Crime News : झोलाछाप ने दरोगा के बेटे को गोली से उड़ाया, थरवई में सनसनीखेज वारदात
थरवई इलाके के एक अस्पताल में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।युवक के पिता पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर बताए जा रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल संचालक डॉक्टर भागते हुए देखा गया। उसे एक पैर में ही चप्पल था। पुलिस मौके पर पहुंच गई है।
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थरवई के 40 नंबर गुमटी मोहल्ले में दरोगा के बेटे पंकज यादव(27) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप झोलाछाप रोहित यादव पर है और घटना भी उसी के दवाखाने में हुई। आरोपी फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। दोनों के बीच रुपयों के विवाद की बात सामने आई है।
बद्रीप्रसाद मूल रूप से थरवई के हसनपुर कोरारी गांव के रहने वाले हैं और पुलिस विभाग में दरोगा हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती वाराणसी के सारनाथ थाने में है। उनका बेटा पंकज छोटे भाई नीरज व एक बहन के साथ तेलियरगंज स्थित मकान में रहता था। इन दिनों वह 40 नंबर गुमटी स्थित चकिया में मकान बनवा रहा था। मकान के पास ही झोलाछाप रोहित यादव राजू यादव के मकान में किराये पर कमरा लेकर जनकल्याण चिकित्सालय के नाम से क्लीनिक चलाता था।
उसकी पंकज से दोस्ती थी और अक्सर पंकज उसकी क्लीनिक में आया करता था। बुधवार सुबह भी पंकज वहां पहुंचा। अचानक गोली चलने की आवाज आई। आसपास के लोग पहुंचे तो पंकज लहूलुहान हाल में मृत पड़ा था। सिर में गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी। जबकि रोहित गायब था। सूचना पर पुलिस पहुंची और कुछ देर बाद अफसर भी आ गए। सूचना पर मृतक का भाई भी पहुंच गया। जांच पड़ताल के बाद शव को मर्चरी भेजवा दिया गया।
पांच हजार रुपये का था विवाद
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में मृतक के भाई नीरज ने बताया कि उसके भाई से रोहित ने रुपये उधार लिए थे। पांच हजार रुपये बकाया थे। कई बार मांगने के बावजूद वह बकाया वापस नहीं कर रहा था। रुपये मांगने पर एक बार उसने फोन पर धमकी भी दी थी। इसकी रिकॉर्डिंग भी उसने पुलिस को सुनाया।
गोली चलने के बाद भागता दिखा आरोपी
पुलिस अफसरों की जांच पड़ताल में कुछ लोगों ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने आरोपी रोहित को क्लीनिक से निकलकर भागते देखा था। गोली चलने के तुरंत बाद वह कमरे से निकलकर बाहर भागा। इस दौरान उसके एक पैर में ही चप्पल थी। कुछ दूर जाने के बाद वह फिर लौटा लेकिन भीतर नहीं गया। बाहर खड़ी बाइक स्टार्ट की और निकल भागा।
खुद को बताता था डॉक्टर
आरोपी रोहित मूल रूप से प्रतापगढ़ जनपद के फतनपुर थाना स्थित रामपुर गौरा गांव का रहने वाला है। वह थरवई में खुद को डॉक्टर बताता था। यही कहकर उसने मकान भी किराये पर लिया था।
मौके से खोखा मिला, पर नहीं बरामद हुआ असलहा
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान घटनास्थल से खोखा बरामद हुआ। हालांकि वह असलहा नहीं मिला जिससे गोली चलाई गई। सूत्रों का कहना है कि गोली तमंचे से मारी गई। आशंका इस बात की भी जताई जा रही है कि क्लीनिक में तमंचा लेकर बैठने से साफ है कि वह पहले से योजना बनाकर बैठा था।
मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बना दी गई हैं। - अभिषेक भारती, डीसीपी गंगानगर