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तीसरी लहर से लड़ने के लिए निजी अस्पतालों में भी होंगे कोविड एनआईसीयू वार्ड
Sat, 22 May 2021 01:32 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 22 May 2021 01:32 AM IST
सार
- जिला प्रशासन ने नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक कर लिया निर्णय
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका को देखते हुए जहां सरकारी अस्पतालों में बच्चों के लिए एनआईसीयू वार्ड बनाए जा रहे हैं वहीं निजी अस्पतालों से भी इसके लिए आगे आने को कहा गया है। शहर के आधा दर्जन से अधिक अस्पताल ऐसे हैं जहां कोविड एनआईसीयू स्थापित किए जाने की तैयारी है।
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली में एनआईसीय वार्ड स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के आधा दर्जन निजी अस्पतालों में उनकी क्षमता के अनुसार एनआईसीयू वार्ड विकसित करने के लिए कह दिया गया है। इसमें नाजरेथ, कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल, जागृति, सृजन, यूनाइटेड और शंभुनाथ मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल बच्चों के लिए एनआईसीयू बनाने का काम बेली में पूरा कर लिया गया है जबकि एसआरएन में बनाया जा रहा है। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। लोक निर्माण विभाग की टीम ने वहां मौका मुआयना कर लिया है। एसआरएन चिकित्सालय में बच्चों के लिए 85 बेड का एनआईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर इसेे विकसित भी किया जाएगा। जबकि, बेली में 20 बेड का वार्ड पहले से तैयार है, उसे अपग्रेड किया गया । एनआईसीयू वार्ड में बच्चों के लिए वेंटिलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन सप्लाई, एचएफएनओ आदि बेड के साथ लगा दिए जाएंगे।
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कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली में एनआईसीय वार्ड स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के आधा दर्जन निजी अस्पतालों में उनकी क्षमता के अनुसार एनआईसीयू वार्ड विकसित करने के लिए कह दिया गया है। इसमें नाजरेथ, कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल, जागृति, सृजन, यूनाइटेड और शंभुनाथ मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाया जाएगा।
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फिलहाल बच्चों के लिए एनआईसीयू बनाने का काम बेली में पूरा कर लिया गया है जबकि एसआरएन में बनाया जा रहा है। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। लोक निर्माण विभाग की टीम ने वहां मौका मुआयना कर लिया है। एसआरएन चिकित्सालय में बच्चों के लिए 85 बेड का एनआईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर इसेे विकसित भी किया जाएगा। जबकि, बेली में 20 बेड का वार्ड पहले से तैयार है, उसे अपग्रेड किया गया । एनआईसीयू वार्ड में बच्चों के लिए वेंटिलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन सप्लाई, एचएफएनओ आदि बेड के साथ लगा दिए जाएंगे।
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prayagraj news : कोविड अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचीं सांसद रीता बहुगुणा जोशी और साथ में डीएम भानुचंद्र गोस्वामी।
- फोटो : prayagraj
बेली को मिले 25 ऑक्सीजन कंन्सटेटर व छह यूमिडीफायर
कोरोना की दूसरी लहर से लड़ने के साथ तीसरी लहर के लिए भी तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने बेली अस्पताल पहुंचकर नवनिर्मित एनआईसीयू वार्ड के लिए 25 ऑक्सीजन कंसेंटेटर, 15 बाईपैप, छह यूमिडोफायर दिए। कहा, इन उपकरणों को एनआईसीयू वार्ड में स्थापित कर दिया जाए जिससे संक्रमित होने वाले बच्चों के उपचार में कोई दिक्कत न आए।शुक्रवार को बेली हॉस्पिटल पहुंचीं प्रो.रीता बहुगुणा जोशी एवं जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी ने 20 बेड के नवनिर्मित एनआईसीयू वार्ड को देखा। कहा, कोरोना की आने वाली तीसरी लहर के लिए पहले से तैयारी किया जाना बहुत ही जरूरी है। जैसा कि संभावना जताई जा रही है कि तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की आशंका है। लिहाजा, ऐसी आशंकाओं को देखते हुए तैयारी में कमी न की जाए। वार्ड में ऑक्सीजन सहित अन्य चिकित्सकीय उपकरण भी सुव्यस्थित रखें।
बेली अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना से हो रही मौतों को कम करने में पूरी तरह से काम कर रही है। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को अस्पताल में भर्ती मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था बनाए रखने सहित साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर बेली अस्पताल की सीएमएस सहित अन्य चिकित्सकगण उपस्थित थे।
मंत्री डॉ महेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
आज प्रभारी मंत्री करेंगे कोविड से बचाव की समीक्षा
प्रभारी मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह शनिवार को कोविड संक्रमण की स्थिति तथा उससे बचाव के इंतजामों की समीक्षा करेंगे। बैठक आईसीसीसी में दिन में तीन बजे से होगी। इसके बाद वह सोरांव के दादूपुर गांव का निरीक्षण भी करेंगे। कोविड-19 गाइडलाइन का पालन नहीं कराना चिकित्सीय प्रभारी को भारी पड़ा। मंडलायुक्त संजय गोयल ने प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया। वहीं सराहनीय कार्य के लिए एक ग्राम पंचायत अधिकारी को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।मंडलायुक्त के साथ डीएम भानु चंद्र गोस्वामी और सीडीओ शिपू गिरी समेत अनेक अफसरों ने शुक्रवार को सोरांव तहसील के रामपुर एवं सहजीपुर ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कौड़िहार स्थित प्राथमिक विद्यालय रामपुर में अफसरों ने निगरानी समिति सदस्यों एवं आशा कार्यकत्रियों से कोविड-19 गाइडलाइंस के अनुपालन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
असंतोषजनक जवाब पर उन्होंने पूरे स्टाफ को फिर से प्रशिक्षण दिए जाने का निर्देश दिया। साथ ही मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज दीपक तिवारी को फटकार लगाई। सीडीओ ने बताया कि दीपक को पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है। इस पर मंडलायुक्त ने प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसके बाद अफसर सहजीपुर प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, जहां सबकुछ व्यवस्थित मिला। इस पर उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रिया तिवारी को प्रशस्ति पत्र दिया। निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव आदि भी मौजदू रहे।