{"_id":"5b7b25d642c7924670022af1","slug":"71534797270-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन: रडार पर जिले के चार थानेदार, जांच शुरू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध खनन: रडार पर जिले के चार थानेदार, जांच शुरू
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध खनन: रडार पर जिले
के चार थानेदार, बैठाई जांच
लापरवाही पर कार्रवाई, एसएसपी ने जारी किया आदेश
समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई हीलाहवाली की बात
आलोक श्रीवास्तव
इलाहाबाद। अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई करने में हीलाहवाली जिले के चार थानेदारों को महंगी पड़ सकती है। एसएसपी ने घूरपुर, खीरी, मेजा व लालापुर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच बैठा दी है। साथ ही जल्द ही रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। एसएसपी का कहना है कि लापरवाही की बात सही पाई जाती है तो कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप है।
अवैध खनन को लेकर शासन बेहद सख्त है। पिछले दिनों खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सीधे सीएम की ओर से आदेश जारी होने के बाद प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया। इसके बाद नदियों में अवैध तरीके से बालू खनन कराने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू किया गया। जिले में यमुनापार स्थित लालापुर, घूरपुर, खीरी, मेजा समेत कुछ अन्य थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में लिप्त वाहनों पर कार्रवाई की गई। अफसरों की ओर से हजारों घन मीटर बालू सीज करते हुए इस गोरखधंधे में लिप्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई। खेल इसके बाद शुरू हुआ।
अफसरों की मानें तो खनन माफिया से सांठगांठ के चलते कुछ थानेदारों ने कार्रवाई में हीलाहवाली बरतनी शुरू कर दी। नतीजा यह हुआ कि कई महीने बीतने के बाद भी अवैध खनन के कई मुकदमों में चार्जशीट नहीं दाखिल हो सकी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब 19 अगस्त को एसएसपी ने पुलिस लाइन में अवैध खनन से संबंधित क्षेत्रों के थाना प्रभारियों की बैठक की। सूत्रों की मानें तो समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई थानेदारों ने खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई में रुचि नहीं दिखाई। बैठक में एसएसपी ने जब उनसे इसका कारण पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद एसएसपी ने चार थाना प्रभारियों के खिलाफ जांच कराने का निर्णय लिया। इनमें घूरपुर, खीरी, मेजा व लालापुर थाना प्रभारी शामिल हैं।
विज्ञापन
वर्जन
अवैध खनन के मामलों में आदेश के बावजूद भी कार्रवाई में हीलाहवाली की बात सामने आई है। फिलहाल, घूरपुर, खीरी, मेजा व लालापुर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। जांच में लापरवाही की बात सही पाई जाती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -नितिन तिवारी, एसएसपी
घूरपुर में सबसे ज्यादा लापरवाही
एसएसपी ने बताया कि जिन चार थानेदारों के खिलाफ जांच बैठाई गई है, उनमें घूरपुर में सबसे ज्यादा मामले लंबित पाए गए हैं। यहां अवैध खनन के मामले में कुल 24 मामले दर्ज हैं, जिनमें से अभी 14 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है। इसी तरह खीरी में दर्ज तो केवल छह ही मामले हैं, लेकिन इनमें से पुलिस ने दो ही मामलों में चार्जशीट दाखिल की है। कुछ ऐसा ही हाल मेजा व लालापुर थाने का है।
एसएसपी ने डीएम को भी भेजा पत्र
अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई के लिए एसएसपी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निवेदन किया है कि खनन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए अन्य विभागों को भी निर्देशित करें। वाहनों के खिलाफ आरटीओ की ओर से कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही खनन विभाग और सेल्स टैक्स विभाग भी ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, जिससे कि वे दोबारा इस तरह के कार्यों में लिप्त न हो सकें।
विज्ञापन
के चार थानेदार, बैठाई जांच
लापरवाही पर कार्रवाई, एसएसपी ने जारी किया आदेश
समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई हीलाहवाली की बात
आलोक श्रीवास्तव
इलाहाबाद। अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई करने में हीलाहवाली जिले के चार थानेदारों को महंगी पड़ सकती है। एसएसपी ने घूरपुर, खीरी, मेजा व लालापुर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच बैठा दी है। साथ ही जल्द ही रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। एसएसपी का कहना है कि लापरवाही की बात सही पाई जाती है तो कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप है।
अवैध खनन को लेकर शासन बेहद सख्त है। पिछले दिनों खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सीधे सीएम की ओर से आदेश जारी होने के बाद प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया। इसके बाद नदियों में अवैध तरीके से बालू खनन कराने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू किया गया। जिले में यमुनापार स्थित लालापुर, घूरपुर, खीरी, मेजा समेत कुछ अन्य थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में लिप्त वाहनों पर कार्रवाई की गई। अफसरों की ओर से हजारों घन मीटर बालू सीज करते हुए इस गोरखधंधे में लिप्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई। खेल इसके बाद शुरू हुआ।
विज्ञापन
अफसरों की मानें तो खनन माफिया से सांठगांठ के चलते कुछ थानेदारों ने कार्रवाई में हीलाहवाली बरतनी शुरू कर दी। नतीजा यह हुआ कि कई महीने बीतने के बाद भी अवैध खनन के कई मुकदमों में चार्जशीट नहीं दाखिल हो सकी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब 19 अगस्त को एसएसपी ने पुलिस लाइन में अवैध खनन से संबंधित क्षेत्रों के थाना प्रभारियों की बैठक की। सूत्रों की मानें तो समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई थानेदारों ने खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई में रुचि नहीं दिखाई। बैठक में एसएसपी ने जब उनसे इसका कारण पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद एसएसपी ने चार थाना प्रभारियों के खिलाफ जांच कराने का निर्णय लिया। इनमें घूरपुर, खीरी, मेजा व लालापुर थाना प्रभारी शामिल हैं।
विज्ञापन
वर्जन
अवैध खनन के मामलों में आदेश के बावजूद भी कार्रवाई में हीलाहवाली की बात सामने आई है। फिलहाल, घूरपुर, खीरी, मेजा व लालापुर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। जांच में लापरवाही की बात सही पाई जाती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -नितिन तिवारी, एसएसपी
घूरपुर में सबसे ज्यादा लापरवाही
एसएसपी ने बताया कि जिन चार थानेदारों के खिलाफ जांच बैठाई गई है, उनमें घूरपुर में सबसे ज्यादा मामले लंबित पाए गए हैं। यहां अवैध खनन के मामले में कुल 24 मामले दर्ज हैं, जिनमें से अभी 14 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है। इसी तरह खीरी में दर्ज तो केवल छह ही मामले हैं, लेकिन इनमें से पुलिस ने दो ही मामलों में चार्जशीट दाखिल की है। कुछ ऐसा ही हाल मेजा व लालापुर थाने का है।
एसएसपी ने डीएम को भी भेजा पत्र
अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई के लिए एसएसपी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निवेदन किया है कि खनन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए अन्य विभागों को भी निर्देशित करें। वाहनों के खिलाफ आरटीओ की ओर से कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही खनन विभाग और सेल्स टैक्स विभाग भी ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, जिससे कि वे दोबारा इस तरह के कार्यों में लिप्त न हो सकें।