स्टाफ नर्स के पॉजिटिव आने से भर्ती मरीजों, तीमाररदारों पर आफत
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की सर्जरी इमरजेंसी की स्टाफ नर्स के पॉजिटिव आने के बाद वहां भर्ती मरीजों के लिए आफत खड़ी हो गई है। सर्जरी इमरजेंसी में 50 से अधिक मरीज भर्ती हैं और इससे अधिक संख्या में उनके तीमारदार भी हर वक्त उनकी देखभाल के लिए लगे रहते हैं।
स्टाफ नर्स के पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। एसआईसी ने मैटर्न को निर्देश दिया है कि सर्जरी इमजरेंसी में तैनात सभी पैरामेडिकल स्टाफ की सोमवार सुबह जांच कराई जाए। इसके लिए तकनीशियनों को भी निर्देश दिया गया है। कहा जा रहा है कि सर्जरी इमरजेंसी के एक जूनियर डॉक्टर, नर्स और वार्ड ब्यॉय को भी कई दिनों से बुखार आ रहा है।
गंभीर बात यह भी है कि स्टाफ नर्स ने शनिवार तक बुखार होने के बावजूद अपनी ड्यूटी की हैं। यानी वह शनिवार तक लोगों के संपर्क में आईं हैं। स्टाफ नर्स का स्वाब सैंपल चार दिन पूर्व कार्डियोलॉजी में भर्ती एक मरीज के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लिया गया था। उनके साथ एक और दूसरी नर्स की कोरोना की जांच कराई गई थी।
दूसरे नर्स की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन स्टाफ नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इससे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में हड़कंप मच गया है। नर्सों का कहना है कि स्टाफ नर्स का स्वाब सैंपल लेने के बाद ड्यूटी कराई गई। उनको क्वारंटीन नहंी किया गया। यहां तक कि यह भी झूठी सूचना रिपोर्ट आने से पहले दे दी गई कि वह कोरोना पॉजिटिव नहीं है।
बताया जा रहा है कि सर्जरी इमरजेंसी में कई दिन पहले एक जूनियर रेजिडेंट को बुखार-खांसी की शिकायत थी। उन्होंने जांच नहीं कराई और वे छुट्टी पर चले गए हैं। उसके बाद स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय को बुखार की शिकायत हुई है। सूचना मिल रही है कि वार्ड ब्वॉय को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
फिलहाल स्थिति को देखते हुए एसआईसी ने सोमवार को सभी को जांच कराने को कहा है। एसआईसी डॉ0 एके श्रीवास्तव ने कहा कि स्टाफ नर्स के संपर्क में आने वाले परिजनों के साथ सभी लोगोें की चिह्नित कर जांच कराई जाएगी। सोमवार को सर्जरी इमरजेंसी के सभी कर्मचारियों, जूनियर रेजिडेंट्स, सीनियर फैकेल्टी मेंबरों की जांच कराई जाएगी।