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कुकर में मिले 40 लाख, आबकारी विभाग सन्न
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:58 AM IST
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कैंट थाना क्षेत्र स्थित आबकारी कॉलोनी में रहने वाले विभाग के एक कर्मचारी को गैैरेज में नोटों से भरा कुकर मिला। वह गैरेज में पंप लगवाने गया था तभी उसकी नजर कुकर पर पड़ी। खोलने पर नोट मिले तो उसकी आंखें फटी रह गईं। सूचना पर पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अफसर भी पहुंच गए। चर्चा रही कि कुकर में 40 लाख रुपये मिले हैं, जबकि पुलिस 7.93 लाख रुपये ही बरामद होने की बात कह रही है।
दीपक रस्तोगी आबकारी विभाग में सहायक एल्कोहल टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं। करीब आठ महीने पहले वह जिले में आया और करीब चार महीने पहले उसे कैंट थाना क्षेत्र स्थित आबकारी कॉलोनी में सरकारी मकान आवंटित हुआ। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने बताया कि शनिवार को उसे वाटर पंप लगवाना था। ऐसे में उसने बंद पड़े गैरेज का ताला खुलवाया। इस दौरान सफाईकर्मी को वहां एक कुकर मिला। सूचना पर दीपक भी पहुंच गए। कुकर खोलने पर दोनों लोग स्तब्ध रह गए। यह नोटों से भरा था। सूचना पर कैंट इंस्पेक्टर रमेश सिंह रावत के साथ ही एसीएम विनय सिंह भी पहुंच गए। पुलिस कुकर को लेकर थाने चली आई। यहां अफसरों के सामने नोटों की गिनती शुरू हुई तो पता चला कि इसमें 7.93 लाख रुपये थे। पुलिस के मुताबिक कर्मचारी दीपक का कहना है कि कुकर में रुपये किसने रखे, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। उधर इस बारे में आबकारी अफसर भी चुप्पी साधे रहे। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 7.93 लाख रुपये कुकर से बरामद हुए हैं। जांच की जा रही है। इस संबंध में आबकारी विभाग के अफसरों से पूछताछ की जाएगी।
कैंट थाना क्षेत्र की आबकारी कॉलोनी में लाखों रुपये के नोटों से भरा कुकर मिलने पर हड़कंप मचा रहा। बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में रुपये मिलने के बाद भी कोई यह बताने वाला नहीं है कि रुपये कहां से आए। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच सीओ व एसीएम संयुक्त रूप से करेंगे। कैंट की आबकारी कॉलोनी के जिस मकान के पीछे स्थित गैराज में नोटों से भरा कुकर मिला, वह चार महीने पहले ही गुलजार हुआ है। दरअसल यहां टेकभनीशियन दीपक रस्तोगी चार महीने पहले ही रहने आए हैं। इससे पहले यहां इसी पद पर तैनात वीपी दीक्षित रहा करते थे जिनका साल भर पहले तबादला हो गया था। मौजूदा समय में वह गोरखपुर में तैनात हैं।
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शनिवार शाम नोटों से भरा कुकर मिलने पर दीपक ने सबसे पहले इसकी सूचना अपने विभाग के अफसरों को दी। जानकारी पर आबकारी कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर समेत तमाम विभागीय अफसर मौके पर पहुंच गए। इतनी बड़ी मात्रा में रुपये देख अफसर भी स्तब्ध थे। इसके बाद अफसरों ने ही पुलिस को सूचना दी। खास बात यह कि पुलिस के पूछने पर आबकारी विभाग के अफसरों ने भी रुपयों के बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया। पुलिस ने दीपक के साथ ही उस सफाईकर्मचारी से भी पूछताछ की, जिसने सबसे पहले नोटों से भरा कुकर देखा था। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मामले की जांच सीओ सिविल लाइंस और एसीएम संयुक्त रूप से करेंगे। जांच टीम विभाग के अफसरों और कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो कुकर में करीब 40 लाख रुपये के नोट मिले थे। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने जब गिनती की तो कुकर में केवल 7.93 लाख रुपये मिले। चर्चा रही कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने से पहले ही रुपयों की बंदरबांट कर ली गई। हालांकि इस बारे में कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। दरअसल पुलिस को घटना के करीब दो घंटे बाद सूचना दी गई। इतनी देर से सूचना देने के पीछे भी कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।
