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सुलेमसराय अग्निकांड
Updated Wed, 22 Nov 2017 02:18 AM IST
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जले मकान में फिर धुआं उठने पर खलबली
-मंगलवार सुबह दुकान के पिछले हिस्से में धुआं देख मचा हल्ला, पुलिस पहुंची, दमकल ने बुझा दी आग
-पीड़ित कारोबारी का दुख बांटने के लिए आते रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सुलेमसराय में हुए भीषण अग्निकांड में तबाह कपड़ा कारोबारी के मकान में मंगलवार सुबह फिर धुआं उठने पर खलबली मच गई। दमकल दस्ते के साथ ही धूमनगंज पुलिस पहुंची और सुलग रहे कपड़ों में पानी डालकर आग पूरी तरह बुझा दी। आग में दुकान-मकान नष्ट होने और मां, पत्नी, बेटी की मौत से दुखी कारोबारी और परिजनों का दुख बांटने के लिए दिन भर परिचितों और करीबियों की आवाजाही बनी रही। गमगीन परिजनों की आंखों में बार-बार आंसू आ जाते।
सुलेमसराय में शेरवानी मोड़ के पास उमेश केसरवानी के तीन मंजिले घर के भूतल स्थित कपड़े की दुकान में सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे आग भड़की जिसने देखते ही देखते पूरी दुकान, गोदाम और मकान को जद में ले लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद नौ बजे दमकल की गाड़ियां पहुंचने तक में दुकान से लेकर तीसरे तल तक आग और धुआं फैल गया था। धुएं में दम घुटने से उमेश की मां रुक्मणि (70), पत्नी स्नेहलता (48) और बेटी पारूल (22) की मौत हो गई। पत्नी और बेटी तो सुरक्षित छत पर चली गई थीं। उन्हें बगल में अपने चाचा अनूप के मकान की छत पर जाना था लेकिन वे बुजुर्ग रुक्मणि को बचाने के लिए फिर नीचे कमरे में आईं तो उनका भी दम घुट गया। चार घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई थी। मगर मंगलवार सुबह मकान के निचले हिस्से फिर धुआं निकलता देख लोगों ने शोर मचाया तो भीड़ लग गई। हालांकि वहां कुछ खास रखा नहीं था। मगर सूचना मिलते ही धूमनगंज थानाध्यक्ष नागेश सिंह आए और दमकल दस्ते को भी बुलाया। धुआं दुकान के पिछले हिस्से में जले कपड़ों के ढेर से उठ रहा था। दमकल दस्ते ने कुछ देर में पानी डालकर आग बुझा दी। घर के निचले हिस्से में मलबा ही बचा है।
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पड़ोसी के मकान में टिके हैं परिजन
-सोमवार की अनहोनी के बाद उमेश केसरवानी ने बेटे विशाल, पिता रामचंद्र, भयाहू वंदना और दो भतीजे-भतीजी के साथ पड़ोस में सुभाष अरोड़ा के घर में शरण ले रखी है। वहीं दिन भर शहर और दूसरे जिलों से भी करीबियों, रिश्तेदारों तथा परिचितों का आना-जाना लगा रहा। लोग उमेश, उनके बुजुर्ग पिता से मिलकर घटना पर दुख जताते रहे। नौ साल पहले पति नरेश के निधन के बाद जेठ के सहारे जीवन यापन कर रही वंदना के लिए यह अग्निकांड आघात की तरह है। वह भी रोती रही। आग में तबाह मकान के सामने ही सड़क की दूसरी पटरी पर उमेश का एक और मकान है। कुछ समय बाद परिवार का उसी मकान में टिकने का विचार है।
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डिप्टी सीएम ने भी बांटा पीड़ित परिवार का गम
-आर्थिक मदद और दोषी दमकल अफसरों पर कार्रवाई का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने मंगलवार शाम भारी क्षति और मां तथा पत्नी-बेटी की मौत से दुखी कपड़ा कारोबारी उमेश केसरवानी से मिलकर घटना पर शोक जताया। बमरौली एयरपोर्ट से केशव सुलेमसराय में सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ चायल के विधायक संजय गुप्ता तथा शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी थे। डिप्टी सीएम ने कहा कि इस घटना से वह बेहद दुखी हैं। पीड़ित परिवार की हर संभव आर्थिक मदद की जाएगी। उन्होंने कारोबारी के तबाह हुए मकान और दुकान का भी जायजा लिया।
सुलेम सराय व्यापार मंडल अध्यक्ष अतुल केसरवानी और उपाध्यक्ष नरेंद्र खेड़ा मंटू ने डिप्टी सीएम से फायर ब्रिगेड की लापरवाही की शिकायत की। उन्हें बताया कि दमकल दस्ता एक घंटे से भी ज्यादा देरी से आया तो आक्सीजन मास्क समेत जरूरी साजोसामान नहीं होने की वजह से तमाशबीन बना रहा। घने धुएं में अग्निशमन कर्मचारी दुकान के भीतर देर तक गए ही नहीं। उनकी यह लापरवाही तीन लोगों की मौत का कारण बनी। व्यापारियों ने फायर ब्रिगेड के दोषी अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता की मांग की। विधायक हर्षवर्धन ने डिप्टी सीएम से आग्रह किया कि फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को बुधवार दोपहर सरकिट हाऊस सभागार में बुलाकर जवाब तलब किया जाए। इससे पहले भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और उमेश तथा उनके पिता रामचंद्र से मिलकर दुख जताया। उनके साथ आए व्यापारी नेता अमर वैश्य मुन्ना भैया ने परिवार को 50 लाख रुपये मदद देने की मांग की।
