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52 सेकंड में लूटे तीन लाख के गहने
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 28 Feb 2017 01:31 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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प्रीतम नगर कॉलोनी में सोमवार दोपहर श्री दुर्गेश्वरी ज्वेलर्स में बदमाशों ने महज 52 सेकंड में तीन लाख रुपये कीमत के गहने लूट लिए। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता चला कि तीन बदमाश 12.57 बजे 48 सेकंड पर शोरूम में दाखिल हुए और 12.58 बजे 40 सेंकड पर निकल गए। कांच का दरवाजा खोलकर तीन बदमाश अंदर आए। उनमें दो बदमाशों ने हेलमेट लगा रखा था जबकि तीसरे ने गेरूआ गमछा बांधा था। हेलमेट वाले दोनों बदमाशों की पीठ पर बैग था।
शोरूम में घुसते ही हेलमेट वाले एक बदमाश ने पीठ से बैग उतारकर कहा- सामान (गहने) निकाल. जबकि बाकी दो ने पिस्टल निकालकर ऋषभ और सुनील के सिर पर पिस्टल सटा दी। उनके सर काऊंटर पर सटा दिए जिससे वे कुछ देख भी नहीं सके। तीसरा बदमाश काऊंटर लांघकर तिजोरी तक पहुंचा। तिजोरी खुली थी। वह उससे सोने के जेवरात निकालकर भरने लगा। करीब 28 अंगूठियों समेत बदमाश ने तकरीबन 90 ग्राम सोने के जेवर बैग में डाल लिए। इस बीच बाकी दोनों बदमाशों ने ऋषभ और सुनील के सिर पर पिस्टल सटाए रखी और धमकाते भी रहे। इसी दौरान शोरूम के बाहर दुकानदारों में गतिविधि दिखी तो बदमाश हड़बड़ी में बाहर निकल भाग गए। गहने भर रहे बदमाश के पैर से टकराकर गहनों के डिब्बे और शोकेस भी गिर गए। बदमाशों के भागने के बाद पड़ोसी कारोबारी आ गए।
ज्वेलरी शोरूम के ठीक बगल फुटवियर की दुकान आगरा शूज है। दोपहर में कस्टमर नहीं होने की वजह से दुकान मालिक बाबूजी सड़क पार कर जनरल स्टोर के बाहर तख्त पर बैठे थे। वहीं से बाबूजी अपनी दुकान पर नजर रखे हुए थे। बदमाशों ने ज्वेलरी शोरूम मे घुसकर ऋषभ और कर्मचारी सुनील को पिस्टल सटाकर लूटपाट शुरू की तो कांच के दरवाजा होने की वजह से बाबूजी को दिख गया। वह फौरन भागकर जनरल स्टोर मालिक के पास गए और 100 नंबर पर फोन लगाने को कहा।
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वे दोनों बाहर निकलकर शोरूम की ओर देखने लगे तो लूटपाट के दौरान बाहर झांक रहे लुटेरों को शक हुआ और वे निकल फरार हो गए। बाबूजी ने बताया कि सौ नंबर पर कई बार कॉल की मगर तीन बार तो कॉल रिसीव नहीं हुई और चौथी दफा एक महिला ने कुछ बोलकर काट दिया। अगर समय पर पुलिस का रेस्पांस मिलता तो संभव है कि घेराबंदी कर लुटेरों को पुलिस सकती थी। जब जरूरत पर फोन न लगे तो क्या फायदा ऐसे हाईटेक कंट्रोल रूम का?
पड़ोसी फुटवियर दुकान के मालिक बाबूजी ने बताया कि ज्वेलरी शोरूम में घुसने से पहले चारो बदमाश पहले सामने से होकर केंद्राचल कॉलोनी तक गए। जब मौका सही लगा तो वे लौटे और शोरूम के बाहर बाइक रोक दी। तीन लुटेरे अंदर घुस गए जबकि गमछा बांधे एक बदमाश बाहर बाइक के पास खड़ा रहा। भागते वक्त एक बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने अपनी पिस्टल हेलमेट लगाकर बाइक चला रहे बदमाश की पीठ पर टंगे बैग का चेन खोलकर उसमें डाल दी।
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शोरूम में घुसते ही हेलमेट वाले एक बदमाश ने पीठ से बैग उतारकर कहा- सामान (गहने) निकाल. जबकि बाकी दो ने पिस्टल निकालकर ऋषभ और सुनील के सिर पर पिस्टल सटा दी। उनके सर काऊंटर पर सटा दिए जिससे वे कुछ देख भी नहीं सके। तीसरा बदमाश काऊंटर लांघकर तिजोरी तक पहुंचा। तिजोरी खुली थी। वह उससे सोने के जेवरात निकालकर भरने लगा। करीब 28 अंगूठियों समेत बदमाश ने तकरीबन 90 ग्राम सोने के जेवर बैग में डाल लिए। इस बीच बाकी दोनों बदमाशों ने ऋषभ और सुनील के सिर पर पिस्टल सटाए रखी और धमकाते भी रहे। इसी दौरान शोरूम के बाहर दुकानदारों में गतिविधि दिखी तो बदमाश हड़बड़ी में बाहर निकल भाग गए। गहने भर रहे बदमाश के पैर से टकराकर गहनों के डिब्बे और शोकेस भी गिर गए। बदमाशों के भागने के बाद पड़ोसी कारोबारी आ गए।
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ज्वेलरी शोरूम के ठीक बगल फुटवियर की दुकान आगरा शूज है। दोपहर में कस्टमर नहीं होने की वजह से दुकान मालिक बाबूजी सड़क पार कर जनरल स्टोर के बाहर तख्त पर बैठे थे। वहीं से बाबूजी अपनी दुकान पर नजर रखे हुए थे। बदमाशों ने ज्वेलरी शोरूम मे घुसकर ऋषभ और कर्मचारी सुनील को पिस्टल सटाकर लूटपाट शुरू की तो कांच के दरवाजा होने की वजह से बाबूजी को दिख गया। वह फौरन भागकर जनरल स्टोर मालिक के पास गए और 100 नंबर पर फोन लगाने को कहा।
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वे दोनों बाहर निकलकर शोरूम की ओर देखने लगे तो लूटपाट के दौरान बाहर झांक रहे लुटेरों को शक हुआ और वे निकल फरार हो गए। बाबूजी ने बताया कि सौ नंबर पर कई बार कॉल की मगर तीन बार तो कॉल रिसीव नहीं हुई और चौथी दफा एक महिला ने कुछ बोलकर काट दिया। अगर समय पर पुलिस का रेस्पांस मिलता तो संभव है कि घेराबंदी कर लुटेरों को पुलिस सकती थी। जब जरूरत पर फोन न लगे तो क्या फायदा ऐसे हाईटेक कंट्रोल रूम का?
पड़ोसी फुटवियर दुकान के मालिक बाबूजी ने बताया कि ज्वेलरी शोरूम में घुसने से पहले चारो बदमाश पहले सामने से होकर केंद्राचल कॉलोनी तक गए। जब मौका सही लगा तो वे लौटे और शोरूम के बाहर बाइक रोक दी। तीन लुटेरे अंदर घुस गए जबकि गमछा बांधे एक बदमाश बाहर बाइक के पास खड़ा रहा। भागते वक्त एक बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने अपनी पिस्टल हेलमेट लगाकर बाइक चला रहे बदमाश की पीठ पर टंगे बैग का चेन खोलकर उसमें डाल दी।