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तोड़फोड़ ठप, बैरकों में लगे ताले
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 21 Dec 2014 12:02 AM IST
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में स्थित ऐतिहासिक ‘मलाका जेल’ में शनिवार को तोड़फोड़ नहीं हुई। बैरकों को बंद करके ताला लगा दिया गया। बैरक में लगी सारी सामग्रियां जमीन पर पड़ी नजर आई। वहीं जिस बैरक में लोक निर्माण विभाग का स्टोर था, वहां से सामान हटा लिया। तोड़फोड़ को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति बरकरार है। अस्पताल प्रशासन और पीडब्ल्यूडी दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
1925 में बनी इस जेल और बाद में पीडब्ल्यूडी के स्टोर में तोड़फोड़ के बाद खाली दीवारें बाकी हैं। मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी ने आरोप लगाया कि अब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई अस्पताल प्रशासन की ओर से की गई है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके द्विवेदी ने मुताबिक स्टोर अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया गया था। एक बैरक में गार्डों को रहने के लिए लगाए गए टीन शेड को हटाया गया है। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक प्रो.मंगल सिंह ने कहा कि मलाका जेल की जमीन उन्हें मिल गई है। इसे पीडब्ल्यूडी को खाली करना है, तोड़फोड़ उन्हीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल की सुपरस्पेशियलिटी सुविधा के लिए तैयार होने वाला भवन का मास्टर प्लान बैरक छोड़कर बना है।
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1925 में बनी इस जेल और बाद में पीडब्ल्यूडी के स्टोर में तोड़फोड़ के बाद खाली दीवारें बाकी हैं। मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी ने आरोप लगाया कि अब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई अस्पताल प्रशासन की ओर से की गई है।
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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके द्विवेदी ने मुताबिक स्टोर अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया गया था। एक बैरक में गार्डों को रहने के लिए लगाए गए टीन शेड को हटाया गया है। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक प्रो.मंगल सिंह ने कहा कि मलाका जेल की जमीन उन्हें मिल गई है। इसे पीडब्ल्यूडी को खाली करना है, तोड़फोड़ उन्हीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल की सुपरस्पेशियलिटी सुविधा के लिए तैयार होने वाला भवन का मास्टर प्लान बैरक छोड़कर बना है।
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