{"_id":"584b17bd4f1c1be05944b33c","slug":"accident-in-khuldabad-alld","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिवाइडर से टकराकर बाइक सवार दो युवकों की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डिवाइडर से टकराकर बाइक सवार दो युवकों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 10 Dec 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुल्दाबाद से दोस्त के यहां शादी में शामिल होकर घर लौट रहे दो युवकों की बाइक जार्जटाउन इलाके में गुरुवार आधीरात लाउदर रोड पर डिवाइडर से भिड़ गई। तेज रफ्तार बाइक के डिवाइडर से टकराने के बाद युवक बाइक से छिटककर दूर सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद आसपास के लोग पहुंचे तो दोनों खून से लथपथ पड़े थे। जार्जटाउन पुलिस उन्हें एसआरएन अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अनहोनी की खबर पुलिस ने मृतकों के घर दी तो कोहराम मच गया। रोते-कलपते घरवाले एसआरएन पहुंचे।
कर्नलगंज का धनंजय उर्फ कल्लू गोस्वामी (21) पुत्र स्व. विजयनाथ और अश्वनी गोस्वामी उर्फ निक्की (19) पुत्र राजेंद्र प्रसाद मोहल्ले के हीसौरभ गोस्वामी के यहां शादी समारोह में शामिल होने खुल्दाबाद स्थित मीरा भवन गेस्ट हाउस गए थे। वहां से आधी रात बाइक से घर लौट रहे थे। मेडिकल चौराहे से आगे बढ़ने पर कृति स्कैनिंग के सामने उनकी बाइक डिवाइडर से भिड़ गई। टक्कर इतनी तेज थी दोनों बाइक से लगभग पांच फीट ऊपर उछलने के बाद सड़क पर गिरे। हादसे के बाद उधर से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग पहुंचे। दोनों खून से लथपथ पड़े थे। बाइक के भी परखच्चे उड़ गए थे।
सूचना पाकर जार्जटाउन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आनन-फानन में दोनों को एसआरएन ले गई। जहां दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके पास मिले कागजात के आधार पर शिनाख्त कर पुलिस ने अनहोनी की खबर घरवालों को दी तो कोहराम मच गया। रोते बिलखते घरवाले एसआरएन पहुंचे। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव एक साथ घर पहुंचा। एक साथ दो युवकों की मौत से मोहल्ले के लोग भी गम में डूब गए। शादी वाले घर में भी सन्नाटा था। धनंजय चार भाइयों में छोटा था। वह पुरोहित का काम करने के साथ बीए की पढ़ाई कर रहा था। कल्लू की मौत से मां कमलेश और भाइयों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। अश्वनी गोस्वामी मां-बाप का इकलौता पुत्र था। वह इंटर का छात्र था। बड़ी बहन सोनू की शादी हो चुकी है। निक्की की मौत से मां माधुरी और पिता राजेंद्र को गहरा सदमा लगा है। उनके बुढ़ापे का सहारा छिन गया
विज्ञापन
लाउदर रोड पर गुरुवार रात हुए हादसे में दो युवकों के मौत की वजह हेलमेट न पहनना और बेकाबू रफ्तार में बाइक चलाने की भूल रही। जार्जटाउन पुलिस के अनुसार बाइक सवार युवकों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। उनकी बाइक भी काफी रफ्तार में थी। जिसके चलते बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। रात के समय सड़क पर सन्नाटा था। जिसके चलते वे तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे। डिवाइडर से टकराने के बाद दोनों बाइक से छिटककर लगभग पांच फीट तक हवा उछलने के बाद नीचे आए थे। इससे दोनों के सिर में गंभीर चोट आई और यही उनके मौत की वजह बनी। दोनों युवकों की इस भूल ने घरवालों को जिंदगी भर का जख्म दिया।
