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आशा ज्योति केंद्र में तैनात 10 पुलिस कर्मी लाइन हाजिर

Wed, 08 Aug 2018 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 08 Aug 2018 01:41 AM IST
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10 deployed at Asha Jyoti Kendra Police personnel line spot
women
आशा ज्योति केंद्र से सोमवार को एक किशोरी के भागने के मामले में वहां तैनात सभी 10 महिला पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनमें एक दरोगा तथा नौ सिपाही हैं। एडीएम सिटी की रिपोर्ट पर एसएसपी ने यह कार्रवाई की। इसके अलावा उन्होंने एसपी प्रोटोकाल को पूरे मामले की जांच भी सौंप दी है।
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आशा ज्योति केंद्र में पांच बेड हैं और वहां पांच दिनों तक पीड़ित महिला को रखा जा सकता है। यहां प्रशिक्षण, काउंसलिंग समेत महिलाओं के लिए कई अन्य कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए चौकी में एक महिला दारोगा तथा नौ सिपाहियों की तैनाती है। पूरे परिसर में आठ कैमरे लगे हैं। इसके बावजूद सोमवार की भोर में किशोरी फरार हो गई। उस समय दो सिपाहियों की ड्यूटी थी। इसके अलावा सुगमकर्ता की भी ड्यूटी थी लेकिन युवती भागने में सफल रही। एडीएम सिटी रजनीश राय ने केंद्र के निरीक्षण के बाद बताया कि घटना के समय सुरक्षा कर्मी थी ही नहीं। उपस्थिति रजिस्टर में कई जगहों पर कटिंग की गई है। रिपोर्ट डीएम और एसएसपी को सौंप दी है। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एसएसपी ने बताया कि वहां तैनात पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी प्रोटोकाल की जांच सौंपी गई है। केंद्र प्रभारी शिष्या सिंह राठौर का कहना है कि केंद्र परिसर का सामने का हिस्सा खुला है। उसकी बाउंड्री की मंजूरी मिल गई है। उसके बनने के बाद सुरक्षा और बढ़ जाएगी।
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गुटखा के लिए पिता ने डांटा तो भाग गई किशोरी
इलाहाबाद। आशा ज्योति केंद्र से सोमवार को भागने वाली किशोरी 36 घंटे बाद मिल गई। वह फतेहपुर स्थित अपने घर पर ही मिली। उसे दोबारा केंद्र में लाया गया है। पूछताछ के बाद परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा। गुटखा खाने पर पिता ने डांटा था। इसकी वजह से उसने घर छोड़ दिया था।
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पूजा नामक किशोरी को जंक्शन से दो अगस्त को पकड़ा गया था। पुलिस वालों ने उसे ज्योति केंद्र के सुपुर्द कर दिया। पहले तो वह कुछ भी बोलने से कतराती रही। काउंसलिंग के बाद मुंह भी खोला तो गुमराह करने वाले बयान दिए। उसने अपने पिता को ही मार दिया था। जबकि, वह जिंदा हैं। उसका कहना था कि उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और उसी की शिकायत के लिए वह यहां आई थी। फतेहपुर में विजयीपुर ब्लाक के सलोरी गांव की पूजा सोमवार को यहां से भी भाग गई। वह ट्रेन से कानपुर पहुंच गई थी, जहां जीआरपी के जवानों ने पकड़ा। जीआपी की सुरक्षा में उसे गांव पहुंचाया गया। चूंकि उस पर मुकदमा हो चुका है। इसलिए शाम को उसे यहां ज्योति केंद्र लाया गया। खास यह कि किशोरी के माता-पिता से बात करने के बाद नई कहानी सामने आई। वह गुटखा खाती है। पढ़ाई में भी मन नहीं लगता। इन बातों को लेकर पिता ने डांटा तो वह घर छोड़कर भाग गई। केंद्र की प्रभारी शिष्या सिंह राठौर ने बताया कि पूजा के बयान दर्ज करने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा।
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