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रफ्तार के शौक ने ली युवक की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 13 Dec 2014 10:54 PM IST
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बाइक पर फर्राटा भरने के शौक ने एक युवक की जान ले ली। शनिवार सुबह गुलाम मुस्तफा (22) फूलपुर से बाइक पर तेज रफ्तार में घर लौट रहा था तभी आगे चल रही मालवाहक गाड़ी पिकअप से जा भिड़ा। हेलमेट नहीं होने की वजह से उसके सिर पर गंभीर चोट पहुंची जो मौत का कारण बनी। पिकअप और ड्राइवर को पकड़ा नहीं जा सका। परिवार में कोहराम मच गया।
इफको पुलिस चौकी के पास वीरकाजी गांव में रहने वाले मोहम्मद फारूक के तीन बेटों में गुलाम मुस्तफा उर्फ मुन्ना (22) सबसे छोटा था। उनकी तीन बेटियां भी हैं। गुलाम सऊदी अरब में काम करता था। उसके बाकी दोनों भाई भी सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। पिछले महीने वह घर आया था। शनिवार सुबह गुलाम नल ठीक कराने के लिए प्लंबर बुलाने फूलपुर कस्बा गया था। वहां से सुबह करीब दस बजे वह घर लौट रहा था तभी इलाहाबाद-जौनपुर राजमार्ग पर इफको किसान सेवा केंद्र के सामने उसकी प्लेटिना बाइक तेज रफ्तार में आगे जा रही पिकअप गाड़ी से भिड़ गई। दरअसल,पिकअप के ड्राइवर ने किसी को टक्कर से बचाने के लिए अचानक तेज ब्रेक लगाया था। बेहद तेज रफ्तार में होने की वजह से गुलाम बाइक नहीं संभाल सका। बाइक पिकअप के पीछे भिड़ी तो गुलाम के सिर और सीने में गंभीर चोट पहुंची। वह सड़क पर गिरकर तड़पने लगा। खबर पाकर आए परिजन उसे इलाज की खातिर शहर में अस्पताल ले जा रहे थे तभी मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। टक्कर के बाद पिकअप लेकर ड्राइवर भाग गया। परिवार और आसपास के लोगों से पता चला कि गुलाम को तेज रफ्तार में बाइक चलाने का शौक था। यह शौक घातक साबित हुआ।
शनिवार सुबह सड़क हादसे का शिकार हुए गुलाम मुस्तफा उर्फ मुन्ना की शादी तय थी। अगले साल 20 फरवरी को भदोही के नई बाजार में उसकी बारात जानी थी। निकाह की तैयारी शुरू हो चुकी थी। बाइक-पिकअप की टक्कर में गुलाम की मौत की खबर पर पहले तो परिजनों को भरोसा ही नहीं हुआ। वे एक-दूसरे से इस बारे में पूछने लगे। फिर घर में कोहराम मच गया। गुलाम केपिता मोहम्मद फारूक ने रोते हुए बताया कि सगाई की रस्म पूूरी करने के लिए शनिवार को ही रिश्तेदारों के साथ भदोही जाना था। वे लोग रवाना होने की तैयारी में थे तभी घर में हादसे की खबर आई। गुलाम की मां शायरा बेगम और तीनों बहन तो रोते-रोते बेहाल हो गईं। पड़ोस की महिलाएं उन्हें सांत्वना देती रहीं। पड़ोसी भी गम में डूब गए।
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इफको पुलिस चौकी के पास वीरकाजी गांव में रहने वाले मोहम्मद फारूक के तीन बेटों में गुलाम मुस्तफा उर्फ मुन्ना (22) सबसे छोटा था। उनकी तीन बेटियां भी हैं। गुलाम सऊदी अरब में काम करता था। उसके बाकी दोनों भाई भी सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। पिछले महीने वह घर आया था। शनिवार सुबह गुलाम नल ठीक कराने के लिए प्लंबर बुलाने फूलपुर कस्बा गया था। वहां से सुबह करीब दस बजे वह घर लौट रहा था तभी इलाहाबाद-जौनपुर राजमार्ग पर इफको किसान सेवा केंद्र के सामने उसकी प्लेटिना बाइक तेज रफ्तार में आगे जा रही पिकअप गाड़ी से भिड़ गई। दरअसल,पिकअप के ड्राइवर ने किसी को टक्कर से बचाने के लिए अचानक तेज ब्रेक लगाया था। बेहद तेज रफ्तार में होने की वजह से गुलाम बाइक नहीं संभाल सका। बाइक पिकअप के पीछे भिड़ी तो गुलाम के सिर और सीने में गंभीर चोट पहुंची। वह सड़क पर गिरकर तड़पने लगा। खबर पाकर आए परिजन उसे इलाज की खातिर शहर में अस्पताल ले जा रहे थे तभी मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। टक्कर के बाद पिकअप लेकर ड्राइवर भाग गया। परिवार और आसपास के लोगों से पता चला कि गुलाम को तेज रफ्तार में बाइक चलाने का शौक था। यह शौक घातक साबित हुआ।
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शनिवार सुबह सड़क हादसे का शिकार हुए गुलाम मुस्तफा उर्फ मुन्ना की शादी तय थी। अगले साल 20 फरवरी को भदोही के नई बाजार में उसकी बारात जानी थी। निकाह की तैयारी शुरू हो चुकी थी। बाइक-पिकअप की टक्कर में गुलाम की मौत की खबर पर पहले तो परिजनों को भरोसा ही नहीं हुआ। वे एक-दूसरे से इस बारे में पूछने लगे। फिर घर में कोहराम मच गया। गुलाम केपिता मोहम्मद फारूक ने रोते हुए बताया कि सगाई की रस्म पूूरी करने के लिए शनिवार को ही रिश्तेदारों के साथ भदोही जाना था। वे लोग रवाना होने की तैयारी में थे तभी घर में हादसे की खबर आई। गुलाम की मां शायरा बेगम और तीनों बहन तो रोते-रोते बेहाल हो गईं। पड़ोस की महिलाएं उन्हें सांत्वना देती रहीं। पड़ोसी भी गम में डूब गए।
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