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नए आईजी के लिए भी बड़ी चुनौती होगी प्रतापगढ़ में क्राइम कंट्रोल
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:17 AM IST
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प्रतापगढ़ में क्राइम कंट्रोल होगी बड़ी चुनौती
नए आईजी के लिए भी आसान नहीं होगा पार पाना
कार्यभार संभालने के दूसरे ही दिन पहुंचे, लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्रतापगढ़ में क्राइम कंट्रोल इलाहाबाद रेंज के नए आईजी के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। यहां लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं की गूंज लखनऊ तक है। ऐसे में उनके लिए यहां के अपराधियों पर नकेल कसना आसान नहीं होगा। फिलहाल चार्ज संभालने के दूसरे ही दिन नए आईजी ने प्रतापगढ़ पहुंचकर मातहतों संग बैठक की। साथ ही उन्हें दिशा-निर्देश दिए।
दरअसल माना जा रहा है कि पूर्व आईजी रमित शर्मा के स्थानांतरण का एक मुख्य कारण प्रतापगढ़ में आपराधिक घटनाओं का न रुक पाना भी रहा। दरअसल पिछले दिनों बाघराय में युवती की हत्या के बाद उसका शव पेड़ से लटका दिया गया था। इस मामले में एसओ के साथ ही एसपी भी सस्पेंड हो गए थे। इसके कुछ दिनों बाद ही कोहड़ौर बाजार में दिनदहाड़े दो व्यापारी भाइयोें की हत्या कर दी गई थी। इसी बीच सिपाही को भी गोली मारने की घटना हुई। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से जिला दहल उठा था। ऐसे में जिले की कानून व्यवस्था बदतर होने की बात शासन तक पहुंची थी। इसके बाद माना जा रहा था कि किसी बड़े अफसर पर गाज गिर सकती है। इधर आईजी रमित शर्मा का तबादला हुआ तो इस चर्चा को बल मिल गया। प्रतापगढ़ में अपराधों को रोकना शासन की प्राथमिकता में भी है और शायद यही वजह रही कि नए आईजी मोहित अग्रवाल ने कार्यभार संभालने के दूसरे ही दिन प्रतापगढ़ का रुख कर लिया। यहां पहुुंचकर उन्होंने मातहतों संग बैठक की। साथ ही उनके पेच भी कसे। दिनभर प्रतापगढ़ में रहकर नए आईजी ने कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी हासिल की, साथ ही मातहतों कोे दिशा निर्देश भी दिए। इस बारे में उनसे बात करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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नए आईजी के लिए भी आसान नहीं होगा पार पाना
कार्यभार संभालने के दूसरे ही दिन पहुंचे, लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्रतापगढ़ में क्राइम कंट्रोल इलाहाबाद रेंज के नए आईजी के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। यहां लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं की गूंज लखनऊ तक है। ऐसे में उनके लिए यहां के अपराधियों पर नकेल कसना आसान नहीं होगा। फिलहाल चार्ज संभालने के दूसरे ही दिन नए आईजी ने प्रतापगढ़ पहुंचकर मातहतों संग बैठक की। साथ ही उन्हें दिशा-निर्देश दिए।
दरअसल माना जा रहा है कि पूर्व आईजी रमित शर्मा के स्थानांतरण का एक मुख्य कारण प्रतापगढ़ में आपराधिक घटनाओं का न रुक पाना भी रहा। दरअसल पिछले दिनों बाघराय में युवती की हत्या के बाद उसका शव पेड़ से लटका दिया गया था। इस मामले में एसओ के साथ ही एसपी भी सस्पेंड हो गए थे। इसके कुछ दिनों बाद ही कोहड़ौर बाजार में दिनदहाड़े दो व्यापारी भाइयोें की हत्या कर दी गई थी। इसी बीच सिपाही को भी गोली मारने की घटना हुई। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से जिला दहल उठा था। ऐसे में जिले की कानून व्यवस्था बदतर होने की बात शासन तक पहुंची थी। इसके बाद माना जा रहा था कि किसी बड़े अफसर पर गाज गिर सकती है। इधर आईजी रमित शर्मा का तबादला हुआ तो इस चर्चा को बल मिल गया। प्रतापगढ़ में अपराधों को रोकना शासन की प्राथमिकता में भी है और शायद यही वजह रही कि नए आईजी मोहित अग्रवाल ने कार्यभार संभालने के दूसरे ही दिन प्रतापगढ़ का रुख कर लिया। यहां पहुुंचकर उन्होंने मातहतों संग बैठक की। साथ ही उनके पेच भी कसे। दिनभर प्रतापगढ़ में रहकर नए आईजी ने कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी हासिल की, साथ ही मातहतों कोे दिशा निर्देश भी दिए। इस बारे में उनसे बात करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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