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10 दिन करेली में थे यूको बैंक के गुनाहगार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 06 May 2018 01:06 AM IST
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यूको बैंक के गुनाहगार करेली में तकरीबन दस दिन तक रुके थे। करेली में मददगार युवक की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने उसके बारे में जानकारी इकट्ठी की। पता चला कि उसके यहां पांच युवक करीब दस दिन तक रुके थे। वे प्रतिदिन ई रिक्शा से जाते और घंटों बाद वापस आए थे। वे आपस में बंगाली में बात करते थे। आस पास की दुकानों पर वे टूटी फूटी हिंदी में बात करते थे।
यूको बैंक में करोड़ों की चोरी को अंजाम देने वाले चोरों ने करीब दस दिन यहां बिताया था। मददगार युवक के दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पांचों युवक काफी ऐश से रहते थे। जब से वे आए थे, करेली के युवक के घर में प्रतिदिन मीट मुर्गा पकता था। वे आस पड़ोस किसी से संपर्क में भी नहीं रखते थे। उनके आने के बाद युवक भी अपने पड़ोस के दोस्तों से कट गया था। वह उन्हीं के साथ रहता था। पड़ोसियों ने यह सोचा था कि युवक काम की तलाश में बाहर से आए हैं। एक बात प्रतिदिन होती थी कि बाहर से आए सभी लोग करेली के युवक के साथ ई रिक्शा से कहीं जाते थे और घंटों बाद वापस आते।
जब तक वे यहां रहे तब तक उनका आना जाना लगा रहा। किसी को यह नहीं पता कि वे आखिर कहां जाते थे। पुलिस ने तमाम लोगों को हिरासत में लिया है। उनका कहना है कि बाहर से लड़के ज्यादा उम्र के नहीं थे। सिर्फ एक शख्स की उम्र तीस साल से अधिक की थी। बाकी सभी 20 से तीस के बीच थे। यहां पर स्थानीय दुकानदारों से वे टूटी फूटी हिंदी में बोलकर सामान खरीदते थे। पुलिस ने शनिवार को भी कई लोगों को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की। उन्हीं से पूछताछ में पूरी जानकारी मिली है।
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इलाहाबाद। एसटीएफ को कॉल डीटेल्स से कुछ सुराग मिले हैं। घटना वाली रात कई ऐसे नंबर थे, जिन पर लगातार कई बार कुछ सेकेंडों की बात हो रही थी। ऐसे नंबर को अलग छांटकर उनके बारे में जानकारी इकट्ठी की जा रही है। एसटीएफ ने शनिवार को कॉल डीटेल्स के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की। उनसे पूछा गया है कि रात में किससे बात की गई थी। कुछ और नंबर हैं जो घटना वाली रात के बाद बंद हैं। उनके बारे में तहकीकात की जा रही है।
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यूको बैंक में करोड़ों की चोरी को अंजाम देने वाले चोरों ने करीब दस दिन यहां बिताया था। मददगार युवक के दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पांचों युवक काफी ऐश से रहते थे। जब से वे आए थे, करेली के युवक के घर में प्रतिदिन मीट मुर्गा पकता था। वे आस पड़ोस किसी से संपर्क में भी नहीं रखते थे। उनके आने के बाद युवक भी अपने पड़ोस के दोस्तों से कट गया था। वह उन्हीं के साथ रहता था। पड़ोसियों ने यह सोचा था कि युवक काम की तलाश में बाहर से आए हैं। एक बात प्रतिदिन होती थी कि बाहर से आए सभी लोग करेली के युवक के साथ ई रिक्शा से कहीं जाते थे और घंटों बाद वापस आते।
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जब तक वे यहां रहे तब तक उनका आना जाना लगा रहा। किसी को यह नहीं पता कि वे आखिर कहां जाते थे। पुलिस ने तमाम लोगों को हिरासत में लिया है। उनका कहना है कि बाहर से लड़के ज्यादा उम्र के नहीं थे। सिर्फ एक शख्स की उम्र तीस साल से अधिक की थी। बाकी सभी 20 से तीस के बीच थे। यहां पर स्थानीय दुकानदारों से वे टूटी फूटी हिंदी में बोलकर सामान खरीदते थे। पुलिस ने शनिवार को भी कई लोगों को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की। उन्हीं से पूछताछ में पूरी जानकारी मिली है।
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इलाहाबाद। एसटीएफ को कॉल डीटेल्स से कुछ सुराग मिले हैं। घटना वाली रात कई ऐसे नंबर थे, जिन पर लगातार कई बार कुछ सेकेंडों की बात हो रही थी। ऐसे नंबर को अलग छांटकर उनके बारे में जानकारी इकट्ठी की जा रही है। एसटीएफ ने शनिवार को कॉल डीटेल्स के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की। उनसे पूछा गया है कि रात में किससे बात की गई थी। कुछ और नंबर हैं जो घटना वाली रात के बाद बंद हैं। उनके बारे में तहकीकात की जा रही है।