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-मंगलवार सुबह दुकान के पिछले हिस्से में धुआं देख मचा हल्ला, पुलिस पहुंची, दमकल ने बुझा दी आग
-पीड़ित कारोबारी का दुख बांटने के लिए आते रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सुलेमसराय में हुए भीषण अग्निकांड में तबाह कपड़ा कारोबारी के मकान में मंगलवार सुबह फिर धुआं उठने पर खलबली मच गई। दमकल दस्ते के साथ ही धूमनगंज पुलिस पहुंची और सुलग रहे कपड़ों में पानी डालकर आग पूरी तरह बुझा दी। आग में दुकान-मकान नष्ट होने और मां, पत्नी, बेटी की मौत से दुखी कारोबारी और परिजनों का दुख बांटने के लिए दिन भर परिचितों और करीबियों की आवाजाही बनी रही। गमगीन परिजनों की आंखों में बार-बार आंसू आ जाते।
सुलेमसराय में शेरवानी मोड़ के पास उमेश केसरवानी के तीन मंजिले घर के भूतल स्थित कपड़े की दुकान में सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे आग भड़की जिसने देखते ही देखते पूरी दुकान, गोदाम और मकान को जद में ले लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद नौ बजे दमकल की गाड़ियां पहुंचने तक में दुकान से लेकर तीसरे तल तक आग और धुआं फैल गया था। धुएं में दम घुटने से उमेश की मां रुक्मणि (70), पत्नी स्नेहलता (48) और बेटी पारूल (22) की मौत हो गई। पत्नी और बेटी तो सुरक्षित छत पर चली गई थीं। उन्हें बगल में अपने चाचा अनूप के मकान की छत पर जाना था लेकिन वे बुजुर्ग रुक्मणि को बचाने के लिए फिर नीचे कमरे में आईं तो उनका भी दम घुट गया। चार घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई थी। मगर मंगलवार सुबह मकान के निचले हिस्से फिर धुआं निकलता देख लोगों ने शोर मचाया तो भीड़ लग गई। हालांकि वहां कुछ खास रखा नहीं था। मगर सूचना मिलते ही धूमनगंज थानाध्यक्ष नागेश सिंह आए और दमकल दस्ते को भी बुलाया। धुआं दुकान के पिछले हिस्से में जले कपड़ों के ढेर से उठ रहा था। दमकल दस्ते ने कुछ देर में पानी डालकर आग बुझा दी। घर के निचले हिस्से में मलबा ही बचा है।
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पड़ोसी के मकान में टिके हैं परिजन
-सोमवार की अनहोनी के बाद उमेश केसरवानी ने बेटे विशाल, पिता रामचंद्र, भयाहू वंदना और दो भतीजे-भतीजी के साथ पड़ोस में सुभाष अरोड़ा के घर में शरण ले रखी है। वहीं दिन भर शहर और दूसरे जिलों से भी करीबियों, रिश्तेदारों तथा परिचितों का आना-जाना लगा रहा। लोग उमेश, उनके बुजुर्ग पिता से मिलकर घटना पर दुख जताते रहे। नौ साल पहले पति नरेश के निधन के बाद जेठ के सहारे जीवन यापन कर रही वंदना के लिए यह अग्निकांड आघात की तरह है। वह भी रोती रही। आग में तबाह मकान के सामने ही सड़क की दूसरी पटरी पर उमेश का एक और मकान है। कुछ समय बाद परिवार का उसी मकान में टिकने का विचार है।
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डिप्टी सीएम ने भी बांटा पीड़ित परिवार का गम
-आर्थिक मदद और दोषी दमकल अफसरों पर कार्रवाई का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने मंगलवार शाम भारी क्षति और मां तथा पत्नी-बेटी की मौत से दुखी कपड़ा कारोबारी उमेश केसरवानी से मिलकर घटना पर शोक जताया। बमरौली एयरपोर्ट से केशव सुलेमसराय में सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ चायल के विधायक संजय गुप्ता तथा शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी थे। डिप्टी सीएम ने कहा कि इस घटना से वह बेहद दुखी हैं। पीड़ित परिवार की हर संभव आर्थिक मदद की जाएगी। उन्होंने कारोबारी के तबाह हुए मकान और दुकान का भी जायजा लिया।
सुलेम सराय व्यापार मंडल अध्यक्ष अतुल केसरवानी और उपाध्यक्ष नरेंद्र खेड़ा मंटू ने डिप्टी सीएम से फायर ब्रिगेड की लापरवाही की शिकायत की। उन्हें बताया कि दमकल दस्ता एक घंटे से भी ज्यादा देरी से आया तो आक्सीजन मास्क समेत जरूरी साजोसामान नहीं होने की वजह से तमाशबीन बना रहा। घने धुएं में अग्निशमन कर्मचारी दुकान के भीतर देर तक गए ही नहीं। उनकी यह लापरवाही तीन लोगों की मौत का कारण बनी। व्यापारियों ने फायर ब्रिगेड के दोषी अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता की मांग की। विधायक हर्षवर्धन ने डिप्टी सीएम से आग्रह किया कि फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को बुधवार दोपहर सरकिट हाऊस सभागार में बुलाकर जवाब तलब किया जाए। इससे पहले भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और उमेश तथा उनके पिता रामचंद्र से मिलकर दुख जताया। उनके साथ आए व्यापारी नेता अमर वैश्य मुन्ना भैया ने परिवार को 50 लाख रुपये मदद देने की मांग की।