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बुलेट से गिकर पिता की मौत, हेल्मेट ने बचाई बेचे की जान
Updated Sun, 18 Jun 2017 08:59 PM IST
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बुलेट से गिरकर पिता की मौत, हेल्मेट ने बचाई बेटे की जान
शादी में शामिल होने जा रहे थे दोनों, गाड़ी हुई थी अनियंत्रित
पीछे से आकर कई और बाइक टकरा गई थीं
हंडिया (इलाहाबाद)। हंडिया थाना क्षेत्र के मनकपुर गांव के पास साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में एक बुलेट गाड़ी अनियंत्रित हो गई। गाड़ी पर सवार पिता पुत्र दोनों गिर पड़े। बेटे को सिर के हेल्मेट ने बचा लिया लेकिन बूढ़े पिता की मौैके पर ही जान चली गई। घटना से घर में कोहराम मच गया। बेटे की छह दिन पहले ही शादी हुई है।
मूल रूप से सराय ममरेज थाना क्षेत्र के कौड़ी गांव के रहने वाले हरिश्चंद्र यादव (60) कोलकाता में रहकर डेरी चलाते थे। दो बेटों में बड़ा रामबाबू दिल्ली में काम करता है। छोटा संदीप उनके साथ कोलकाता में रहकर पढ़ाई करता है। संदीप की इसी 12 जून को शादी हुई। शादी के लिए हरिश्चंद्र पूरे परिवार के साथ गांव आए थे। 18 जून को हरिश्चंद्र की छोटी बेटी संजू की ननद की शादी थी। वहीं जाने के लिए हरिश्चंद्र और संदीप बुलेट गाड़ी से रविवार की सुबह चल दिए। संदीप गाड़ी चला रहा था, उसने हेल्मेट पहन रखा था। बुलेट जैसे ही हंडिया के मनकपुर गांव के पास पहुंची, एक साइकिल सवार सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में संदीप की गाड़ी अनियंत्रित हो गई। पिता-पुत्र दोनों बुलेट के साथ फिसलते हुए दूर तक चले गए। उसी समय पीछे तीन चार बाइक और आकर उनसे लड़ गई। हेल्मेट की वजह से संदीप की जान तो बच गई लेकिन हरिश्चंद्र की मौत हो गई थी। आस पास भीड़ लगी तो उनके रिश्तेदारों को सूचना दी गई। घर में कोहराम मच गया। घर वाले शव लेकर गांव चले गए थे। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही हरिश्चंद्र की चारों बेटियां रोते बिलखते घर पहुंच गईं।
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शादी में शामिल होने जा रहे थे दोनों, गाड़ी हुई थी अनियंत्रित
पीछे से आकर कई और बाइक टकरा गई थीं
हंडिया (इलाहाबाद)। हंडिया थाना क्षेत्र के मनकपुर गांव के पास साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में एक बुलेट गाड़ी अनियंत्रित हो गई। गाड़ी पर सवार पिता पुत्र दोनों गिर पड़े। बेटे को सिर के हेल्मेट ने बचा लिया लेकिन बूढ़े पिता की मौैके पर ही जान चली गई। घटना से घर में कोहराम मच गया। बेटे की छह दिन पहले ही शादी हुई है।
मूल रूप से सराय ममरेज थाना क्षेत्र के कौड़ी गांव के रहने वाले हरिश्चंद्र यादव (60) कोलकाता में रहकर डेरी चलाते थे। दो बेटों में बड़ा रामबाबू दिल्ली में काम करता है। छोटा संदीप उनके साथ कोलकाता में रहकर पढ़ाई करता है। संदीप की इसी 12 जून को शादी हुई। शादी के लिए हरिश्चंद्र पूरे परिवार के साथ गांव आए थे। 18 जून को हरिश्चंद्र की छोटी बेटी संजू की ननद की शादी थी। वहीं जाने के लिए हरिश्चंद्र और संदीप बुलेट गाड़ी से रविवार की सुबह चल दिए। संदीप गाड़ी चला रहा था, उसने हेल्मेट पहन रखा था। बुलेट जैसे ही हंडिया के मनकपुर गांव के पास पहुंची, एक साइकिल सवार सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में संदीप की गाड़ी अनियंत्रित हो गई। पिता-पुत्र दोनों बुलेट के साथ फिसलते हुए दूर तक चले गए। उसी समय पीछे तीन चार बाइक और आकर उनसे लड़ गई। हेल्मेट की वजह से संदीप की जान तो बच गई लेकिन हरिश्चंद्र की मौत हो गई थी। आस पास भीड़ लगी तो उनके रिश्तेदारों को सूचना दी गई। घर में कोहराम मच गया। घर वाले शव लेकर गांव चले गए थे। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही हरिश्चंद्र की चारों बेटियां रोते बिलखते घर पहुंच गईं।
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