जाबाज खान के साथ नैनी में महेवा स्थित लॉज में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शहबाज खान ईसीसी में बीए दूसरे वर्ष का छात्र था जबकि बड़ा भाई जाबाज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। लॉज के निचले हिस्से के एक कमरे में शहबाज अपने दोस्त समीर के साथ रहता था जबकि जाबाज दूसरे कमरे में रहता है। समीर फतेहपुर में खागा इलाके के शेरडीह गांव का रहने वाला है। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर आसपास के युवकों के साथ इस लॉज के कुछ छात्र पोस्टर-बैनर लगाने में जुटे रहे।
गुरुवार देर रात तक शहबाज भी दांदूपुर में पोस्टर-बैनर लगाने के बाद लॉज लौटा था। शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे वह समीर के साथ कमरे में सोया था। तभी महेवा पश्चिम पट्टी के चार युवकों ने कमरे में घुसकर दरवाजा बंद करने के बाद समीर और शहबाज पर गोश्त काटने वाले चाकुओं से हमला कर दिया। उनकी चीख सुनकर छत से शहबाज का भाई जाबाज और दूसरे तल से छात्र अमित कुमार भागकर नीचे आए। उन दोनों ने धक्का देकर दरवाजा खोलने की कोशिश की तो कमरे में घुसे युवकों ने उन्हें भी चाकू मारने का प्रयास किया। उन दोनों ने बाहर निकल शोर मचाया तो कई छात्र जुटे मगर तब तक हमलावर कमरे से निकलकर भाग गए।
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कमरे में फर्श और बिस्तर पर शहबाज तथा समीर खून से लथपथ पड़े थे। उनके गले, हाथों, सीने, पीठ, पेट पर चाकू के गहरे जख्म से खून बह रहा था। दो चाकू पड़े मिले जो हमले में टेढ़े हो गए थे। शहबाज और समीर को उठाकर जीवन ज्योति हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि शहबाज की मौत हो चुकी है। समीर को आईसीयू में भर्ती किया गया। खबर पाकर पहुंची नैनी थाने की पुलिस ने घायल समीर और दूसरे छात्रों से बातचीत के बाद महेवा पश्चिम पट्टी में मोहम्मद फैज, इमरान, लईक और अतीक की तलाश में छापेमारी की लेकिन वे हाथ नहीं आए। फैज की महेवा के खान चौराहे पर फर्नीचर शॉप है लेकिन उसमें ताला लगा मिला। पैसों के लिए शहबाज से उनका कई बार झगड़ा हो चुका था।
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वाराणसी में रोहनिया इलाके के गंगापुर में रहने वाले एलआईयू (लोकल इंटेलीजेंस यूनिट) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद सलीम की तैनाती चंदौली जनपद में है। उनके तीन पुत्रों में शहबाज खान (22) दूसरे नंबर पर था। वह दो साल से बडे़ भाई जाबाज खान के साथ नैनी में महेवा स्थित लॉज में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शहबाज खान ईसीसी में बीए दूसरे वर्ष का छात्र था जबकि बड़ा भाई जाबाज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। लॉज के निचले हिस्से के एक कमरे में शहबाज अपने दोस्त समीर के साथ रहता था जबकि जाबाज दूसरे कमरे में रहता है। समीर फतेहपुर में खागा इलाके के शेरडीह गांव का रहने वाला है। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर आसपास के युवकों के साथ इस लॉज के कुछ छात्र पोस्टर-बैनर लगाने में जुटे रहे।
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गुरुवार देर रात तक शहबाज भी दांदूपुर में पोस्टर-बैनर लगाने के बाद लॉज लौटा था। शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे वह समीर के साथ कमरे में सोया था। तभी महेवा पश्चिम पट्टी के चार युवकों ने कमरे में घुसकर दरवाजा बंद करने के बाद समीर और शहबाज पर गोश्त काटने वाले चाकुओं से हमला कर दिया। उनकी चीख सुनकर छत से शहबाज का भाई जाबाज और दूसरे तल से छात्र अमित कुमार भागकर नीचे आए। उन दोनों ने धक्का देकर दरवाजा खोलने की कोशिश की तो कमरे में घुसे युवकों ने उन्हें भी चाकू मारने का प्रयास किया। उन दोनों ने बाहर निकल शोर मचाया तो कई छात्र जुटे मगर तब तक हमलावर कमरे से निकलकर भाग गए।
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कमरे में फर्श और बिस्तर पर शहबाज तथा समीर खून से लथपथ पड़े थे। उनके गले, हाथों, सीने, पीठ, पेट पर चाकू के गहरे जख्म से खून बह रहा था। दो चाकू पड़े मिले जो हमले में टेढ़े हो गए थे। शहबाज और समीर को उठाकर जीवन ज्योति हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि शहबाज की मौत हो चुकी है। समीर को आईसीयू में भर्ती किया गया। खबर पाकर पहुंची नैनी थाने की पुलिस ने घायल समीर और दूसरे छात्रों से बातचीत के बाद महेवा पश्चिम पट्टी में मोहम्मद फैज, इमरान, लईक और अतीक की तलाश में छापेमारी की लेकिन वे हाथ नहीं आए। फैज की महेवा के खान चौराहे पर फर्नीचर शॉप है लेकिन उसमें ताला लगा मिला। पैसों के लिए शहबाज से उनका कई बार झगड़ा हो चुका था।