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तिरस्कार पर टीबी पीड़ित ने दी जान
Updated Mon, 18 Sep 2017 07:51 PM IST
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तिरस्कार से दुखी होकर टीबी रोगी ने दी जान
- डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने बना ली थी उससे दूरी
मेजा (इलाहाबाद)। यमुनापार के मेजा में परिजनों के तिरस्कार से दुखी होकर टीबी रोगी त्रिलोक नारायण सिंह (45) ने रविवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
त्रिलोक नारायण खेती के जरिए पत्नी आरती और तीन बेटों के साथ गुजारा करता था। कुछ समय पहले उसे टीबी की बीमारी ने जकड़ लिया। डॉक्टर ने सलाह दी कि यह संक्रमण वाला रोग है, इसलिए खास ख्याल रखा जाना चाहिए ताकि परिवार में किसी और को मर्ज न हो सके। ऐसे में परिवार के लोगों ने उसके कपड़े समेत बर्तन भी अलग कर दिए। परिवार के लोगों ने उससे दूरी बना ली। इस वजह से तीन-चार रोज से त्रिलोक दुखी और गुस्सा में था। उसे लोहिया आवास योजना के तहत घर से कुछ दूर पर एक कमरा मिला था। वह ज्यादातर समय वहीं गुजारने लगा। रविवार रात भी वह भोजन के बाद कमरे में चला गया था। सोमवार सुबह वह देर तक कमरे से नहीं निकला तो सशंकित होकर लोगों ने खिड़की से झांका। त्रिलोक छत पर हुक में बंधी रस्सी से फंदे पर लटका था। चेहरे को लुंगी से ढका था। दरवाजे में अंदर से सिटकनी बंद थी। धक्का देकर दरवाजा खोला गया। खबर पाकर पहुंची मेजा पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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- डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने बना ली थी उससे दूरी
मेजा (इलाहाबाद)। यमुनापार के मेजा में परिजनों के तिरस्कार से दुखी होकर टीबी रोगी त्रिलोक नारायण सिंह (45) ने रविवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
त्रिलोक नारायण खेती के जरिए पत्नी आरती और तीन बेटों के साथ गुजारा करता था। कुछ समय पहले उसे टीबी की बीमारी ने जकड़ लिया। डॉक्टर ने सलाह दी कि यह संक्रमण वाला रोग है, इसलिए खास ख्याल रखा जाना चाहिए ताकि परिवार में किसी और को मर्ज न हो सके। ऐसे में परिवार के लोगों ने उसके कपड़े समेत बर्तन भी अलग कर दिए। परिवार के लोगों ने उससे दूरी बना ली। इस वजह से तीन-चार रोज से त्रिलोक दुखी और गुस्सा में था। उसे लोहिया आवास योजना के तहत घर से कुछ दूर पर एक कमरा मिला था। वह ज्यादातर समय वहीं गुजारने लगा। रविवार रात भी वह भोजन के बाद कमरे में चला गया था। सोमवार सुबह वह देर तक कमरे से नहीं निकला तो सशंकित होकर लोगों ने खिड़की से झांका। त्रिलोक छत पर हुक में बंधी रस्सी से फंदे पर लटका था। चेहरे को लुंगी से ढका था। दरवाजे में अंदर से सिटकनी बंद थी। धक्का देकर दरवाजा खोला गया। खबर पाकर पहुंची मेजा पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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