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बीमारी से तंग आकर रिटायर्ड कलेक्ट्रेटकर्मी ने दी जान
Updated Sun, 08 Jul 2018 09:56 PM IST
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बीमारी से परेशान रिटायर कलेक्ट्रेटकर्मी ने दी जान
0 धूमनगंज में घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटके मिले
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के भोला का पुरवा में बीमारी से परेशान रिटायर कलेक्ट्रेटकर्मी ने अपनी जान दे दी। कमरे के भीतर फांसी का फंदा बनाकर वह उससे लटक गए। सुबह घरवाले जगाने पहुंचे तो दरवाजा न खुलने पर शक हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा तब घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
धूमनगंज के भोला का पुरवा निवासी सुरेश चंद्र (63) कलेक्ट्रेट कर्मचारी थे। दो साल पहले कन्नौज जिले से वह सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद भोला का पुरवा में परिवार समेत रहने लगे। परिवार में पत्नी सुषमा के अलावा बेटा नागेंद्र व दो बेटियां हैं। रोज की तरह शनिवार रात भी घरवाले सो गए। घरवालों के मुताबिक, सुरेश ऊपर के तल पर बने कमरे में सो रहे थे। सुबह आठ बजे तक वह नीचे नहीं उतरे तो परिवारवाले उन्हें जगाने पहुंचे। कमरा भीतर से बंद था और बहुत आवाज देने के बावजूद जवाब नहीं मिला। शक होने पर घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो सुरेश फंदे से लटके मिले। पुलिस ने उन्हें फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि घरवालों ने बताया कि सुरेश पिछले एक-दो सालों से बीमार थे जिससे वह काफी परेशान रहते थे।
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0 धूमनगंज में घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटके मिले
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के भोला का पुरवा में बीमारी से परेशान रिटायर कलेक्ट्रेटकर्मी ने अपनी जान दे दी। कमरे के भीतर फांसी का फंदा बनाकर वह उससे लटक गए। सुबह घरवाले जगाने पहुंचे तो दरवाजा न खुलने पर शक हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा तब घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
धूमनगंज के भोला का पुरवा निवासी सुरेश चंद्र (63) कलेक्ट्रेट कर्मचारी थे। दो साल पहले कन्नौज जिले से वह सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद भोला का पुरवा में परिवार समेत रहने लगे। परिवार में पत्नी सुषमा के अलावा बेटा नागेंद्र व दो बेटियां हैं। रोज की तरह शनिवार रात भी घरवाले सो गए। घरवालों के मुताबिक, सुरेश ऊपर के तल पर बने कमरे में सो रहे थे। सुबह आठ बजे तक वह नीचे नहीं उतरे तो परिवारवाले उन्हें जगाने पहुंचे। कमरा भीतर से बंद था और बहुत आवाज देने के बावजूद जवाब नहीं मिला। शक होने पर घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो सुरेश फंदे से लटके मिले। पुलिस ने उन्हें फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि घरवालों ने बताया कि सुरेश पिछले एक-दो सालों से बीमार थे जिससे वह काफी परेशान रहते थे।
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