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अतीक के लिए एकजुट हुए सपाई और कांग्रेसी
Updated Sat, 17 Jun 2017 09:07 PM IST
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पूर्व सांसद की पत्नी ने कहा, मेरे
पति को फर्जी मुकदमे में फंसाया
0 अतीक अहमद के लिए एकजुट हुए सपाई और कांग्रेसी, एडीजी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पूर्व सांसद अतीक अहमद के पक्ष में सपा और कांग्रेस के नेता खुलकर सामने आ गए हैं। बसपा नेता उमेश पाल द्वारा अतीक और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे के खिलाफ अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन शनिवार को एडीजी आफिस पहुंचीं तो उनके साथ दोनों पार्टियों के दिग्गज नेताओं का भी जमावड़ा रहा। एडीजी ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।
शाइस्ता परवीन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एडीजी एसएन साबत के पास पहुंचा। शाइस्ता का कहना था कि राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल ने 10 जून को अतीक, अशरफ समेत 24 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जो पूरी तरह से फर्जी है। उमेश ने घटना के 17 महीने बाद मुकदमा यह कहते हुए दर्ज कराया कि उस समय सपा सरकार थी, इस कारण उनके प्रार्थनापत्र की सुनवाई नहीं हुई थी। शाइस्ता ने एडीजी से बताया कि घटना को न्यायालय परिसर में होना बताया गया है, उमेश खुद एक अधिवक्ता हैं। कोई भी व्यक्ति न्यायालय परिसर में किसी अधिवक्ता को मार नहीं सकता, वहां भारी फोर्स रहती है। अगर मारपीट की घटना होती तो एक अधिवक्ता न्यायालय को जरूर सूचित करता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह मुकदमे के लिए 156-3 के तहत न्यायालय भी जा सकता था, लेकिन वह नहीं गया। उमेश खुद एक हत्या में नामजद है और उसने पहले भी कई लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दायर किए हैं। शाइस्ता का कहना है कि अतीक और अशरफ जनता में बेहद लोकप्रिय हैं। उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण फंसाया जा रहा है। उन्होंने एडीजी से कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराके प्राथमिकी निरस्त करने की मांग की। साथ ही उमेश पाल के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की मांग की।
एडीजी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद धर्मराज पटेल और शैलेंद्र कुमार, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, अंसार अहमद, परवेज टंकी, एमएलसी बासुदेव यादव, सपा शहर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, कांग्रेस शहर अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी, परवेज अंसारी समेत दोनों पार्टियों के नौ पार्षद और सपा नेत्री रिचा सिंह आदि लोग मौजूद थे। दोनों दलों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की। साथ ही जिले की बड़ी वारदातों के जल्द खुलासे का भी आग्रह किया।
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पति को फर्जी मुकदमे में फंसाया
0 अतीक अहमद के लिए एकजुट हुए सपाई और कांग्रेसी, एडीजी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पूर्व सांसद अतीक अहमद के पक्ष में सपा और कांग्रेस के नेता खुलकर सामने आ गए हैं। बसपा नेता उमेश पाल द्वारा अतीक और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे के खिलाफ अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन शनिवार को एडीजी आफिस पहुंचीं तो उनके साथ दोनों पार्टियों के दिग्गज नेताओं का भी जमावड़ा रहा। एडीजी ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।
शाइस्ता परवीन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एडीजी एसएन साबत के पास पहुंचा। शाइस्ता का कहना था कि राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल ने 10 जून को अतीक, अशरफ समेत 24 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जो पूरी तरह से फर्जी है। उमेश ने घटना के 17 महीने बाद मुकदमा यह कहते हुए दर्ज कराया कि उस समय सपा सरकार थी, इस कारण उनके प्रार्थनापत्र की सुनवाई नहीं हुई थी। शाइस्ता ने एडीजी से बताया कि घटना को न्यायालय परिसर में होना बताया गया है, उमेश खुद एक अधिवक्ता हैं। कोई भी व्यक्ति न्यायालय परिसर में किसी अधिवक्ता को मार नहीं सकता, वहां भारी फोर्स रहती है। अगर मारपीट की घटना होती तो एक अधिवक्ता न्यायालय को जरूर सूचित करता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह मुकदमे के लिए 156-3 के तहत न्यायालय भी जा सकता था, लेकिन वह नहीं गया। उमेश खुद एक हत्या में नामजद है और उसने पहले भी कई लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दायर किए हैं। शाइस्ता का कहना है कि अतीक और अशरफ जनता में बेहद लोकप्रिय हैं। उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण फंसाया जा रहा है। उन्होंने एडीजी से कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराके प्राथमिकी निरस्त करने की मांग की। साथ ही उमेश पाल के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की मांग की।
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एडीजी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद धर्मराज पटेल और शैलेंद्र कुमार, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, अंसार अहमद, परवेज टंकी, एमएलसी बासुदेव यादव, सपा शहर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन, कांग्रेस शहर अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी, परवेज अंसारी समेत दोनों पार्टियों के नौ पार्षद और सपा नेत्री रिचा सिंह आदि लोग मौजूद थे। दोनों दलों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की। साथ ही जिले की बड़ी वारदातों के जल्द खुलासे का भी आग्रह किया।
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