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धमकी मामले मे आबिद के ठिकानों पर छापे
Updated Tue, 04 Jul 2017 09:35 PM IST
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आबिद प्रधान की तलाश में कई जगह मारे छापे
0 अतीक का है करीबी है, वकील को धमकाने का लिखा गया है केस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पूर्व विधायक पूजा पाल के अधिवक्ता मिथिलेश कुमार तिवारी को फोन पर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी आबिद प्रधान के घर समेत दूसरे ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। पुलिस ने धमकी के लिए इस्तेमाल मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल हासिल की है। पुलिस का कहना है कि यह नंबर आबिद नहीं इस्तेमाल कर रहा था। संभव है कि उसने किसी और की आईडी पर नंबर लेकर वकील को फोन किया हो। छानबीन की जा रही है।
पूर्व विधायक पूजा पाल के वकील मिथिलेश तिवारी की ही पैरवी पर पिछले दिनों हाईकोर्ट ने राजू पाल हत्याकांड में आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद की जमानत खारिज की थी। उसी मामले में अब दूसरे आरोपी पूर्व विधायक अशरफ की भी जमानत खारिज करने की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है। सोमवार रात मिथिलेश प्रीतम नगर स्थित अपने निवास पर थे तभी 10.51 बजे मोबाइल नंबर 7991901411 से फोन कर उन्हें धमकी दी गई। फोन करने वाले ने खुद को पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी आबिद प्रधान बताकर धमकाया कि मुकदमे की बहुत पैरवी कर रहे हो इसलिए तुम्हें जान से मार दिया जाएगा। फिर फोन कट गया। पूजा पाल की शिकायत पर एसएसपी ने धूमनगंज पुलिस को मौके पर भेजा तो तहरीर लेकर दफा 507 के तहत आबिद प्रधान के खिलाफ एफआईआर लिखी गई।
थाना प्रभारी धूमनगंज अरुण त्यागी ने बताया कि सोमवार रात धमकी भरी कॉल के बाद से वह नंबर स्विच ऑफ है। पुलिस बल ने आबिद की तलाश में मरियाडीह गांव में उसके घर और जीटी रोड स्थित फार्महाऊस समेत कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन वह मिला नहीं। बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के साथ बमरौली का आबिद भी आरोपी है। पिछले महीने कर्नलगंज थाने में हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को कचहरी परिसर से अगवा करने की कोशिश का मामला दर्ज होने के बाद से ही वह भागता फिर रहा है। अपनी चचेरी बहन अलकमा और ड्राइवर सुरजीत की हत्या में भी वह संदिग्ध हो गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि धमकी देने में इस्तेमाल सिम आबिद के नाम पर नहीं लिया गया था। फोन किसने किया था? यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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0 अतीक का है करीबी है, वकील को धमकाने का लिखा गया है केस
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पूर्व विधायक पूजा पाल के अधिवक्ता मिथिलेश कुमार तिवारी को फोन पर जान से मारने की धमकी देने के आरोपी आबिद प्रधान के घर समेत दूसरे ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। पुलिस ने धमकी के लिए इस्तेमाल मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल हासिल की है। पुलिस का कहना है कि यह नंबर आबिद नहीं इस्तेमाल कर रहा था। संभव है कि उसने किसी और की आईडी पर नंबर लेकर वकील को फोन किया हो। छानबीन की जा रही है।
पूर्व विधायक पूजा पाल के वकील मिथिलेश तिवारी की ही पैरवी पर पिछले दिनों हाईकोर्ट ने राजू पाल हत्याकांड में आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद की जमानत खारिज की थी। उसी मामले में अब दूसरे आरोपी पूर्व विधायक अशरफ की भी जमानत खारिज करने की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है। सोमवार रात मिथिलेश प्रीतम नगर स्थित अपने निवास पर थे तभी 10.51 बजे मोबाइल नंबर 7991901411 से फोन कर उन्हें धमकी दी गई। फोन करने वाले ने खुद को पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी आबिद प्रधान बताकर धमकाया कि मुकदमे की बहुत पैरवी कर रहे हो इसलिए तुम्हें जान से मार दिया जाएगा। फिर फोन कट गया। पूजा पाल की शिकायत पर एसएसपी ने धूमनगंज पुलिस को मौके पर भेजा तो तहरीर लेकर दफा 507 के तहत आबिद प्रधान के खिलाफ एफआईआर लिखी गई।
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थाना प्रभारी धूमनगंज अरुण त्यागी ने बताया कि सोमवार रात धमकी भरी कॉल के बाद से वह नंबर स्विच ऑफ है। पुलिस बल ने आबिद की तलाश में मरियाडीह गांव में उसके घर और जीटी रोड स्थित फार्महाऊस समेत कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन वह मिला नहीं। बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के साथ बमरौली का आबिद भी आरोपी है। पिछले महीने कर्नलगंज थाने में हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को कचहरी परिसर से अगवा करने की कोशिश का मामला दर्ज होने के बाद से ही वह भागता फिर रहा है। अपनी चचेरी बहन अलकमा और ड्राइवर सुरजीत की हत्या में भी वह संदिग्ध हो गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि धमकी देने में इस्तेमाल सिम आबिद के नाम पर नहीं लिया गया था। फोन किसने किया था? यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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