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राम जन्मभूमि आतंकी हमले पर कल आ सकता है फैसला, नैनी जेल में बंद हैं चारों आरोपी
Mon, 17 Jun 2019 02:06 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Jun 2019 02:06 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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राम जन्मभूमि परिसर में हुए आतंकी हमले में अदालत कल फैसला सुना सकती है। बीते मंगलवार को इस मुकदमे में अभियोजन ने अपनी बहस समाप्त कर दी है। अब अदालत को फैसला सुनाना है। सुनवाई के लिए गठित स्पेशल कोर्ट ने नैनी जेल में मामले की सुनवाई की।
यहां आतंकी हमले के चार आरोपी बंद हैं। सुरक्षा कारणों से पूरी सुनवाई जेल परिसर में ही की गई। स्पेशल कोर्ट जज दिनेश चंद्र ने मामले की सुनवाई की।
जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चन्द अग्रहरि ने अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। अयोध्या में पांच जुलाई 2005 अत्याधुनिक हथियारों से लैश पांच आतंकियों ने हमला कर दिया था। इनका इरादा बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने का था।
सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में ये सभी आतंकी मौके पर ही मारे गए। आतंकियों ने रामलला मंदिर के पास आत्मघाती विस्फोट भी किया था। घटना में दो नागरिकों की मौत हो गई थी और सात लोगों को गंभीर चोटें आई थीं।
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यहां आतंकी हमले के चार आरोपी बंद हैं। सुरक्षा कारणों से पूरी सुनवाई जेल परिसर में ही की गई। स्पेशल कोर्ट जज दिनेश चंद्र ने मामले की सुनवाई की।
जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चन्द अग्रहरि ने अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए। अयोध्या में पांच जुलाई 2005 अत्याधुनिक हथियारों से लैश पांच आतंकियों ने हमला कर दिया था। इनका इरादा बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने का था।
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सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में ये सभी आतंकी मौके पर ही मारे गए। आतंकियों ने रामलला मंदिर के पास आत्मघाती विस्फोट भी किया था। घटना में दो नागरिकों की मौत हो गई थी और सात लोगों को गंभीर चोटें आई थीं।
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मारे गए आतंकियों के पास से बरामद मोबाइल सिम की जांच से पांच अभियुक्तों आसिफ इकबाल उर्फ फारुक, मो. शकील, मो. अजीज और मो. नसीम का नाम प्रकाश में आया था, जिन्हें 28 जुलाई 2005 को और डा. इरफान को इसके पूर्व ही 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। इन सब ने मिलकर हमले की साजिश रची और हथियार जुटाए थे।
हाईकोर्ट ने आठ दिसंबर 2006 को मुकदमे की पत्रावली फैजाबाद जिला न्यायालय से जिला न्यायालय इलाहाबाद को सुनवाई के लिए अंतरित किए जाने का आदेश दिया था।
अभियोजन की ओर से कुल 57 गवाह पेश किए गए और कोर्ट द्वारा तलब सात गवाहों सहित कुल 63 गवाह पेश किए गए है। मुकदमे में लगभग तीन सौ से अधिक तारीखों पर सुनवाई की गई है।
पीठासीन अधिकारी के स्थानांतरण के कारण दो बार प्रकरण में निर्णय टल भी चुका है। अभियोजन की बहस समाप्त होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई, जिसके जवाब में अभियोजन ने अपना पक्ष रखा। बीते मंगलवार को सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने 18 जून को फैसले की तारीख नियत की है।
हाईकोर्ट ने आठ दिसंबर 2006 को मुकदमे की पत्रावली फैजाबाद जिला न्यायालय से जिला न्यायालय इलाहाबाद को सुनवाई के लिए अंतरित किए जाने का आदेश दिया था।
अभियोजन की ओर से कुल 57 गवाह पेश किए गए और कोर्ट द्वारा तलब सात गवाहों सहित कुल 63 गवाह पेश किए गए है। मुकदमे में लगभग तीन सौ से अधिक तारीखों पर सुनवाई की गई है।
पीठासीन अधिकारी के स्थानांतरण के कारण दो बार प्रकरण में निर्णय टल भी चुका है। अभियोजन की बहस समाप्त होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई, जिसके जवाब में अभियोजन ने अपना पक्ष रखा। बीते मंगलवार को सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने 18 जून को फैसले की तारीख नियत की है।