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फौजी की पत्नी ने दी जान
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:23 PM IST
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झलवा में फौजी की पत्नी ने घर में लगाई फांसी
-पति गया था रिजर्वेशन कराने तभी की आत्महत्या, बीमारी से थी त्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के झलवा इलाके में बुधवार दोपहर फौजी राजेंद्र सिंह यादव की पत्नी राजकुमारी ने बीमारी से ऊबकर घर में आत्महत्या कर ली। पति ट्रेन के टिकट के लिए रेलवे स्टेशन गया तभी पत्नी ने फांसी लगा ली। घर में मौजूद एक बालिका के रोने पर पड़ोसी जुटे तो पुलिस आई और शव को फंदे से उतारा गया।
राजेंद्र सिंह यादव सेना में नायब सूबेदार हैं। उनकी तैनाती श्रीनगर में है। उनका पुत्र अमित भी फौजी है। वह जम्मू में तैनात है। इकलौती बेटी आरती हैदराबाद में पीएचडी कर रही है। राजकुमारी ने झलवा स्थित घर में अकेले होने की वजह से झूंसी से अपनी भतीजी श्रेया को साथ रहने के लिए बुला लिया था। फौजी राजेंद्र कुछ दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे। बुधवार सुबह वह ट्रेन का टिकट लेने जंक्शन स्टेशन गए थे। दोपहर में उनकी पत्नी राजकुमारी (46) ने भतीजी श्रेया को दूसरे कमरे में भेजा और खुद कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। वह देर तक नहीं निकली और दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया तो श्रेया रोते हुए बाहर निकली। पड़ोसियों ने भी दरवाजा खटखटाया पर कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर राजकुमारी फांसी पर लटकी दिखी। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो खबर पाकर धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची। खिड़की का कांच तोड़कर पुलिस ने किसी तरह दरवाजे की सिटकनी खोली। राजकुमारी पंखे के हुक में बंधे दुपट्टे के फंदे से लटकी थीं। उनकी मौत हो चुकी थी। तब तक में पति राजेंद्र भी आ गए। उन्होंने पुलिस से कहा कि पत्नी लंबे समय से बीमारी की वजह से परेशान थीं। खबर पाकर झूंसी से मायके वाले भी आ गए। परिजनों ने बताया कि फौजी राजेंद्र भी झूंसी के छिबैयां के रहने वाले हैं। 12 साल से वह परिवार सहित झलवा में रहने लगे।
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-पति गया था रिजर्वेशन कराने तभी की आत्महत्या, बीमारी से थी त्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। धूमनगंज के झलवा इलाके में बुधवार दोपहर फौजी राजेंद्र सिंह यादव की पत्नी राजकुमारी ने बीमारी से ऊबकर घर में आत्महत्या कर ली। पति ट्रेन के टिकट के लिए रेलवे स्टेशन गया तभी पत्नी ने फांसी लगा ली। घर में मौजूद एक बालिका के रोने पर पड़ोसी जुटे तो पुलिस आई और शव को फंदे से उतारा गया।
राजेंद्र सिंह यादव सेना में नायब सूबेदार हैं। उनकी तैनाती श्रीनगर में है। उनका पुत्र अमित भी फौजी है। वह जम्मू में तैनात है। इकलौती बेटी आरती हैदराबाद में पीएचडी कर रही है। राजकुमारी ने झलवा स्थित घर में अकेले होने की वजह से झूंसी से अपनी भतीजी श्रेया को साथ रहने के लिए बुला लिया था। फौजी राजेंद्र कुछ दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे। बुधवार सुबह वह ट्रेन का टिकट लेने जंक्शन स्टेशन गए थे। दोपहर में उनकी पत्नी राजकुमारी (46) ने भतीजी श्रेया को दूसरे कमरे में भेजा और खुद कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। वह देर तक नहीं निकली और दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया तो श्रेया रोते हुए बाहर निकली। पड़ोसियों ने भी दरवाजा खटखटाया पर कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर राजकुमारी फांसी पर लटकी दिखी। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो खबर पाकर धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची। खिड़की का कांच तोड़कर पुलिस ने किसी तरह दरवाजे की सिटकनी खोली। राजकुमारी पंखे के हुक में बंधे दुपट्टे के फंदे से लटकी थीं। उनकी मौत हो चुकी थी। तब तक में पति राजेंद्र भी आ गए। उन्होंने पुलिस से कहा कि पत्नी लंबे समय से बीमारी की वजह से परेशान थीं। खबर पाकर झूंसी से मायके वाले भी आ गए। परिजनों ने बताया कि फौजी राजेंद्र भी झूंसी के छिबैयां के रहने वाले हैं। 12 साल से वह परिवार सहित झलवा में रहने लगे।
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