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दीपक रस्तोगी आबकारी विभाग में सहायक एल्कोहल टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं। करीब आठ महीने पहले वह जिले में आया और करीब चार महीने पहले उसे कैंट थाना क्षेत्र स्थित आबकारी कॉलोनी में सरकारी मकान आवंटित हुआ। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने बताया कि शनिवार को उसे वाटर पंप लगवाना था। ऐसे में उसने बंद पड़े गैरेज का ताला खुलवाया। इस दौरान सफाईकर्मी को वहां एक कुकर मिला। सूचना पर दीपक भी पहुंच गए। कुकर खोलने पर दोनों लोग स्तब्ध रह गए। यह नोटों से भरा था। सूचना पर कैंट इंस्पेक्टर रमेश सिंह रावत के साथ ही एसीएम विनय सिंह भी पहुंच गए। पुलिस कुकर को लेकर थाने चली आई। यहां अफसरों के सामने नोटों की गिनती शुरू हुई तो पता चला कि इसमें 7.93 लाख रुपये थे। पुलिस के मुताबिक कर्मचारी दीपक का कहना है कि कुकर में रुपये किसने रखे, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। उधर इस बारे में आबकारी अफसर भी चुप्पी साधे रहे। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 7.93 लाख रुपये कुकर से बरामद हुए हैं। जांच की जा रही है। इस संबंध में आबकारी विभाग के अफसरों से पूछताछ की जाएगी।
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कैंट थाना क्षेत्र की आबकारी कॉलोनी में लाखों रुपये के नोटों से भरा कुकर मिलने पर हड़कंप मचा रहा। बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में रुपये मिलने के बाद भी कोई यह बताने वाला नहीं है कि रुपये कहां से आए। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच सीओ व एसीएम संयुक्त रूप से करेंगे। कैंट की आबकारी कॉलोनी के जिस मकान के पीछे स्थित गैराज में नोटों से भरा कुकर मिला, वह चार महीने पहले ही गुलजार हुआ है। दरअसल यहां टेकभनीशियन दीपक रस्तोगी चार महीने पहले ही रहने आए हैं। इससे पहले यहां इसी पद पर तैनात वीपी दीक्षित रहा करते थे जिनका साल भर पहले तबादला हो गया था। मौजूदा समय में वह गोरखपुर में तैनात हैं।
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शनिवार शाम नोटों से भरा कुकर मिलने पर दीपक ने सबसे पहले इसकी सूचना अपने विभाग के अफसरों को दी। जानकारी पर आबकारी कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर समेत तमाम विभागीय अफसर मौके पर पहुंच गए। इतनी बड़ी मात्रा में रुपये देख अफसर भी स्तब्ध थे। इसके बाद अफसरों ने ही पुलिस को सूचना दी। खास बात यह कि पुलिस के पूछने पर आबकारी विभाग के अफसरों ने भी रुपयों के बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया। पुलिस ने दीपक के साथ ही उस सफाईकर्मचारी से भी पूछताछ की, जिसने सबसे पहले नोटों से भरा कुकर देखा था। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मामले की जांच सीओ सिविल लाइंस और एसीएम संयुक्त रूप से करेंगे। जांच टीम विभाग के अफसरों और कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो कुकर में करीब 40 लाख रुपये के नोट मिले थे। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने जब गिनती की तो कुकर में केवल 7.93 लाख रुपये मिले। चर्चा रही कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने से पहले ही रुपयों की बंदरबांट कर ली गई। हालांकि इस बारे में कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। दरअसल पुलिस को घटना के करीब दो घंटे बाद सूचना दी गई। इतनी देर से सूचना देने के पीछे भी कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।