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एक्सिस बैंक में गबन तो 22.39 करोड़ से ज्यादा का है

Wed, 10 May 2017 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 10 May 2017 01:51 AM IST
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Abuse in Axis Bank is more than 22.39 crores
axis bank and max newyork life insurance logo - फोटो : file photo
सिविल लाइंस पुलिस को जांच में  एक्सिस बैंक से हुआ गबन 22.39 करोड़ से ज्यादा का नजर आ रहा है। तीन दिन की विवेचना में कई और सनसनीखेज तथ्य उजागर हुए हैं, जिनक ी पुष्टि के लिए  उन्होंने मैनेजर से कुछ और जानकारियां मांगीं हैं। इनको जुटाने में बैंक प्रबंधन को पसीने छूट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्था ने भी दोषी कर्मचारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
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इंस्पेक्टर मनोज तिवारी ने बताया कि अभी तक पूरे अभिलेख नहीं मिले हैं लेकिन गबन की राशि 22.39 करोड़ से अधिक हो सकती है। एफआईआर में नामजद दो आरोपी बैंक कर्मी एहसान और शिक्षण संस्था के लेखाकार राजेश को बयान के लिए बुलाया लेकिन नहीं आए। उनके पते के साथ-साथ परिजन और रिश्तेदारों का भी ब्योरा मांगा गया है। जिससे कि उनके ऊपर दबाव बनाकर आरोपियों को बयान के लिए बुलाया जा सके। विवेचना के दौरान धारा 201 में बैंक के आडिटर तथा वह कर्मी भी शामिल होंगे जो कि एहसान के बाद अब तक तैनात रहे और वह गबन की जानकारी को छिपाए रहे।  बैंक के प्रबंधक योगेश वाजपेयी से उनके भी नाम और पते मांगे हैं। इनकी इस कार्यप्रणाली को गबन करने वालों के गैंग में शामिल मानते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन कर्मियों की सूची मिलने पर  समन जारी करके बयान के लिए तलब करेंगे।
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‘एक्सिस बैंक ब्रांच मैनेजर से मंगलवार को भी कुछ और जानकारियां मांगी गईं हैं। उनके मिलने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी। अब तक की जांच में गैंगस्टर एक्ट जैसी कुछ और धाराएं बढ़ सकती हैं।’ मनोज कुमार तिवारी, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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एक्सिस बैंक और शिक्षण संस्था के गबन के इन आरोपियों के घर से कार्यालय आने जाने को दौरान इस्तेमाल की जा रही फॉरचूनर और बीएमडब्लू कार उन दिनों प्रबंधतंत्र को दिखाई नहीं दे रही थी। करीब 40 से 50 हजार रुपये महीने के वेतन वाले यह अधिकारी इतनी महंगी कार को कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं। कीमती स्मार्ट मोबाइल तथा अन्य सामान के साथ लाइफ स्टाइल भी किसी  कारोबारी से कम नहीं था। करीब दो साल तक यह सब होता रहा लेकिन प्रबंधतंत्र चुप्पी साधे रहा। किसी ने अज्ञात नाम से बैंक के मुंबई स्थित कारपोरेट आफिस को सूचना भेजी तब पता चला कि इन्होंने बैंक को 22.39 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया है।


दो साल पहले तक बैंक के तैनात कुछ कर्मचारियों ने अब अपना मुंह खोलना शुरू कर दिया है। हालांकि वह इस समय एक्सिस बैंक की सिविल लाइंस शाखा में नहीं हैं। उनका कहना है कि पहले ही आभास हो रहा था कि एहसान कुछ न कुछ गलत काम कर रहा है। जिसकी वहज से वह कभी फॉरचूनर तो कभी बीएमडब्लू कार से बैंक आ रहा है। एक दो ने पूछा तो उसका जवाब था कि ये कार फ्रेंड सर्किल की हैं, वैसे ही चलाने के लिए ले आया हूं। डेढ़ साल पहले घर में आयोजित पार्टी में कुछ खास अफसर भी उसके घर पहुंचे थे, वहां पर राजेश भी आया हुआ था। उस समय घर में सुख सुविधा के सामान और  स्तर देखकर बैंक के अन्य अफसर भी आश्चर्यचकित थे। यह चर्चा उन्होंने बैंक के अन्य्र अफसरों से की थी, शायद यही चर्चा गबन के खुलासे का कारण बनी।  मुंबई स्थित कारपोरेट आफिस में शिकायत अज्ञात नाम से उन्हीं में से किसी ने यह शिकायत भेजी थी। उसकी जांच हुई तो सब कुछ सामने आ गया लेकिन इसमें शामिल अन्य अफसरों का पुलिस ही जांच में खुलासा करेगी।
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