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सॉल्वर गैंग के पास मला फर्जी पेपर
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:12 AM IST
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सॉल्वर गैंग के पास मिला हिंदी का फर्जी पेपर
- ढाई घंटे तक थमी रहीं आयोग के अफसरों की सांसें
- परीक्षा शुरू होने के बाद मिलान में फर्जी पाया गया पेपर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सॉल्वर गैंग के पास एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का हिंदी विषय का फर्जी पेपर भी मिला। एसटीएफ के अफसरों ने जब पेपर मिलने की सूचना उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अफसरों को दी तो वहां हड़कंप मच गया। ढाई घंटे तक अफसरों की सांसें थमी रहीं। परीक्षा शुरू होने पर मिलान किया गया तो पेपर फर्जी निकला और आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली। अगर पेपर सही निकल जाता तो आयोग को हिंदी की परीक्षा निरस्त करनी पड़ती।
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग के पास से जो सामग्रियां जब्त कीं, उनमें हिंदी विषय का एक पेपर था। सुबह नौ बजे एसटीएफ के एक वरिष्ठ अफसर ने फोन पर इसकी सूचना आयोग के सचिव को दी और कहा कि इसका तुरंत मिलान कराएं। उस वक्त पेपर कोषागार के डबल लॉक में रखे थे। पेपर पूरी तरह से गोपनीय होते हैं, सो आयोग के किसी भी अफसर को नहीं मालूम था कि पेपर में कौन से सवाल पूछे जा रहे हैं। गोपनीयता बनाए रखने के लिए वक्त से पहले पेपर कोषागार से बाहर नहीं लाए जा सकते थे।
परीक्षा सुबह 11.30 बजे शुरू होनी थी। आयोग में हड़कंप मचा हुआ था और अफसर इस आशंका से छटपटा रहे थे कि पेपर सही निकला तो क्या होगा। हालांकि पेपर में जो कोड नंबर पड़ा हुआ था, वह हिंदी विषय का नहीं था। इसके बावजूद अफसर हड़बड़ाए हुए थे और इस इंतजार में थे कि परीक्षा शुरू हो तो इसकी जांच की जाए। परीक्षा शुरू हुई तो आयोग के अफसरों ने तुरंत पेपर का मिलान कराया, लेकिन गैंग के पास मिले पेपर और मूल पेपर में कोई सवाल मेल नहीं खा रहा था। इस पर आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि पेपर पूरी तरह से फर्जी था।
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सॉल्वर गैंग के पास मिला हिंदी का फर्जी पेपर
- ढाई घंटे तक थमी रहीं आयोग के अफसरों की सांसें
- परीक्षा शुरू होने के बाद मिलान में फर्जी पाया गया पेपर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सॉल्वर गैंग के पास एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का हिंदी विषय का फर्जी पेपर भी मिला। एसटीएफ के अफसरों ने जब पेपर मिलने की सूचना उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अफसरों को दी तो वहां हड़कंप मच गया। ढाई घंटे तक अफसरों की सांसें थमी रहीं। परीक्षा शुरू होने पर मिलान किया गया तो पेपर फर्जी निकला और आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली। अगर पेपर सही निकल जाता तो आयोग को हिंदी की परीक्षा निरस्त करनी पड़ती।
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग के पास से जो सामग्रियां जब्त कीं, उनमें हिंदी विषय का एक पेपर था। सुबह नौ बजे एसटीएफ के एक वरिष्ठ अफसर ने फोन पर इसकी सूचना आयोग के सचिव को दी और कहा कि इसका तुरंत मिलान कराएं। उस वक्त पेपर कोषागार के डबल लॉक में रखे थे। पेपर पूरी तरह से गोपनीय होते हैं, सो आयोग के किसी भी अफसर को नहीं मालूम था कि पेपर में कौन से सवाल पूछे जा रहे हैं। गोपनीयता बनाए रखने के लिए वक्त से पहले पेपर कोषागार से बाहर नहीं लाए जा सकते थे।
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परीक्षा सुबह 11.30 बजे शुरू होनी थी। आयोग में हड़कंप मचा हुआ था और अफसर इस आशंका से छटपटा रहे थे कि पेपर सही निकला तो क्या होगा। हालांकि पेपर में जो कोड नंबर पड़ा हुआ था, वह हिंदी विषय का नहीं था। इसके बावजूद अफसर हड़बड़ाए हुए थे और इस इंतजार में थे कि परीक्षा शुरू हो तो इसकी जांच की जाए। परीक्षा शुरू हुई तो आयोग के अफसरों ने तुरंत पेपर का मिलान कराया, लेकिन गैंग के पास मिले पेपर और मूल पेपर में कोई सवाल मेल नहीं खा रहा था। इस पर आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि पेपर पूरी तरह से फर्जी था।
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