अश्वनी मां-बाप का इकलौता बेटा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। बेटे के मौत की खबर जार्जटाउन पुलिस ने गुरुवार रात दी तो पिता राजेंद्र और मां माधुरी बिलख पड़े। माधुरी तो अचेत होकर गिर पड़ीं। वहीं राजेंद्र को पुलिसवालों की बात पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। अश्वनी की मौत से घर का चिराग बुझ गया। शुक्रवार शाम बेटे का शव घर पहुंचा। माधुरी बेटे के शव को सीने लगाकर बिलख रही थीं। वह हर किसी से रोते हुए गुहार लगा रहीं थीं कोई मेरे बेटे को लौटा दे। कल्लू के घर भी कुछ ऐसा ही हाल था। घर में सबसे छोटा होने के चलते मां कमलेश और तीनों भाइयों का वह लाडला था। उसकी मौत ने घरवालों को तोड़ दिया। मां कमलेश तो बेटे का शव देखकर अचेत हो गईं। रिश्तेदारों और मोहल्ले की महिलाओं ने उन्हें संभाला।
विज्ञापन
कर्नलगंज का धनंजय उर्फ कल्लू गोस्वामी (21) पुत्र स्व. विजयनाथ और अश्वनी गोस्वामी उर्फ निक्की (19) पुत्र राजेंद्र प्रसाद मोहल्ले के हीसौरभ गोस्वामी के यहां शादी समारोह में शामिल होने खुल्दाबाद स्थित मीरा भवन गेस्ट हाउस गए थे। वहां से आधी रात बाइक से घर लौट रहे थे। मेडिकल चौराहे से आगे बढ़ने पर कृति स्कैनिंग के सामने उनकी बाइक डिवाइडर से भिड़ गई। टक्कर इतनी तेज थी दोनों बाइक से लगभग पांच फीट ऊपर उछलने के बाद सड़क पर गिरे। हादसे के बाद उधर से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग पहुंचे। दोनों खून से लथपथ पड़े थे। बाइक के भी परखच्चे उड़ गए थे।
विज्ञापन
सूचना पाकर जार्जटाउन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आनन-फानन में दोनों को एसआरएन ले गई। जहां दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके पास मिले कागजात के आधार पर शिनाख्त कर पुलिस ने अनहोनी की खबर घरवालों को दी तो कोहराम मच गया। रोते बिलखते घरवाले एसआरएन पहुंचे। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव एक साथ घर पहुंचा। एक साथ दो युवकों की मौत से मोहल्ले के लोग भी गम में डूब गए। शादी वाले घर में भी सन्नाटा था। धनंजय चार भाइयों में छोटा था। वह पुरोहित का काम करने के साथ बीए की पढ़ाई कर रहा था। कल्लू की मौत से मां कमलेश और भाइयों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। अश्वनी गोस्वामी मां-बाप का इकलौता पुत्र था। वह इंटर का छात्र था। बड़ी बहन सोनू की शादी हो चुकी है। निक्की की मौत से मां माधुरी और पिता राजेंद्र को गहरा सदमा लगा है। उनके बुढ़ापे का सहारा छिन गया
विज्ञापन
लाउदर रोड पर गुरुवार रात हुए हादसे में दो युवकों के मौत की वजह हेलमेट न पहनना और बेकाबू रफ्तार में बाइक चलाने की भूल रही। जार्जटाउन पुलिस के अनुसार बाइक सवार युवकों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। उनकी बाइक भी काफी रफ्तार में थी। जिसके चलते बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। रात के समय सड़क पर सन्नाटा था। जिसके चलते वे तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे। डिवाइडर से टकराने के बाद दोनों बाइक से छिटककर लगभग पांच फीट तक हवा उछलने के बाद नीचे आए थे। इससे दोनों के सिर में गंभीर चोट आई और यही उनके मौत की वजह बनी। दोनों युवकों की इस भूल ने घरवालों को जिंदगी भर का जख्म दिया।
अश्वनी मां-बाप का इकलौता बेटा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। बेटे के मौत की खबर जार्जटाउन पुलिस ने गुरुवार रात दी तो पिता राजेंद्र और मां माधुरी बिलख पड़े। माधुरी तो अचेत होकर गिर पड़ीं। वहीं राजेंद्र को पुलिसवालों की बात पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। अश्वनी की मौत से घर का चिराग बुझ गया। शुक्रवार शाम बेटे का शव घर पहुंचा। माधुरी बेटे के शव को सीने लगाकर बिलख रही थीं। वह हर किसी से रोते हुए गुहार लगा रहीं थीं कोई मेरे बेटे को लौटा दे। कल्लू के घर भी कुछ ऐसा ही हाल था। घर में सबसे छोटा होने के चलते मां कमलेश और तीनों भाइयों का वह लाडला था। उसकी मौत ने घरवालों को तोड़ दिया। मां कमलेश तो बेटे का शव देखकर अचेत हो गईं। रिश्तेदारों और मोहल्ले की महिलाओं ने उन्हें संभाला।